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मसूड़ों की सूजन में राहत, आचार्य बालकृष्ण ने बताया घरेलू उपाय

Ashish verma
4 Oct 2026 2:49 PM IST
मसूड़ों की सूजन में राहत, आचार्य बालकृष्ण ने बताया घरेलू उपाय
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लाइफस्टाइल ; इसी बीच आचार्य बालकृष्ण ने मसूड़ों से जुड़ी इस समस्या को लेकर एक घरेलू उपाय साझा किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि गुनगुने पानी में नींबू का रस और थोड़ा सा नमक मिलाकर कुल्ला करने से मसूड़ों को राहत मिल सकती है। यह उपाय खासतौर पर शुरुआती स्तर की परेशानी में आजमाया जाने वाला घरेलू तरीका बताया गया है।

आचार्य बालकृष्ण के बताए तरीके के मुताबिक सबसे पहले गुनगुना पानी लिया जाता है। इसमें थोड़ी मात्रा में नींबू का रस और थोड़ा सा नमक मिलाया जाता है। इसके बाद इस मिश्रण से कुल्ला करने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि कुल्ला करने से मुंह की साफ-सफाई में मदद मिल सकती है और मसूड़ों में जमा गंदगी या बैक्टीरिया के कारण होने वाली परेशानी को कम करने में कुछ राहत मिल सकती है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी भी घरेलू उपाय को इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। मसूड़ों में लगातार सूजन, तेज दर्द, बार-बार खून आना, मसूड़ों से पस निकलना या दांतों में हिलने जैसी समस्या होने पर दंत चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है। कई बार मसूड़ों की सूजन के पीछे सिर्फ सामान्य गंदगी नहीं, बल्कि मसूड़ों की बीमारी, प्लाक या टार्टर जैसी समस्या भी हो सकती है।

मसूड़ों में सूजन क्यों होती है?

मसूड़ों में सूजन के कई कारण हो सकते हैं। नियमित रूप से ब्रश न करना, दांतों पर प्लाक जमा होना, मुंह की ठीक से सफाई न रखना और दांतों के बीच भोजन के कण फंसना इसके सामान्य कारणों में शामिल हो सकते हैं। कुछ लोगों में मसूड़ों की संवेदनशीलता के कारण भी जलन और सूजन की शिकायत हो सकती है।

इसके अलावा धूम्रपान और तंबाकू का सेवन भी ओरल हेल्थ के लिए नुकसानदायक माना जाता है। लंबे समय तक मुंह की सफाई पर ध्यान नहीं देने से मसूड़ों की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में घरेलू उपाय से थोड़ी देर के लिए राहत मिलने के बावजूद मूल कारण का पता लगाना जरूरी है।

गुनगुने पानी में नींबू-नमक का कुल्ला कैसे करें?

आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए गए उपाय में गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए। उसमें थोड़ी मात्रा में नींबू का रस और नमक मिलाकर कुल्ला किया जा सकता है। कुल्ला करते समय मिश्रण को मुंह के अंदर घुमाने के बाद बाहर निकाल देना चाहिए। इसे निगलने से बचना चाहिए।

इस तरह के घरेलू उपाय को अपनाते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी व्यक्ति को नींबू या अन्य सामग्री से संवेदनशीलता या जलन की समस्या हो तो इसका इस्तेमाल न करें। नींबू की अम्लीय प्रकृति के कारण ज्यादा या बार-बार इस्तेमाल करने से दांतों की सतह को नुकसान पहुंचने की आशंका भी हो सकती है। इसलिए इसे जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

सिर्फ कुल्ला ही काफी नहीं

मसूड़ों की सेहत बनाए रखने के लिए केवल किसी घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहना सही नहीं है। रोजाना कम से कम दो बार दांतों को अच्छी तरह ब्रश करना, दांतों के बीच फंसे भोजन को साफ करना और मुंह की नियमित सफाई रखना जरूरी है। बहुत ज्यादा जोर लगाकर ब्रश करने के बजाय नरम ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है।

अगर ब्रश करते समय लगातार खून आता है या मसूड़े लाल और सूजे हुए दिखाई देते हैं, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती चरण में ध्यान देने से कई ओरल हेल्थ समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर मसूड़ों की सूजन कई दिनों तक बनी रहती है, दर्द बढ़ता जाता है या बार-बार ब्लीडिंग होती है, तो दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। चेहरे या मसूड़ों में ज्यादा सूजन, बुखार, पस, तेज दर्द या मुंह खोलने में परेशानी जैसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

आचार्य बालकृष्ण का यह घरेलू उपाय शुरुआती स्तर की परेशानी में राहत के लिए बताया गया है, लेकिन हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए मसूड़ों की समस्या बार-बार होने पर उसके वास्तविक कारण का पता लगाना सबसे महत्वपूर्ण है। अच्छी ओरल हाइजीन, नियमित ब्रशिंग और समय-समय पर डेंटल चेकअप मसूड़ों और दांतों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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