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500 साल पुरानी परंपरा से निकला रणवीर सिंह का सुकून देने वाला गाना

nidhi
4 Sept 2026 1:18 PM IST
500 साल पुरानी परंपरा से निकला रणवीर सिंह का सुकून देने वाला गाना
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बंगाल की लोक धुन

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म 'लुटेरा' का लोकप्रिय गाना 'मोंटा रे' आज भी सुनने वालों के दिल को शांति और सुकून का एहसास कराता है। इस गाने की खासियत सिर्फ इसकी मधुर धुन नहीं, बल्कि इसमें छिपी बंगाल की करीब 500 साल पुरानी लोक संगीत परंपरा भी है।

बंगाल के लोक संगीत की झलक
'मोंटा रे' में बंगाल के पारंपरिक लोक संगीत की शैली बाउल परंपरा की झलक देखने को मिलती है। बाउल संगीत में इंसान के मन, आत्मा, प्रेम और आध्यात्मिक खोज को गीतों के जरिए व्यक्त किया जाता है। यही वजह है कि इस गाने की धुन सुनते ही मन को एक अलग तरह की शांति महसूस होती है।
प्रकृति और आत्मा से जुड़ी भावनाएं
बंगाल के लोक गीतों की खासियत है कि इनमें जीवन की सादगी, प्रकृति, प्रेम और आध्यात्मिक भावनाओं को जगह दी जाती है। 'मोंटा रे' भी इसी भावनात्मक दुनिया को दर्शाता है, जहां संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि मन की यात्रा बन जाता है।
रणवीर सिंह की फिल्म का यादगार गीत
फिल्म 'लुटेरा' में रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा की कहानी के साथ यह गीत भावनाओं को गहराई देता है। इसकी धीमी धुन, लोक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल और आत्मीय आवाज इसे बाकी बॉलीवुड गानों से अलग बनाती है।
आज भी लोगों की पसंद क्यों है?
तेज रफ्तार जिंदगी में ऐसे गीत लोगों को ठहरने और खुद से जुड़ने का मौका देते हैं। यही कारण है कि रिलीज के कई साल बाद भी 'मोंटा रे' को लोग शांति देने वाला और दिल को छू लेने वाला गीत मानते हैं।
बंगाल की पुरानी लोक परंपरा और आधुनिक सिनेमा के मेल ने इस गाने को एक यादगार संगीत अनुभव बना दिया है।
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