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पित्त दोष से हो सकती हैं कई दिक्कतें, जानें बचाव के उपाय

Lifestyle लाइफस्टाइल : गर्मी का असर केवल शरीर को बाहर से ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि अंदरूनी स्वास्थ्य पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सुनीता के अनुसार, गर्मियों के मौसम में शरीर में पित्त दोष तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे कई तरह की शारीरिक समस्याएं सामने आने लगती हैं। आयुर्वेद में शरीर को तीन दोषों—वात, पित्त और कफ—में विभाजित किया गया है। इन तीनों के बीच संतुलन बना रहना जरूरी होता है, क्योंकि असंतुलन की स्थिति में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. सुनीता बताती हैं कि गर्मियों में पित्त दोष बढ़ने से शरीर में अत्यधिक गर्मी महसूस होने लगती है। व्यक्ति को बार-बार प्यास लगती है और शरीर में जलन जैसी समस्या महसूस हो सकती है। इसके अलावा त्वचा पर रैशेज, खुजली और जलन जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। कई लोगों में गर्दन और सीने में जलन की शिकायत भी आम हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पित्त बढ़ने का असर केवल बाहरी लक्षणों तक सीमित नहीं रहता। इसका असर बालों और त्वचा पर भी दिखाई देता है। इस स्थिति में बाल झड़ने लगते हैं, समय से पहले सफेद होने लगते हैं और चेहरे पर पिंपल्स निकलने की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा शरीर में अधिक पसीना आना भी पित्त दोष बढ़ने का एक संकेत माना जाता है।
गर्मियों में पित्त दोष को नियंत्रित रखने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। आयुर्वेद के अनुसार, ऐसे मौसम में हल्का और ठंडक देने वाला भोजन करना चाहिए। ताजे फल, नारियल पानी, खीरा, तरबूज और छाछ जैसे पदार्थ शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और पित्त को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
वहीं दूसरी ओर, अधिक मसालेदार, तला-भुना और तीखा भोजन पित्त को और बढ़ा सकता है, इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। चाय, कॉफी और अत्यधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन भी सीमित करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर की गर्मी को बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा दिनचर्या में भी बदलाव जरूरी होता है। धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचना चाहिए और शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और हल्के कपड़े पहनना भी पित्त दोष को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दिया जाए और सही खानपान व जीवनशैली अपनाई जाए तो पित्त दोष से होने वाली कई समस्याओं से बचा जा सकता है। गर्मियों में संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाकर शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखा जा सकता है।





