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एक बार फिर आया दिल्ली प्रदूषण की चपेट में, इसे रोकने और नियंत्रण करने लिए जानिए यह 4 काम

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। साल का वो समय एक बार फिर आ गया जब दिल्ली और उसके आसपास का इलाका भयानक प्रदूषण की चपेट में आ जाता है। हर साल पहले फसलों को जलाने और फिर दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता जीवित प्राणियों के लिए खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है। पिछले साल इसी समय हवा का स्तर इतना गिर गया था कि पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) ने भारतीय राजधानी दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी थी।
हालांकि, साल 2020 में कोरोना वायरस महामारी के दौरान लगाए गए लॉकडाउन का एक फायदा ये हुआ कि राजधानी की हवा बिल्कुल साफ और सांस लेने लायक हो गई। जो आसमान धुएं और स्मॉग से भरा होता था, वो नीला दिखने लगा और चिड़ियों को चहचहाहट भी सुनने को मिलने लगी। लेकिन, जैसे-जैसे सड़कों पर ट्रेफिक बढ़ना शुरू हुआ है, कारखाने फिर खुल गए हैं, फसलों का जलाना भी शुरू हो गया है, वैसे ही दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण भयानक स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
पिछले साल दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के कारण दिल्ली के सभी स्कूल 5 नवंबर तक बंद कर दिया था। जिसके बाद दिल्ली की सड़कों पर ज़्यादातर लोग मास्क पहने नज़र आने लगे थे।
हालांकि, मास्क तो लोग अब भी पहन रहे हैं, लेकिन इससे या फिर घर पर ही रहने से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में महिलाओं, बच्चों, बुज़ुर्गों या फिर पुरुषों प्रदूषण से पूरी तरह नहीं बच सकते। इसलिए, आज हम बता रहे हैं कि बढ़ते हुए प्रदूषण से किस तरह बचा जा सकता है और प्रदूषण के कारण बीमार होने की संभावना से बचने के लिए या कैसे अपनी इम्यूनिटी बढ़ाई जा सकती है।
जितना हो सके घर के अंदर ही रहें।
- इस दौरान घर से बाहर एक्सरसाइज़ न करें। आप घर पर या फिर जिम में वर्कआउट कर सकते हैं।
- बिना मास्क पहने घर से बाहर न निकलें।
- अगर बाहद का तापमान कम है या फिर ठंडी हवाएं चल रही हैं तो कोशिश करें कि बाहर न जाएं।
- कूड़े, घास, लकड़ी और प्लास्टिक को न जलाएं।
खान-पान में भी करें बदलाव
एक संतुलित और स्वस्थ डाइट आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाती है और हवा में पाए जाने वाले टॉक्सिन्स से शरीर को लड़ने के लिए मज़बूत बनाती है। अपने खाने में ऐसी चीज़ें शामिल करें जो पोषक तत्वों से भरपूर और एंटी-इंफ्लामेट्री हों, साथ ही डिटॉक्स में मदद करे और इम्यून पॉवर को बढ़ाए। खासकर, खाने में विटामिन-सी को ज़रूर शामिल करें। आमला, अमरूद, नींबू, संतरे आदि में विटामिन-सी की अच्छी मात्रा होती है।
यहां तक कि विटामिन-ई भी एंटीऑक्सीडेंट्स का बड़ा स्रोत है। ये आपको सूरजमुखी के बीजों, बादाम, एवाकाडोज़, मूंगफली, ब्रैन ऑइल, सैलमन, पाइन नट्स, ब्राज़ील नट्स में मिलेगा। कोई भी खाना जो श्वसन अंगों को ठीक कर सकता है या आराम दे सकता है, उसे सप्ताह में कम से कम एक बार इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ग्रीन-टी, हर्बल चाय (अदरक, काली मिर्च, लौंग, तुलसी), हल्दी दूध और अन्य प्राकृतिक एंटी-एलर्जी खाद्य पदार्थ मददगार साबित हो सकते हैं।
कितने उपयोगी होते हैं मास्क?
हालांकि, लोग कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए मास्क का पूरा उपयोग कर रहे हैं और मास्क प्रदूषण के हानिकारक कणों को सांस के द्वारा शरीर में पहुंचने से रोकते है। हालांकि, हर मास्क आपको प्रदूषण से नहीं बचाएगा। मास्क 95 और मास्क 99 लेने की सलाह दी जाती है और यह मार्केट में आसानी से उपलब्ध भी होते हैं।
अपने घर के अंदर की हवा को कैसे साफ रखें?
प्रदूषण के सबसे प्रभावी समाधानों में से एक पौधे हैं, लेकिन दुख की बात है कि हम में से कई लोग स्कूल में पढ़ाए गए विज्ञान के पाठों को भूल गए हैं। अपने घर में छोटे-छोटे एलो-वेरा या स्पाइडर प्लांट के पौधे लगाएं। ये आपके घर की हवा को काफी हद तर ताज़ा रखेंगे।





