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पुराने तांबे-पीतल के बर्तन भी चमकेंगे नए जैसे, जानें गेहूं वाला घरेलू नुस्खा

Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 5:37 PM IST
पुराने तांबे-पीतल के बर्तन भी चमकेंगे नए जैसे, जानें गेहूं वाला घरेलू नुस्खा
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Copper Brass Cleaning Tips: घरों में तांबे और पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल वर्षों से होता आ रहा है। खासकर पूजा-पाठ, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में इन बर्तनों का विशेष महत्व है। लेकिन समय के साथ तांबे और पीतल के बर्तन अपनी चमक खोने लगते हैं। उन पर काले, भूरे या हरे रंग के दाग दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में कई लोग इन्हें साफ करने के लिए बाजार से महंगे पॉलिश और केमिकल क्लीनर खरीदते हैं। हालांकि, रसोई में मौजूद कुछ साधारण चीजों की मदद से भी इन बर्तनों की सफाई की जा सकती है।
अगर आपके घर में भी तांबे के लोटे, पीतल की थाली, पूजा की घंटी, दीपक या अन्य बर्तन काले पड़ गए हैं, तो गेहूं के आटे से तैयार घरेलू पेस्ट आजमा सकते हैं। इस उपाय में आटे के साथ नींबू और थोड़ी मात्रा में नमक इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, यह तरीका बिना कोटिंग वाले सामान्य घरेलू बर्तनों के लिए है। पुराने, कीमती या विशेष पॉलिश वाले बर्तनों पर इसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
तांबे और पीतल के बर्तन काले क्यों पड़ जाते हैं?
तांबा और पीतल हवा, नमी तथा आसपास मौजूद कुछ रासायनिक पदार्थों के संपर्क में आने से धीरे-धीरे अपनी चमक खोने लगते हैं। इन धातुओं की सतह पर ऑक्सीकरण के कारण रंग में बदलाव आने लगता है।तांबे के बर्तनों पर कई बार भूरे या हरे रंग की परत दिखाई देती है। वहीं, पीतल के बर्तन धीरे-धीरे फीके और काले नजर आने लगते हैं।इसके अलावा तेल, धूल, पानी के दाग और नियमित सफाई नहीं होने के कारण भी बर्तनों की चमक कम हो सकती है।ऐसे में सही तरीके से सफाई करने पर सतह पर जमी गंदगी और कुछ प्रकार के दाग हटाए जा सकते हैं।
गेहूं के आटे से कैसे चमकेंगे बर्तन?
गेहूं के आटे का इस्तेमाल केवल रोटी या अन्य खाद्य पदार्थ बनाने में ही नहीं, बल्कि घरेलू सफाई के कुछ उपायों में भी किया जाता है।आटा पानी या नींबू के रस के साथ मिलकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करता है। यह पेस्ट बर्तन की सतह पर टिक सकता है और सफाई के दौरान गंदगी हटाने में मदद करता है।इस मिश्रण में नींबू का रस मिलाने से उसकी अम्लीय प्रकृति के कारण धातु पर जमी कुछ ऑक्साइड परतों को हटाने में मदद मिल सकती है।हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्य सफाई प्रभाव नींबू से आता है। गेहूं का आटा पेस्ट को गाढ़ा बनाने में मदद करता है। इसलिए इसे हर तरह के दाग के लिए चमत्कारी उपाय नहीं समझना चाहिए।
बर्तन साफ करने के लिए चाहिए ये सामान
इस घरेलू उपाय को आजमाने के लिए आपको बहुत अधिक सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी। रसोई में आसानी से उपलब्ध चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- दो बड़े चम्मच गेहूं का आटा
- एक से दो चम्मच नींबू का रस
- एक छोटी चुटकी नमक
- जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी
- मुलायम कपड़ा या स्पंज
- बर्तन सुखाने के लिए साफ सूती कपड़ा
नमक का इस्तेमाल बहुत कम मात्रा में करें। इससे सतह पर खरोंच या धातु को नुकसान पहुंचने का जोखिम कम रखा जा सकता है।
इस तरह तैयार करें सफाई वाला पेस्ट
सबसे पहले एक छोटी कटोरी में दो बड़े चम्मच गेहूं का आटा डालें। इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं।इसके बाद आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। यदि जरूरत महसूस हो, तो बहुत थोड़ी मात्रा में बारीक नमक मिला सकते हैं।मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि बर्तन की सतह पर आसानी से लगाया जा सके।पेस्ट बनाते समय ध्यान रखें कि उसमें आटे की सूखी गांठें न रह जाएं। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद तुरंत इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।
तांबे और पीतल के बर्तन साफ करने का तरीका
सबसे पहले बर्तन को सामान्य पानी से धोकर उसकी सतह पर जमी धूल और गंदगी हटा दें।इसके बाद तैयार पेस्ट को बर्तन के किसी छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर लगाकर परीक्षण करें।अगर सतह पर रंग खराब होने या खरोंच पड़ने जैसी समस्या नहीं दिखती, तो पेस्ट को बाकी हिस्से पर भी लगा सकते हैं।मुलायम कपड़े की मदद से मिश्रण को धीरे-धीरे फैलाएं। इसे लंबे समय तक छोड़ने के बजाय थोड़ी देर बाद हल्के हाथों से साफ करें।बर्तन को जोर से रगड़ने या खुरदरे स्क्रबर का इस्तेमाल करने से बचें।सफाई के बाद बर्तन को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि नींबू, नमक और आटे का कोई अवशेष न रह जाए।इसके बाद सूखे सूती कपड़े से पूरी तरह पोंछ लें।
क्या पुराने से पुराना बर्तन चमक जाएगा?
यह घरेलू उपाय सामान्य ऑक्सीकरण और सतही दाग हटाने में मदद कर सकता है। लेकिन हर बर्तन की चमक पूरी तरह वापस आ जाए, यह जरूरी नहीं है।अगर बर्तन की सतह पर गहरी खरोंचें हैं, धातु खराब हो चुकी है या उस पर मोटी परत जम गई है, तो घरेलू उपाय से सीमित परिणाम मिल सकते हैं।कुछ बर्तनों पर सुरक्षा के लिए विशेष कोटिंग या लाख की परत भी चढ़ाई जाती है। ऐसी सतह पर नींबू या नमक लगाने से नुकसान हो सकता है।विशेषज्ञ संस्थाओं के अनुसार, पीतल पर नमक और अम्लीय पदार्थों का अनुचित इस्तेमाल धातु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए पेस्ट को लंबे समय तक लगाकर नहीं छोड़ना चाहिए और सफाई के बाद बर्तन को अच्छी तरह धोना जरूरी है।
इन गलतियों से बचना है जरूरी
तांबे और पीतल के बर्तन साफ करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।पहली बात, बर्तनों पर स्टील वूल या बहुत खुरदरे स्क्रबर का इस्तेमाल न करें। इससे सतह पर स्थायी खरोंच पड़ सकती है।दूसरी बात, नींबू और नमक के मिश्रण को बहुत देर तक बर्तन पर नहीं छोड़ें।
तीसरी बात, पुराने सिक्कों, ऐतिहासिक वस्तुओं और विरासत में मिले कीमती बर्तनों पर घरेलू सफाई के नुस्खे इस्तेमाल न करें। इनकी मूल सतह और ऐतिहासिक पहचान को नुकसान पहुंच सकता है।चौथी बात, यदि बर्तन का इस्तेमाल खाना बनाने या पानी पीने के लिए होता है, तो सफाई के बाद उसे अच्छी तरह धोना जरूरी है।इसके अलावा यदि तांबे या पीतल के बर्तन पर हरे रंग की परत, गहरा क्षरण या अंदरूनी कोटिंग खराब होने के संकेत दिखाई दें, तो उसे भोजन या पेय पदार्थ रखने के लिए इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
बर्तनों की चमक लंबे समय तक कैसे बनाए रखें?
तांबे और पीतल के बर्तनों को बार-बार साफ करने से बेहतर है कि उनकी नियमित देखभाल की जाए।बर्तनों को इस्तेमाल करने के बाद धोकर पूरी तरह सुखा लें। नमी बनी रहने पर उनकी सतह जल्दी खराब हो सकती है।पूजा के बर्तनों पर तेल, घी और अगरबत्ती की राख जमने न दें। नियमित रूप से मुलायम कपड़े से सफाई करते रहें।साथ ही बर्तनों को बहुत अधिक नमी वाली जगह पर रखने से बचें।
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