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हर ब्यूटी ट्रेंड नहीं है सही, जानें त्वचा की देखभाल के तरीके

nidhi
7 Nov 2026 11:19 AM IST
हर ब्यूटी ट्रेंड नहीं है सही, जानें त्वचा की देखभाल के तरीके
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वायरल स्किनकेयर प्रोडक्ट
लाइफस्टाइल डेस्क: सोशल मीडिया पर इन दिनों स्किनकेयर से जुड़े वीडियो और ब्यूटी ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहे हैं। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म पर नए-नए सीरम, फेस मास्क, क्रीम और स्किनकेयर रूटीन को लेकर तरह-तरह के दावे किए जाते हैं। कई लोग इन वीडियो को देखकर बिना अपनी त्वचा की जरूरत समझे महंगे प्रोडक्ट खरीद लेते हैं। हालांकि, त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, हर वायरल स्किनकेयर प्रोडक्ट सभी लोगों के लिए सुरक्षित या प्रभावी नहीं होता। किसी एक व्यक्ति की त्वचा पर अच्छा असर दिखाने वाला प्रोडक्ट दूसरे व्यक्ति के लिए जलन, लालिमा या एलर्जी का कारण बन सकता है। भारत में मौसम और पर्यावरण की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। कहीं तेज गर्मी और उमस रहती है तो कहीं सर्दियों में त्वचा अधिक रूखी हो जाती है। इसके अलावा धूप, प्रदूषण और व्यक्तिगत त्वचा संबंधी समस्याएं भी स्किनकेयर की जरूरतों को प्रभावित करती हैं। इसलिए भारतीय लोगों के लिए कोई एक विशेष स्किनकेयर रूटीन तय नहीं किया जा सकता। सही प्रोडक्ट का चुनाव त्वचा के प्रकार, उसकी संवेदनशीलता और मौजूदा समस्याओं के आधार पर करना चाहिए।
त्वचा की देखभाल करते समय सबसे जरूरी बात अपनी स्किन टाइप को पहचानना है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को ऐसे प्रोडक्ट चुनने चाहिए जो रोमछिद्रों को बंद न करें। वहीं रूखी त्वचा के लिए पर्याप्त नमी देने वाले मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकते हैं। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खुशबू और जलन पैदा करने वाले तत्वों से सावधान रहना चाहिए। स्किनकेयर में सबसे आम गलती एक साथ कई नए प्रोडक्ट इस्तेमाल करना है। कुछ लोग जल्दी परिणाम पाने के लिए विटामिन सी, रेटिनॉल, एक्सफोलिएटिंग एसिड और दूसरे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को बिना सही जानकारी के इस्तेमाल करने लगते हैं। इससे त्वचा में जलन, सूखापन और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। विशेष रूप से रेटिनॉल और ग्लाइकोलिक एसिड जैसे तत्व कुछ लोगों की त्वचा में परेशानी पैदा कर सकते हैं।
किसी भी नए स्किनकेयर प्रोडक्ट को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना समझदारी है। प्रोडक्ट को बांह के अंदरूनी हिस्से जैसी छोटी जगह पर निर्देशानुसार सात से दस दिनों तक जांचा जा सकता है। यदि लालिमा, खुजली या सूजन दिखाई दे तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। त्वचा की देखभाल में सनस्क्रीन को नजरअंदाज करना भी बड़ी गलती है। भारतीय मौसम में तेज धूप के कारण त्वचा पर टैनिंग और पिगमेंटेशन की समस्या बढ़ सकती है। विशेषज्ञ कम से कम SPF 30 वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। बाहर रहने पर इसे लगभग हर दो घंटे में दोबारा लगाना चाहिए, विशेष रूप से पसीना आने या पानी के संपर्क में आने के बाद।
कठोर स्क्रब इस्तेमाल करना और मॉइस्चराइजर छोड़ देना भी त्वचा की समस्याओं को बढ़ा सकता है। चेहरे को हल्के क्लींजर से साफ करना, त्वचा की जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाना और नियमित रूप से धूप से बचाव करना बेहतर स्किनकेयर की बुनियाद है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ त्वचा पाने के लिए महंगे प्रोडक्ट या दस चरणों वाले स्किनकेयर रूटीन की जरूरत हर किसी को नहीं होती। लगातार मुंहासे, खुजली, जलन या पिगमेंटेशन की समस्या होने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
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