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Lifestyle, लाइफस्टाइल : स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस की दुनिया में लंबे समय से माना जाता रहा है कि सुबह का नाश्ता दिन की सबसे महत्वपूर्ण भोजन है। डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट अक्सर यही सलाह देते आए हैं कि सुबह नाश्ता करना अनिवार्य है, ताकि दिन भर ऊर्जा बनी रहे और मेटाबॉलिज़्म सही ढंग से काम करे। लेकिन हाल ही में हुई नई रिसर्च ने इस सामान्य धारणा को चुनौती दी है।
अंतरराष्ट्रीय जर्नल ऑफ़ न्यूट्रिशनल साइंसेज में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि हर किसी के लिए सुबह का नाश्ता जरूरी नहीं है। शोधकर्ताओं ने 5,000 वयस्कों पर दो साल तक अध्ययन किया। इसमें देखा गया कि जिन लोगों ने सुबह नाश्ता छोड़ा, उनके मेटाबॉलिक रेट और ब्लड शुगर लेवल उन लोगों से लगभग समान रहे जिन्होंने नियमित नाश्ता किया। अध्ययन में यह भी पाया गया कि कई लोग, जो सुबह का नाश्ता छोड़ते हैं, दिन के दूसरे समय में आवश्यक कैलोरी ले लेते हैं और स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा।
शोधकर्ताओं का कहना है कि नाश्ते की जरूरत हर व्यक्ति के शरीर, उम्र, जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। कुछ लोगों के लिए नाश्ता उनके ऊर्जा लेवल और मानसिक फोकस के लिए जरूरी हो सकता है, जबकि दूसरों के लिए इसे छोड़ना कोई नुकसान नहीं पहुंचाता।
डॉ. एलेक्स मॉरिस, जिन्होंने इस रिसर्च का नेतृत्व किया, कहते हैं, “हमारा अध्ययन यह दिखाता है कि नाश्ता छोड़ना हमेशा हानिकारक नहीं है। यह मिथक कि नाश्ता छोड़ने से मोटापा बढ़ता है या मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है, हर किसी पर लागू नहीं होता। यह बहुत हद तक व्यक्तिगत जरूरतों पर निर्भर करता है।”
अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया कि सुबह नाश्ता छोड़ने वाले प्रतिभागियों में तनाव या थकान जैसी समस्या नहीं देखी गई। इसके विपरीत, कई प्रतिभागियों ने महसूस किया कि उनका पेट हल्का और ऊर्जा स्तर स्थिर रहा। शोधकर्ताओं ने बताया कि इंसुलिन सेंसिटिविटी और ब्लड शुगर कंट्रोल पर नाश्ता छोड़ने का कोई गंभीर नकारात्मक असर नहीं पड़ा।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिसर्च सभी के लिए सुबह का नाश्ता छोड़ने की सलाह नहीं देती। यह केवल यह संकेत देता है कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति सुबह का नाश्ता करे। बच्चों, किशोरों और उन लोगों के लिए जिनका ब्लड शुगर लेवल अस्थिर है, सुबह का नाश्ता अभी भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा, जो लोग लंबे समय तक बिना भोजन के रहते हैं, उनके लिए सुबह का नाश्ता ऊर्जा और मानसिक फोकस के लिए लाभकारी हो सकता है।
इस अध्ययन के निष्कर्ष से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य और फिटनेस के नियम हर किसी के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। नाश्ते को अनिवार्य मानना अब पुराने समय की सोच लगती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपनी शरीर की जरूरत और जीवनशैली के अनुसार ही नाश्ता करने या छोड़ने का निर्णय लें।
अंततः, यह रिसर्च न केवल सुबह के नाश्ते के महत्व पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी बताती है कि स्वास्थ्य संबंधी सलाह हमेशा व्यक्तिगत परिस्थितियों और शरीर की जरूरतों के हिसाब से होनी चाहिए। अब जरूरी नहीं कि सभी लोग सुबह उठते ही नाश्ता करें, बल्कि यह तय करना कि कब और कितना खाना है, व्यक्ति की दिनचर्या, ऊर्जा जरूरत और स्वास्थ्य लक्ष्यों पर निर्भर करता है।
नई रिसर्च ने यह साबित किया है कि सुबह का नाश्ता हर किसी के लिए अनिवार्य नहीं है। व्यक्तिगत जरूरत और जीवनशैली के अनुसार नाश्ता करना या छोड़ना दोनों ही सुरक्षित और प्रभावी हो सकता है।
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