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सरसों, नीम, अरंडी और बादाम: जानें नाभि पर कौन सा तेल लगाने से मिलेगा ज्यादा फायदा
SHIDDHANT
6 Feb 2026 11:06 PM IST

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Delhi दिल्ली। आयुर्वेद में शरीर के हर एक अंग का अपना महत्व है। इसी कड़ी में नाभि को ऊर्जा का केंद्र बताया गया है। गर्भावस्था में नाभि ही वह बिंदु है, जिससे माता और शिशु दोनों को पोषण मिलता है। यह हर उम्र के व्यक्ति की सेहत को बनाए रखने में अहम होती है। अगर रोजाना नाभि में तेल लगाया जाए तो यह पाचन, त्वचा, नींद और मानसिक संतुलन को सुधारने में मदद करता है। विज्ञान और आयुर्वेद दोनों मानते हैं कि नाभि के आसपास सैकड़ों नसें और रक्त वाहिकाएं जुड़ी होती हैं, इसलिए यहां तेल लगाना पूरे शरीर को पोषण देने जैसा होता है।
रोजाना नाभि में तेल लगाना शरीर को भीतर से संतुलित रखने में मदद करता है। इसके अनेकों फायदे हैं, जिनमें पाचन तंत्र को मजबूत बनाना, पेट की सूजन या गैस की समस्या को कम करना, मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करना, और मानसिक तनाव को कम करना शामिल हैं। इसके अलावा, यह हार्मोनल असंतुलन को सुधारता है और नींद की गुणवत्ता को सुधारता है। सही तेल का चयन करना बहुत जरूरी है क्योंकि हर तेल की अपनी खासियत होती है।
सरसों का तेल नाभि में लगाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। यह पेट की सूजन, गैस और भारीपन को कम करने में सहायक होता है। ठंडे मौसम में या जिन लोगों की कफ प्रकृति ज्यादा होती है, उनके लिए यह तेल विशेष रूप से लाभकारी है। नाभि में सरसों का तेल हल्के हाथों से मालिश करने से पेट के अंग सक्रिय होते हैं और भोजन आसानी से पचता है।
नीम या नारियल का तेल शरीर की गर्मी कम करने और रक्त शुद्ध करने में मदद करता है। यह त्वचा को साफ और हेल्दी बनाता है और मुंहासों जैसी समस्याओं में राहत देता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोग नारियल तेल को प्राथमिकता दे सकते हैं। नाभि में नीम या नारियल तेल की मालिश से शरीर में ठंडक बनी रहती है और त्वचा प्राकृतिक चमक पाती है।
अरंडी का तेल नाभि पर लगाने से जोड़ों के दर्द, अकड़न और सूजन में आराम मिलता है।
शुद्ध देसी गाय का घी नाभि में लगाने से शरीर को पोषण मिलता है और नर्वस सिस्टम शांत रहता है। यह हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन कम करने में मदद करता है। महिलाओं के लिए यह खासतौर से लाभकारी है। अनियमित पीरियड्स या कमजोरी की स्थिति में घी की मालिश से शरीर को मजबूती मिलती है।
बादाम का तेल नाभि में लगाने से नींद बेहतर आती है और चिंता कम होती है। यह मानसिक शांति देता है और तनाव को दूर करता है। सोने से पहले बादाम तेल की हल्की मालिश न केवल नींद की गुणवत्ता बढ़ाती है, बल्कि अगले दिन ऊर्जा और ताजगी भी प्रदान करती है।
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