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Lifestyle, लाइफस्टाइल : कई लोगों को कार, बस, ट्रेन या नाव में बैठते ही उल्टी, चक्कर और बेचैनी महसूस होने लगती है। सफर के दौरान यह समस्या आम है, लेकिन अक्सर लोग इसे हल्के में ले लेते हैं। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को मोशन सिकनेस कहा जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, हर तीन में से एक व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
क्या है मोशन सिकनेस
मोशन सिकनेस कोई संक्रमण या गंभीर बीमारी नहीं, बल्कि शरीर के संतुलन तंत्र से जुड़ी समस्या है। जब आंखें, कान और दिमाग को मूवमेंट के अलग-अलग संकेत मिलते हैं, तो शरीर भ्रम की स्थिति में आ जाता है। इसी असंतुलन के कारण उल्टी, चक्कर, पसीना और मतली जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
उदाहरण के तौर पर, जब व्यक्ति गाड़ी में बैठकर मोबाइल या किताब देखता है, तो आंखें स्थिर स्थिति का संकेत देती हैं, जबकि अंदरूनी कान गति महसूस करता है। यह विरोधाभास मोशन सिकनेस को जन्म देता है।
प्रमुख लक्षण
मोशन सिकनेस के लक्षण व्यक्ति दर व्यक्ति अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें शामिल हैं:
उल्टी या जी मिचलाना
चक्कर आना
सिरदर्द
ठंडा पसीना
बेचैनी और थकान
मुंह में पानी भरना
कुछ मामलों में सफर खत्म होने के बाद भी यह परेशानी कुछ समय तक बनी रह सकती है।
किन लोगों को ज्यादा होती है समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार, मोशन सिकनेस बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माइग्रेन से पीड़ित लोगों में अधिक देखी जाती है। इसके अलावा, जिन लोगों को पहले से चक्कर आने या कान से जुड़ी समस्या होती है, उनमें इसका खतरा ज्यादा रहता है।
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण यह समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक पाई जाती है।
किन हालात में बढ़ती है परेशानी
मोशन सिकनेस की समस्या इन स्थितियों में ज्यादा बढ़ सकती है:
खाली पेट या बहुत ज्यादा भारी भोजन के बाद
खराब सड़क या ज्यादा झटकों वाला सफर
तेज गंध या धुएं वाला वातावरण
सफर के दौरान मोबाइल या किताब का ज्यादा उपयोग
बचाव के उपाय
डॉक्टरों का कहना है कि कुछ आसान उपाय अपनाकर मोशन सिकनेस से राहत पाई जा सकती है:
सफर से पहले हल्का भोजन करें
गाड़ी में सामने की सीट पर बैठें
बाहर की ओर देखें और सिर स्थिर रखें
सफर के दौरान मोबाइल या किताब से बचें
ताजी हवा का प्रवाह बनाए रखें
यदि समस्या बार-बार होती है, तो डॉक्टर की सलाह से दवा भी ली जा सकती है।
कब जरूरी है डॉक्टर से संपर्क
अगर मोशन सिकनेस के लक्षण बहुत ज्यादा, लंबे समय तक या बिना सफर के भी दिखाई दें, तो यह किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी माना जाता है।
कार या गाड़ी में बैठते ही उल्टी और चक्कर आना आम समस्या जरूर है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मोशन सिकनेस सही जानकारी और सावधानियों से काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है। समय रहते लक्षणों को समझना और सही उपाय अपनाना सफर को आरामदायक बना सकता है।
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