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पुरुषों को भी होता है ब्रेस्ट कैंसर जानें 7 लक्षण, कारण और इलाज

Shantanu Roy
17 Oct 2026 12:34 PM IST
पुरुषों को भी होता है ब्रेस्ट कैंसर
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हेल्थ डेस्क। ब्रेस्ट कैंसर का नाम सुनते ही अधिकतर लोगों के मन में महिलाओं की तस्वीर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बीमारी पुरुषों को भी हो सकती है? पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले महिलाओं की तुलना में काफी कम होते हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज किया जा सकता है। अक्टूबर को ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में पुरुषों के लिए भी इस बीमारी के लक्षण, जोखिम और जांच के बारे में जानकारी रखना जरूरी है।

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, अमेरिका में सामने आने वाले कुल ब्रेस्ट कैंसर मामलों में लगभग एक प्रतिशत मामले पुरुषों के होते हैं। यह आंकड़ा अमेरिका का है, भारत का नहीं।

पुरुषों को ब्रेस्ट कैंसर कैसे होता है?

पुरुषों के शरीर में भी स्तन ऊतक मौजूद होते हैं। जब इन ऊतकों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर विकसित हो सकता है। पुरुषों में सबसे आम प्रकार इनवेसिव डक्टल कार्सिनोमा है। यह स्तन की दूध नलिकाओं से शुरू होकर आसपास के ऊतकों में फैल सकता है। बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, हालांकि अधिकतर मामले अधिक उम्र के पुरुषों में पाए जाते हैं।

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पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण शुरुआत में सामान्य लग सकते हैं। इसलिए शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है।

- सीने में गांठ: निप्पल के आसपास या उसके नीचे कठोर गांठ महसूस होना।

- निप्पल से तरल पदार्थ निकलना: बिना किसी स्पष्ट कारण के निप्पल से पानी जैसा या खून मिला तरल निकलना।

- निप्पल का अंदर धंसना: निप्पल की सामान्य स्थिति या आकार में बदलाव आना।

- त्वचा के रंग में बदलाव: सीने या निप्पल के आसपास लालिमा और पपड़ी बनना।

- त्वचा पर गड्ढे पड़ना: सीने की त्वचा सिकुड़ना या असामान्य दिखाई देना।

- बगल में सूजन: बगल या कॉलरबोन के आसपास गांठ बनना।

- निप्पल के आसपास घाव: ऐसा घाव जो ठीक नहीं हो रहा हो।

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर की गांठ अक्सर दर्द रहित होती है। हालांकि, हर गांठ कैंसर नहीं होती।

किन पुरुषों को होता है ज्यादा खतरा?

बढ़ती उम्र, परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास और BRCA1 या BRCA2 जीन में विरासत में मिले कुछ बदलाव पुरुषों में इस कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

इसके अलावा मोटापा, क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम, लिवर सिरोसिस और पहले सीने पर रेडिएशन उपचार होना भी जोखिम कारकों में शामिल हैं।

जिन पुरुषों के परिवार में ब्रेस्ट या ओवेरियन कैंसर के कई मामले रहे हों, उन्हें डॉक्टर से आनुवंशिक परामर्श के बारे में चर्चा करनी चाहिए।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर की जांच कैसे होती है?

यदि सीने में गांठ या निप्पल में बदलाव दिखाई दे, तो डॉक्टर शारीरिक परीक्षण के बाद अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं। संदिग्ध गांठ की पुष्टि के लिए बायोप्सी की जाती है, जिसमें ऊतक का नमूना लेकर जांच की जाती है। आमतौर पर बिना लक्षण वाले सभी पुरुषों के लिए नियमित मैमोग्राफी की सिफारिश नहीं की जाती।

क्या पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज संभव है?

हां, पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज संभव है। उपचार बीमारी के प्रकार और चरण पर निर्भर करता है। इसमें सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी और टारगेटेड थेरेपी शामिल हो सकती हैं।

समय पर पहचान और उचित उपचार से बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है। इसलिए सीने में किसी भी असामान्य बदलाव को केवल मोटापा या सामान्य सूजन समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष: ब्रेस्ट कैंसर केवल महिलाओं की बीमारी नहीं है। पुरुषों को भी अपने सीने और निप्पल में होने वाले बदलावों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बीमारी की पहचान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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