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लाइफ स्टाइल : मौसम बदलने के साथ होंठों में रूखापन और पपड़ी जमने की परेशानी होने लगती है। कई बार होंठ इतने फट जाते हैं कि उनकी नमी बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लोग अलग-अलग लिप बाम इस्तेमाल करते हैं। छपरा की रहने वाली खुशी घर पर तैयार लिप बाम लगाना पसंद करती हैं। उनका कहना है कि सर्दियों में बाजार के लिप बाम से उन्हें खास फर्क महसूस नहीं होता, जबकि घरेलू मिश्रण लगाने से राहत महसूस होती है। यह उनका व्यक्तिगत अनुभव है।
खुशी की बताई विधि में घी, नारियल तेल और शहद का इस्तेमाल किया जाता है। इन सामग्रियों से घर पर होंठों पर लगाने वाला मिश्रण तैयार किया जा सकता है। हालांकि, किसी व्यक्ति को फायदा महसूस होने का अर्थ यह नहीं है कि वही मिश्रण सभी के लिए समान रूप से असरदार होगा। होंठों की संवेदनशीलता और परेशानी की वजह अलग हो सकती है। इसलिए घरेलू लिप बाम को फटे होंठों का निश्चित इलाज मानने के बजाय सावधानी से इस्तेमाल करने वाला विकल्प समझना चाहिए।
इसे तैयार करने के लिए चार बड़े चम्मच घी, दो बड़े चम्मच नारियल तेल और एक बड़ा चम्मच शहद लें। खुशबू के लिए एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदों का विकल्प बताया जाता है, लेकिन इन्हें मिलाना जरूरी नहीं है। होंठों पर खुशबू वाले पदार्थ जलन पैदा कर सकते हैं, इसलिए इस मिश्रण में एसेंशियल ऑयल न डालना बेहतर है। सामग्री के साथ एक साफ बर्तन, मिलाने के लिए साफ चम्मच और मिश्रण रखने के लिए छोटा, साफ तथा पूरी तरह सूखा डिब्बा तैयार रखें।
सबसे पहले छोटे बर्तन में घी और नारियल तेल डालें। दोनों को धीमी आंच पर इतना गर्म करें कि अच्छी तरह मिल जाएं। मिश्रण तैयार होते ही गैस बंद कर दें और उसे थोड़ा ठंडा होने दें। गर्म मिश्रण को सीधे होंठों पर नहीं लगाना चाहिए। तैयार करते समय बर्तन संभालकर रखें और गर्म तेल से संपर्क से बचें। इस चरण का उद्देश्य घी और नारियल तेल को मिलाना है। इन्हें लंबे समय तक पकाने या उबालने की जरूरत नहीं बताई गई है।
घी और नारियल तेल का मिश्रण हल्का ठंडा होने पर उसमें शहद डालें। साफ चम्मच से अच्छी तरह मिलाएं। शहद और तेल अलग प्रकृति के पदार्थ हैं, इसलिए घर में तैयार मिश्रण की बनावट बाजार के लिप बाम जैसी एकसार रहे, यह जरूरी नहीं है। शहद अलग दिखाई दे सकता है। इसे मिलाने के लिए पानी न डालें। किसी अतिरिक्त सामग्री से बनावट बदलने के बजाय बताई गई सामग्री तक सीमित रहें। मिश्रण को इस्तेमाल करने से पहले उसका तापमान सामान्य होने दें।
इसके बाद तैयार मिश्रण को साफ और सूखे छोटे डिब्बे में भर दें। ढक्कन लगाकर फ्रिज में रखें, ताकि वह ठंडा होकर कुछ ठोस बनावट ले सके। इसकी बनावट तापमान के अनुसार बदल सकती है और बाहर रखने पर नरम हो सकती है। इसलिए इसे स्थायी रूप से जमे रहने वाला उत्पाद न मानें। फ्रिज में रखने से भी लंबे समय तक सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं मिलती। घरेलू मिश्रण के लिए निश्चित भंडारण अवधि उपलब्ध नहीं है, इसलिए थोड़ी मात्रा तैयार करना बेहतर रहेगा।
इस्तेमाल करते समय साफ स्पैचुला या धुली और सूखी उंगली से थोड़ी मात्रा निकालें। डिब्बे में पानी जाने से बचाएं। गीली उंगली, गीला चम्मच या दूसरी सामग्री मिलाने से मिश्रण की स्वच्छता प्रभावित हो सकती है। हर बार जरूरत जितना हिस्सा ही निकालें और उपयोग के बाद ढक्कन बंद कर दें। इसकी गंध, रंग या बनावट में बदलाव दिखाई दे, तो इस्तेमाल न करें। संदिग्ध मिश्रण को दोबारा गर्म करके ठीक करने की कोशिश करने के बजाय फेंक देना बेहतर है।
घी और नारियल तेल लगाने से होंठों पर चिकनाई की परत बन सकती है और रूखे होंठ कुछ मुलायम महसूस हो सकते हैं। लेकिन इससे सभी तरह की दरारें ठीक होने या लंबे समय की समस्या समाप्त होने का दावा नहीं किया जा सकता। खुशी ने अपने अनुभव में फर्क महसूस होने की बात कही है। इसे चिकित्सकीय प्रमाण के बराबर नहीं समझना चाहिए। किसी सामग्री से एलर्जी या संवेदनशीलता हो, तो वह घरेलू होने के बावजूद परेशानी बढ़ा सकती है।
पहली बार लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर प्रतिक्रिया देखें। फिर भी यह जांच होंठों पर एलर्जी नहीं होने की पूरी गारंटी नहीं है। लगाने के बाद जलन, खुजली, लालिमा या सूजन हो, तो इस्तेमाल बंद कर दें। संवेदनशील होंठों पर खुशबू और एसेंशियल ऑयल से बचना विशेष रूप से जरूरी है। होंठों की पपड़ी को खींचकर हटाने या बार-बार चाटने से भी बचें। चाटने से मिलने वाली थोड़ी देर की नमी के बाद रूखापन बढ़ सकता है।
होंठ बहुत ज्यादा फट रहे हों, बार-बार खून निकलता हो या परेशानी लंबे समय से बनी हो, तो डॉक्टर की सलाह लें। ऐसी स्थिति में केवल घरेलू मिश्रण बदलते रहना पर्याप्त नहीं हो सकता। घी से लिप बाम बनाते समय साफ-सफाई, कम मात्रा और प्रतिक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है। ऐसा उत्पाद चुनना बेहतर है जो नमी बनाए रखे और जलन न करे। घरेलू विधि अपनाते समय व्यक्तिगत अनुभव और निश्चित उपचार के बीच अंतर समझें तथा असुविधा होने पर उसका इस्तेमाल जारी न रखें।
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