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जानें क्यों बुजुर्गों को AstraZeneca टीका लगाने से कतरा रहे देश

Gulabi
31 Jan 2021 4:41 AM GMT
जानें क्यों बुजुर्गों को AstraZeneca टीका लगाने से कतरा रहे देश
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दुनिया में कोरोना टीकाकरण के बीच एस्ट्राजेनेका कंपनी की वैक्सीन के बुजुर्गों पर इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ गई है

दुनिया में कोरोना टीकाकरण के बीच एस्ट्राजेनेका कंपनी की वैक्सीन के बुजुर्गों पर इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूरोपीय संघ की मंजूरी के बावजूद कुछ देशों ने 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों पर इसके दुष्प्रभावों को लेकर चेताया है। साथ ही इसकी खुराक दिए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।


हाल में नियामक एजेंसी ने शुक्रवार को पूरे यूरोपीय संघ (ईयू) में एस्ट्राजेनेका का कोरोना वायरस टीका वयस्कों को दिए जाने के लिए मंजूरी प्रदान की थी। नियामक ने यह मंजूरी इन आलोचनाओं के बीच दी कि संघ अपनी आबादी के टीकाकरण के लिए पर्याप्त तेजी से कदम नहीं उठा रहा है।

नियामक यूरोपियन मेडिसिंस एजेंसी ने 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को यह टीका लगाने के लिए लाइसेंस दिया है। हालांकि पिछले दिनों चिंता जताई गई थी कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त आंकड़े मौजूद नहीं हैं कि यह टीका उम्रदराज लोगों में भी कारगर है।

इस बीच फ्रांस की सरकार ने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन 65 साल से ऊपर के लोगों को न देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति इमेन्युल मेक्रों ने कहा कि यह टीका अधिक उम्र के लोगों पर असरकारी नहीं है। इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। उन्होंने ब्रिटेन सरकार के उस फैसले की भी आलोचना की जिसमें टीके की दो खुराकों के बीच 12 हफ्ते का अंतराल रखने का फैसला किया गया है।

ब्रिटेन ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को पहली खुराक उपलब्ध कराने के मकसद से दूसरी खुराक के लिए 12 सप्ताह की समयसीमा तय की थी। वहीं, जर्मनी की सरकार एस्ट्राजेनेका टीके के बुजुर्गों पर इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर चुकी है।

टीकाकरण सलाहकार समिति ने केवल 18 से 64 वर्ष के लोगों को ही इसके इस्तेमाल की अनुमति देने की सिफारिश की है। वहीं, ब्रिटेन की जॉनसन सरकार ने किसी भी देश से टीके के प्रभाव को लेकर कहा है कि वे घबराएं नहीं। यह टीका सभी उम्र के लोगों पर पूरी तरह कारगर है।

इन देशों में हो रहा इस्तेमाल :
एस्ट्राजेनेका-ऑक्स्फोर्ड के टीके को फिलहाल भारत, ब्रिटेन, पाकिस्तान, सऊदी अरब समेत 18 देशों ने आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी है। वहीं अब तक केवल यूरोपीय यूनियन ने इसके पूरी तरह इस्तेमाल की इजाजत दी है।


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