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Lahore vs Old Delhi : नॉनवेज के असली बादशाह की तलाश – फूडीज़ के लिए खास मुकाबला!

Harrison
9 Oct 2025 9:43 PM IST
Lahore vs Old Delhi : नॉनवेज के असली बादशाह की तलाश – फूडीज़ के लिए खास मुकाबला!
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Lifestyle,लाइफस्टाइल : भारत और पाकिस्तान की कई बातें एक जैसी हैं—भाषा, संस्कृति, संगीत और सबसे ज़्यादा..खाना। खासकर जब बात आती है नॉनवेज की, तो लाहौरी तड़का और पुरानी दिल्ली की देसी खुशबू के बीच तुलना होना लाजिमी है। क्या लाहौरी खाना वाकई ज़्यादा बेहतरीन है या पुरानी दिल्ली की गलियों का नॉनवेज लाजवाब? यह सवाल हर फूडी के मन में कभी न कभी ज़रूर आता है। दोनों ही जगहों का खान-पान अपने-अपने अंदाज़ में खास है और यही इस खबर को खास फूडीज़ के लिए स्पेशल बनाता है।
लाहौरी नॉनवेज: तंदूर से उठती ख़ुशबू
लाहौर, पाकिस्तान की खान-पान की राजधानी मानी जाती है। यहां का खाना खास तौर पर मसालों, तंदूरी फ्लेवर और देसी घी की रिचनेस के लिए मशहूर है।
फेमस लाहौरी डिशेज़:
चिकन/मटन चांप्स: हल्के मसाले और कोयले की आंच पर तैयार
निहारी: सुबह के नाश्ते में भी चलती है, हड्डी से गिरता मांस
पाया सूप: रातभर पकाया गया, झन्नाटेदार स्वाद
लाहौरी टिक्का: हल्का मैरीनेटेड, लेकिन ज़बरदस्त स्मोकी टेस्ट
कुनाफा और फालूदा: मीठे के शौकीनों के लिए
लाहौरी खाना खास होता है धीमी आंच, देसी घी और मिट्टी की कढ़ाहियों में पकने की वजह से। यहां के स्वाद में एक ठहराव है, जो हर बाइट के साथ जुबान पर ठहर जाता है।
पुरानी दिल्ली का नॉनवेज: इतिहास के साथ स्वाद
अब बात करें पुरानी दिल्ली (चांदनी चौक, जामा मस्जिद के आसपास) के नॉनवेज की, तो यहां खाना सिर्फ पेट नहीं भरता, किस्से-कहानियों से भर देता है।
फेमस पुरानी दिल्ली डिशेज़:
करीम्स की मटन बिरयानी और क़ोरमा
अल-जवाहर का चिकन मटन तंदूरी
असली मुग़लई निहारी और शीरमाल
भल्लों की टिक्कियां, जामा मस्जिद के पास के कबाब
खजूर, फिरनी और रबड़ी – मीठा भी कम नहीं
यहां के खाने में मुगलकालीन पाकशैली की झलक साफ मिलती है। कई रेसिपीज़ पीढ़ियों से चली आ रही हैं। मसाले ज़्यादा होते हैं, लेकिन वे जीभ को झुलसाते नहीं—बल्कि स्वाद को गहराई देते हैं।
तो कौन है बेहतर? लाहौर या पुरानी दिल्ली?
कुछ बिंदुओं पर तुलना:
पैमाना लाहौरी खाना पुरानी दिल्ली का नॉनवेज
स्वाद की गहराई सटल, स्मोकी, देसी घी युक्त मसालेदार, तीखा, मुग़लई तड़का
पकाने का अंदाज़ धीमी आंच, मिट्टी की हांडी भट्टी, तंदूर, लोहे की कढ़ाही
मिठाइयों की विविधता सीमित लेकिन खास (कुनाफा) रबड़ी, फिरनी, सेवइयां
विरासत पंजाबी व मध्य एशियाई असर मुग़लई और नवाबी परंपरा
सर्विंग स्टाइल प्लेट्स में, सिंपल ट्रे तंदूर से सीधे, कभी-कभी केले के पत्ते पर
फूडीज़ के लिए निष्कर्ष:
लाहौर और पुरानी दिल्ली—दोनों ही जगहें खान-पान की विरासत और स्वाद की कहानियों से भरपूर हैं।
अगर आप हल्के मसालों और घी की खुशबू में पकाया खाना पसंद करते हैं, तो लाहौरी नॉनवेज आपको लुभाएगा।
और अगर आप मसालों के साथ झन्नाटेदार मुग़लई स्वाद के दीवाने हैं, तो पुरानी दिल्ली की गलियां आपका दिल जीत लेंगी।
सच कहें तो यह मुकाबला नहीं, बल्कि एक फूडी के लिए स्वाद का त्यौहार है, जिसमें दोनों की जीत तय है।
स्पेशल टिप फूडीज़ के लिए:
कभी मौका मिले तो लाहौर के फूड व्लॉग्स देखें – चांदनी चौक की गलियों की तरह ही चाव से खाए जाते हैं वहां भी कबाब।
और पुरानी दिल्ली जाएं, तो करीम्स, अल-जवाहर, कबाबची जैसे आइकॉनिक ठिकाने मिस न करें।
तो अगली बार जब कोई पूछे “कहां का नॉनवेज बेस्ट है?” तो कहिए – ‘जहां दिल और जीभ, दोनों को तृप्ति मिले।’ और उसके लिए लाहौर भी ठीक है, लेकिन पुरानी दिल्ली हमेशा दिल के करीब रहती है।
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