लाइफ स्टाइल

घर में बिजली के सॉकेट लगवाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Ratna Netam
16 Oct 2026 3:12 PM IST
घर में बिजली के सॉकेट लगवाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
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लाइफ स्टाइल : नया घर बनवाते समय या पुराने घर का रिनोवेशन कराते समय लोग अक्सर दीवारों के रंग, फर्नीचर, टाइल्स और इंटीरियर डिजाइन पर ज्यादा ध्यान देते हैं। लेकिन इलेक्ट्रिकल सॉकेट की सही प्लानिंग को नजरअंदाज कर देते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि घर तैयार होने के बाद मोबाइल चार्ज करने, लैपटॉप चलाने या किचन के उपकरण इस्तेमाल करने के लिए एक्सटेंशन बोर्ड लगाने पड़ते हैं। इससे न सिर्फ परेशानी होती है, बल्कि बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए घर बनवाने से पहले यह जानना जरूरी है कि बेडरूम और किचन में कितने सॉकेट होने चाहिए और उन्हें कहां लगवाना बेहतर रहेगा।
बेडरूम में कितने सॉकेट होने चाहिए
एक सामान्य बेडरूम में लगभग 6 से 8 सॉकेट पॉइंट की योजना रखना सुविधाजनक हो सकता है। हालांकि, इनकी वास्तविक संख्या कमरे के आकार, फर्नीचर और इस्तेमाल किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर निर्भर करती है।बेड के दोनों तरफ मोबाइल चार्जिंग और टेबल लैंप के लिए सॉकेट लगवाना उपयोगी रहता है। इसके अलावा स्टडी टेबल के पास लैपटॉप, कंप्यूटर या अन्य उपकरणों के लिए दो पॉइंट रखे जा सकते हैं।यदि बेडरूम में टेलीविजन लगा है, तो उसके पीछे भी सॉकेट की जरूरत होगी। एयर कंडीशनर के लिए उसकी बिजली क्षमता और निर्माता के निर्देशों के अनुसार अलग उपयुक्त सर्किट की व्यवस्था करनी चाहिए।
बेडरूम में सॉकेट कहां लगवाएं?
बेडरूम में सॉकेट की ऊंचाई और जगह तय करते समय फर्नीचर की स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। बेडसाइड टेबल के पास ऐसे सॉकेट लगवाएं, जिन तक आसानी से पहुंचा जा सके।स्टडी टेबल के ऊपर सुविधाजनक ऊंचाई पर सॉकेट लगाने से बार-बार झुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, अलमारी या भारी फर्नीचर के पीछे सॉकेट लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल और रखरखाव मुश्किल हो सकता है।
किचन में कितने सॉकेट जरूरी हैं?
किचन में मिक्सर ग्राइंडर, माइक्रोवेव, फ्रिज, इलेक्ट्रिक केतली, टोस्टर और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल होता है। इसलिए सामान्य घरेलू किचन में लगभग 6 से 10 सॉकेट पॉइंट की योजना उपयोगी हो सकती है। बड़े मॉड्यूलर किचन में जरूरत इससे अधिक भी हो सकती है।मिक्सर ग्राइंडर और छोटे उपकरणों के लिए किचन काउंटर के ऊपर सुविधाजनक स्थानों पर सॉकेट लगवाने चाहिए। फ्रिज के लिए अलग सॉकेट रखें। माइक्रोवेव, इंडक्शन कुकटॉप या अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों के लिए उनकी निर्धारित क्षमता के अनुसार उपयुक्त सॉकेट और सर्किट लगवाएं।
किचन में सॉकेट लगवाते समय रखें सावधानी
किचन में पानी और बिजली का इस्तेमाल एक साथ होता है। इसलिए सॉकेट लगवाते समय सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।सॉकेट को सिंक, नल और पानी के छींटे पड़ने वाले स्थानों से सुरक्षित दूरी पर लगवाएं। गैस चूल्हे या अत्यधिक गर्मी वाले उपकरणों के बिल्कुल पास भी सॉकेट नहीं लगवाने चाहिए।सॉकेट की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि उपकरणों की तारें रास्ते में न आएं और उन्हें इस्तेमाल करते समय खिंचाव न पड़े।
6 एम्पियर और 16 एम्पियर सॉकेट में क्या अंतर है?
घर में आमतौर पर अलग-अलग क्षमता वाले सॉकेट इस्तेमाल किए जाते हैं। मोबाइल चार्जर, टेबल लैंप और कम बिजली खपत वाले उपकरणों के लिए 6 एम्पियर के सॉकेट उपयुक्त हो सकते हैं।वहीं, अधिक बिजली खपत वाले कुछ उपकरणों के लिए 16 एम्पियर के सॉकेट की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, केवल बड़ा सॉकेट लगाना पर्याप्त नहीं है। वायरिंग, अर्थिंग, एमसीबी और सर्किट की क्षमता भी उपकरण के लोड के अनुसार होनी चाहिए। भारत में इलेक्ट्रिकल वायरिंग के लिए IS 732:2019 और प्लग-सॉकेट के लिए IS 1293:2019 जैसे मानक मौजूद हैं।
बिजली की सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें ध्यान
घर में अच्छी गुणवत्ता वाले और भारतीय मानकों के अनुरूप सॉकेट लगवाने चाहिए। उचित अर्थिंग, एमसीबी और बिजली के रिसाव से सुरक्षा देने वाले 30 mA RCCB या RCBO की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।एक ही सॉकेट पर कई अधिक बिजली खपत वाले उपकरण लगाने से बचें। साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुछ अतिरिक्त पॉइंट रखने से बाद में दीवार तोड़कर नई वायरिंग कराने की परेशानी कम हो सकती है।
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