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Diabetes और ब्लड प्रेशर को ठिकाने लगा देंगे इसके सिर्फ 4 पत्ते

Sanjna Verma
22 Jun 2024 12:12 AM IST
Diabetes और ब्लड प्रेशर को ठिकाने लगा देंगे इसके सिर्फ 4 पत्ते
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पेड़-पौधों से सिर्फ फल, फूल या छाया नहीं मिलती बल्कि इनके जड़, तने, पत्ते और छाल भी बहुत काम की चीज होते हैं। कई दवाओं और स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में पेड़-पौधों का इस्तेमाल होता आ रहा है। एक ऐसा ही आयुर्वेदिक पौधा है सदाबहार, जिस पर सफेद, गुलाबी और लाल रंग के फूल आते हैं। यह पुँधा आपको कहीं भी आसानी से मिल सकता है।आयुर्वेद में इसे इसके औषधीय गुणों की वजह से खास स्थान मिला हुआ है। यह पौधा सिर्फ गमले की खूबसूरती नहीं बढ़ाता बल्कि इसके फूल, पत्तों और टहनियों में छोटी से लेकर कई बड़ी बीमारियों को खत्म करने की ताकत होती है।
आयुर्वेद
डॉक्टर दीक्षा भावसार के अनुसार, सदाबहार के पौधे में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित पीरियड्स और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने की क्षमता होती है। बस आपको इसका सही इस्तेमाल करना आना चाहिए।
डायबिटीज के लिए सदाबाहर के फायदे
सदाबहार की ताजी पत्तियों को सुखाकर पीस लें और कांच के डिब्बे में रखें। शुगर को control करने के लिए हर सुबह खाली पेट 1 चम्मच पाउडर को एक गिलास पानी या ताजे फलों के रस में मिलाकर पिएं।
पत्ते चबाने से भी कम हो जाएगा ब्लड शुगर
doctor के अनुसार, अचानक शुगर बढ़ने से रोकने के लिए आप दिनभर में 3-4 सदाबहार की पत्तियां चबा सकते हैं। डायबिटीज को मैनेज करने के लिए आप ताजे फूलों को पानी में उबालें और छान लें। सुबह खाली पेट इस कड़वे पानी का सेवन करें।
हाई ब्लड प्रेशर के लिए सदाबाहर के फायदे
सफेद रंग वाले फूल के पौधे को हाई बीपी कंट्रोल के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए इसकी 5 ताजा पत्ते लें और उन्हें अच्छी तरह से पीसकर रस निकाल लें। इस रस की 2-3 मिली मात्रा सुबह या देर रात को पीनी चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
अनियमित period के लिए सदाबहार के फायदे
अनियमित पीरियड्स होने पर पत्तियों का काढ़ा बनाकर इस्तेमाल करें। इसके लिए 6 से 8 ताजी पत्तियों को 2 कप पानी के साथ उबालें और आधा कप होने तक कम कर लें। इसे लगातार तीन मेनस्ट्रल साइकिल तक पिया जा सकता है। यह पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लीडिंग को कंट्रोल करने में मदद करता है।
इस बात का रखें ध्यान
अन्य बीमारियों के लिए इसके पत्तों और फूलों से काढ़ा बनाकर खाली पेट पिया जाता है। यह केवल जानकारी के लिए है और किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
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