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लाइफ स्टाइल
ओटमील मास्क को स्किन पर लगाने के समय छोटी-छोटी बातों का खास ख्याल रखना बेहद जरुरी है
Neha Dani
13 July 2023 6:04 PM GMT
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लाइफस्टाइल: स्किन की केयर करने के लिए अमूमन नेचुरल इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। इसलिए, अक्सर हम अपनी किचन का रुख करते हैं। फलों से लेकर सब्जियों, दूध, दही और शहद आदि को स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाते हैं। लेकिन इन सबके अलावा ओटमील भी आपकी स्किन केे लिए उतना ही लाभकारी है। यह ना केवल स्किन को एक्सफोलिएट करके उसे गहराई से क्लीन करने में मददगार है, बल्कि इसके कारण स्किन के पीएच लेवल को बैलेंस करने में भी मदद मिलती है। इतना ही नहीं, इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट स्किन समय से पहले बूढ़ा होने से रोकने है। इससे फाइन लाइन्स और रिंकल्स जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है। ओटीमील एक नेचुरल ह्यूमेक्टेंट भी है, जिसका अर्थ है कि यह स्किन की नमी को बनाए रखने में मदद करता है। जिससे स्किन अधिक ब्यूटीफुल नजर आती है। ओटमील के ढेर सारे फायदों का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि इसे सही तरह से इस्तेमाल किया जाए। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही छोटे-छोटे टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको फेस पर ओटमील इस्तेमाल करते समय ध्यान रखना चाहिए-
जब आप अपने चेहरे पर ओटमील मास्क लगा रही हैं तो कभी भी इसे सीधे ही पूरे फेस पर ना लगाएं। बल्कि हमेशा पहले एक बार पैच टेस्ट अवश्य करें। इससे आपको पता चल जाएगा कि ओटमील का मास्क आपकी स्किन पर किसी तरह का नेगेटिव रिएक्शन तो नहीं कर रहा है। इसके लिए आप कलाई के अंदरूनी हिस्से या फिर अपनी गर्दन के किनारे पर थोड़ी मात्रा में मास्क लगाएं और कुछ देर रूकें। चेक करें कि आपको स्किन में रेडनेस, जलन या खुजली तो नहीं हो रही है। कई बार हम सीधे फेस पर ओटमील मास्क यह सोचकर लगा लेते हैं कि यह फेस को क्लीन करेगा। लेकिन गंदे चेहरे पर मास्क लगाने का कोई फायदा नहीं होता है। इसलिए, हमेशा पहले किसी जेंटल क्लींजर से अपना फेस क्लीन करें ताकि चेहरे पर मौजूद गंदगी, ऑयल या मेकअप आसानी से हट जाए। इसके बाद ही चेहरे पर ओटमील मास्क लगाएं। इस स्टेप से मास्क आपकी स्किन की गहराई में जाकर उसे पोषित करने में मदद करता है। यह भी एक जरूरी टिप है,जिसका आपको ध्यान रखना चाहिए। अमूमन ओटमील का इस्तेमाल फेस को एक्सफोलिएट करने के लिए किया जाता है।
आप इससे मास्क बनाएं या फिर स्क्रब, हमेशा पहले ओटमील को पीस लें। अगर आप उसे ऐसे ही इस्तेमाल करती हैं तो उसके बड़े दाने आपकी स्किन को रगड़ेंगे। जिसके कारण आपकी स्किन में जलन, रेडनेस, खुजली व इरिटेशन आदि हो सकता है। ओटमील मास्क बनाते समय उसकी कंसिस्टेंसी को चेक करना भी बेहद आवश्यक है। मास्क ना तो बहुत अधिक पतला होना चाहिए और ना ही बेहद थिक। इससे मास्क की एकसमान लेयर लगाने में परेशानी होती है।इतना ही नहीं, मास्क को सूखने और उसे निकालने में भी आपको दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।आंखों के आसपास का एरिया काफी नाजुक और सेंसेटिव होता है। इस एरिया की केयर करने के लिए अंडर आई क्रीम या अंडर आई मास्क का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। आंखों के एरिया के आसपास ओटमील मास्क लगाने से बचें। यह इस एरिया पर हार्श हो सकता है
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