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लाइफ स्टाइल
बदलते मौसम में त्वचा में खिंचाव? जानें घरेलू टोनर बनाने का आसान तरीका
nidhi
17 Oct 2026 7:43 AM IST

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नेचुरल टोनर
लाइफस्टाइल : मौसम बदलने के साथ चेहरे पर रूखापन, हल्की परत और खिंचाव महसूस होना आम परेशानी है। कई लोगों को चेहरा धोने के तुरंत बाद त्वचा इतनी खिंची हुई लगती है कि दोबारा क्रीम लगाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में घरेलू टोनर का विचार आकर्षक लगता है। हालांकि, किसी भी नेचुरल मिश्रण से तुरंत ग्लो लौटने की गारंटी नहीं होती। रूखी त्वचा के लिए सौम्य सफाई और नियमित मॉइस्चराइजर सबसे जरूरी हैं। टोनर इस्तेमाल करना चाहें तो उसे अतिरिक्त देखभाल के रूप में रखें।
आखिर क्यों महसूस होता है खिंचाव?
त्वचा की बाहरी परत नमी बनाए रखने में मदद करती है। मौसम में ठंडक और हवा में रूखापन बढ़ने पर त्वचा अधिक सूखी महसूस हो सकती है। बहुत गर्म पानी, बार-बार चेहरा धोना और तेज सफाई करने वाले उत्पाद परेशानी बढ़ा सकते हैं। कभी-कभी समस्या मौसम से ज्यादा इस्तेमाल किए जा रहे फेसवॉश या अन्य उत्पादों से जुड़ी होती है। यदि हर बार चेहरा धोने के बाद खिंचाव होता है, तो सबसे पहले अपनी सफाई की आदतें देखें।
घर पर बनाएं साधारण ग्लिसरीन वाला मिश्रण
घरेलू विकल्प आजमाना चाहें तो बिना खुशबू वाली, त्वचा पर इस्तेमाल के लिए बनी ग्लिसरीन की एक बूंद में लगभग दो चम्मच साफ पानी मिलाकर बहुत हल्का मिश्रण तैयार कर सकते हैं। ग्लिसरीन नमी आकर्षित करने वाला घटक है और कई तैयार मॉइस्चराइजर तथा हाइड्रेटिंग टोनर में इस्तेमाल होती है। हालांकि, इस घरेलू अनुपात को किसी प्रमाणित उपचार का विकल्प न मानें। अधिक ग्लिसरीन डालने से मिश्रण चिपचिपा हो सकता है; मात्रा बढ़ाने से फायदा बढ़ना जरूरी नहीं है।
मिश्रण बनाने के लिए साफ हाथ और साफ कटोरी इस्तेमाल करें। केवल उतनी मात्रा बनाएं, जितनी उसी समय उपयोग करनी हो। बचा हुआ मिश्रण फेंक दें। इसमें खीरे का रस, दूध, फूलों की पंखुड़ियां या दूसरी रसोई की सामग्री मिलाकर कई दिनों के लिए बोतल भरकर रखने से बचें। घर पर बने पानी वाले मिश्रण में तैयार उत्पाद जैसी संरक्षण व्यवस्था और गुणवत्ता जांच नहीं होती। फ्रिज में रखने से भी उसकी सुरक्षित अवधि अपने आप तय नहीं हो जाती।
इस्तेमाल का सही तरीका समझें
पहले चेहरे को सौम्य क्लेंजर से साफ करें और तौलिए से हल्के हाथों से थपथपाएं। त्वचा रगड़कर न सुखाएं। मिश्रण पहले से सहन होता हो तो थोड़ी मात्रा हथेलियों से लगाएं। आंखों और फटी या छिली त्वचा से दूर रखें। इसके बाद हल्की नम त्वचा पर बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइजर लगाएं। केवल टोनर लगाकर छोड़ देने से लंबे समय तक नमी बने रहने की उम्मीद न करें। मॉइस्चराइजर त्वचा से पानी का नुकसान कम करने में मदद करता है।
नेचुरल का मतलब हर त्वचा के लिए सुरक्षित नहीं
गुलाबजल, एलोवेरा और अन्य वनस्पति सामग्री भी कुछ लोगों में जलन या एलर्जी पैदा कर सकती हैं। खुशबू अच्छी लगने का अर्थ यह नहीं कि उत्पाद संवेदनशील त्वचा के अनुकूल है। नया तैयार उत्पाद अपनाने से पहले बांह के अंदर छोटे हिस्से पर सात से दस दिन परीक्षण करना उपयोगी है। फिर भी इससे भविष्य की हर प्रतिक्रिया का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। जलन, लालिमा या खुजली हो तो उत्पाद धोकर उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
इन चीजों को टोनर में न मिलाएं
खिंचती त्वचा पर नींबू, बेकिंग सोडा, परफ्यूम या तेज एसेंशियल ऑयल मिलाकर प्रयोग करने से बचें। रूखेपन के दौरान बार-बार स्क्रब करना और कई एक्सफोलिएटिंग उत्पाद साथ लगाना भी ठीक नहीं है। खासकर अल्कोहल, खुशबू और तेज एसिड वाले उत्पाद त्वचा की परेशानी बढ़ा सकते हैं। यदि किसी उपचार वाली क्रीम का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसमें घरेलू मिश्रण मिलाने के बजाय उसे दिए गए निर्देश के अनुसार लगाएं।
ग्लो के लिए नियमित देखभाल पर दें ध्यान
सुबह जरूरत के अनुसार सौम्य सफाई, मॉइस्चराइजर और कम से कम एसपीएफ 30 वाला व्यापक सुरक्षा देने वाला सनस्क्रीन लगाएं। रात में चेहरा साफ करके मॉइस्चराइजर लगाना पर्याप्त हो सकता है। बहुत रूखी त्वचा में हल्के लोशन की जगह क्रीम अधिक उपयोगी रहती है। त्वचा पहले से आरामदायक हो तो टोनर जोड़ना जरूरी नहीं। लगातार खुजली, दर्द, दरारें या लाल चकत्ते हों, अथवा देखभाल के बावजूद रूखापन बना रहे, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
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