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गार्डनिंग डेस्क: घर की बालकनी या छत पर लगा मोगरे का पौधा अगर हरा-भरा है, लेकिन उसमें कलियां नहीं आ रही हैं, तो इसकी वजह सिर्फ खाद की कमी नहीं हो सकती। पर्याप्त धूप न मिलना, मिट्टी में पानी जमा रहना, जरूरत से ज्यादा खाद डालना और गलत समय पर छंटाई करना भी फूलों की संख्या को प्रभावित कर सकता है। अच्छी बात यह है कि मिट्टी की सही देखभाल, संतुलित जैविक खाद और नियमित धूप की मदद से मोगरे के पौधे की फूल देने की क्षमता बेहतर की जा सकती है।
गमले की मिट्टी में ऐसे मिलाएं जैविक खाद
मोगरे के पौधे को पोषण देने के लिए अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये मिट्टी की संरचना सुधारने और पौधे को पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
सबसे पहले गमले की ऊपरी मिट्टी को हाथ या छोटे गार्डनिंग औजार से हल्के से ढीला करें। ध्यान रखें कि पौधे की जड़ों को नुकसान न पहुंचे। इसके बाद गमले के आकार के अनुसार थोड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट मिट्टी की ऊपरी सतह पर मिलाएं। खाद को तने से सटाकर ढेर न लगाएं और अंत में हल्का पानी दें।
खाद की मात्रा पौधे और गमले के आकार के अनुसार रखें। एक साथ बहुत ज्यादा खाद डालने से पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। नियमित रूप से अधिक खाद डालने के बजाय पौधे की वृद्धि और मिट्टी की स्थिति देखकर ही दोबारा खाद दें।
मोगरे में फूल न आने की 5 प्रमुख वजहें
1. पर्याप्त धूप न मिलना
मोगरे को अच्छी फूलों की वृद्धि के लिए रोजाना लगभग 5–6 घंटे सीधी धूप की जरूरत होती है। गमले को ऐसी जगह रखें, जहां पौधे को पर्याप्त रोशनी मिले।
2. मिट्टी का सख्त हो जाना
यदि गमले की मिट्टी बहुत सख्त है या उसमें पानी जमा रहता है, तो जड़ों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें और गमले के नीचे छेद खुले रखें।
3. पोषक तत्वों का असंतुलन
खाद की कमी के साथ जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन भी परेशानी पैदा कर सकती है। इससे पत्तियां और शाखाएं तो बढ़ती हैं, लेकिन फूल कम आ सकते हैं। संतुलित जैविक खाद का इस्तेमाल करें।
4. गलत तरीके से छंटाई
पौधे की सूखी और कमजोर टहनियों को हटाएं। बार-बार नई शाखाओं को काटने से फूल आने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए छंटाई सोच-समझकर करें।
5. पानी देने में लापरवाही
मिट्टी में लगातार नमी रहने से जड़ें सड़ सकती हैं, जबकि बहुत सूखी मिट्टी पौधे को तनाव दे सकती है। ऊपरी 1–2 इंच मिट्टी सूखने पर पानी दें और मौसम के अनुसार इसकी मात्रा बदलें।
केले के छिलके वाली खाद कितनी उपयोगी है?
केले के छिलकों में पोटैशियम सहित कुछ पोषक तत्व होते हैं। हालांकि, छिलकों को सीधे मिट्टी में डालने से पौधे को तुरंत संतुलित पोषण मिलने की गारंटी नहीं होती। यदि इनका इस्तेमाल करना हो, तो अच्छी तरह तैयार कम्पोस्ट में मिलाना बेहतर विकल्प है। कच्चे छिलके गमले में डालने से कीड़े और दुर्गंध की समस्या हो सकती है।
इसी तरह चायपत्ती, कॉफी पाउडर, गुड़ और अन्य घरेलू चीजों को बिना मात्रा जाने एक साथ मिट्टी में नहीं डालना चाहिए। केवल घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय धूप, पानी, मिट्टी और संतुलित खाद पर ध्यान देना ज्यादा उपयोगी है।
मोगरे में कलियां लाने के लिए अपनाएं यह रूटीन
सुबह की धूप वाली जगह पर गमला रखें। मिट्टी की नमी जांचने के बाद ही पानी दें। बढ़ते मौसम में थोड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद दें और पौधे की सूखी शाखाओं को हटाते रहें। यदि जड़ें गमले में पूरी तरह भर गई हैं, तो उचित समय पर थोड़े बड़े गमले में लगाने पर विचार करें।
ध्यान रखें कि हर मोगरे का पौधा पूरे साल लगातार नहीं खिलता। मौसम, पौधे की उम्र और किस्म के अनुसार फूल आने का समय बदल सकता है। इसलिए खाद डालने के बाद तुरंत कलियां आने की उम्मीद करने के बजाय पौधे को सही देखभाल के लिए समय दें।
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