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जुकाम में भाप लेना है खतरनाक? जानें Pollution और गलत आदतों से होने वाले नुकसान
Harrison
19 Nov 2025 8:19 PM IST

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Lifestyle, लाइफस्टाइल : सर्दियों और बढ़ते पॉल्यूशन के बीच जुकाम होना आम बात हो गई है। ऐसे में लोग अक्सर भाप लेना शुरू कर देते हैं, यह सोचकर कि इससे नाक साफ होगी और सर्दी-जुकाम में आराम मिलेगा। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भाप लेना हमेशा सुरक्षित नहीं होता और इससे कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, अगर आप प्रदूषण से प्रभावित हवा में या खुले वातावरण में भाप लेते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। धुआं और गर्म पानी के मिश्रण से निकलने वाले सूक्ष्म कण फेफड़ों तक जा सकते हैं और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इससे एलर्जी, अस्थमा या ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि भाप लेने का तरीका और समय बहुत महत्वपूर्ण है। ज्यादा गर्म पानी या लंबे समय तक भाप लेने से त्वचा जल सकती है, नाक और गले की म्यूकोसा पर चोट लग सकती है और रक्त वाहिकाओं में समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति उच्च रक्तचाप या हृदय रोग से पीड़ित है, तो भाप लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह शरीर में दबाव बढ़ा सकता है।
पॉल्यूशन की वजह से होने वाला जुकाम अक्सर वायरस और बैक्टीरिया से जुड़ा होता है। केवल भाप लेना इन संक्रमणों को ठीक नहीं करता, बल्कि असल में संक्रमण को बढ़ा सकता है यदि पानी या भाप की सतह साफ न हो। विशेषज्ञों का सुझाव है कि गर्म पानी से हल्का इनहेल करना या स्टीम इनेलेशन करना सुरक्षित विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे नियंत्रित समय और सुरक्षित तापमान में ही करना चाहिए।
जुकाम और खांसी में भाप लेने के बजाय अन्य सावधानियां भी महत्वपूर्ण हैं। जैसे कि चेहरे और हाथों को बार-बार धोना, प्रदूषण वाले इलाकों में मास्क पहनना, विटामिन सी युक्त आहार लेना और पर्याप्त पानी पीना। यह तरीके न केवल जुकाम से राहत देते हैं, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को भाप देते समय विशेष ध्यान रखना चाहिए। उनकी त्वचा और श्वसन प्रणाली ज्यादा संवेदनशील होती है और ज्यादा गर्म भाप से उन्हें गंभीर नुकसान हो सकता है। हमेशा सुनिश्चित करें कि भाप लेने वाले कमरे में अच्छी वेंटिलेशन हो और पानी का तापमान सुरक्षित स्तर पर हो।
इसके अलावा, घरेलू उपाय जैसे तुलसी, अदरक या हल्दी का सेवन भी जुकाम और गले की खराश में आराम पहुंचा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इन उपायों के साथ आराम, पर्याप्त नींद और स्वच्छ वातावरण भी महत्वपूर्ण हैं। पॉल्यूशन के समय बाहर निकलने से बचें और प्रदूषण नियंत्रण के लिए मास्क या एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
अतः, भाप लेना कभी-कभी राहत दे सकता है, लेकिन इसे सावधानीपूर्वक और नियंत्रित तरीके से ही अपनाना चाहिए। अधिक गर्म भाप, लंबे समय तक भाप लेना या गंदे पानी का इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। पॉल्यूशन और जुकाम के समय बेहतर है कि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार सुरक्षित और प्राकृतिक उपायों को अपनाया जाए।
इस प्रकार, सर्दियों और बढ़ते प्रदूषण में जुकाम होने पर भाप लेने की आदत को बिना सोच-समझे अपनाना खतरनाक हो सकता है। सही तरीके, सुरक्षित तापमान और विशेषज्ञ की सलाह के साथ ही भाप लेना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
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