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क्या घर में बना काजल बच्चों की आंखों में सेफ है? जाने यहां

Sandhya Yadav
28 Jun 2021 10:47 AM GMT
क्या घर में बना काजल बच्चों की आंखों में सेफ है? जाने यहां
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भारत में पैदा हुए बच्चे को बूरी नजरों से बचाने के लिए काजल का टीका लगाया जाता है

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | भारत में पैदा हुए बच्चे को बूरी नजरों से बचाने के लिए काजल का टीका लगाया जाता है। साथ ही ये भी कहा जाता है कि इससे बच्चे की आंखें और पलके बड़ी होती हैं। हालांकि बच्चों के डॉक्टर (पिडियाट्रिशियन) इस बात की सलाह बिलकुल नहीं देते हैं। डॉक्टर की माने तो ऐसा करना बेहद नुकसानदायक होता है। इसके बावजूद बच्चों की कोमल आंखों में काजल लगाया जाता है। डॉक्टर के मुताबिक बच्चों की सेहत के लिए यह जहर की तरह काम करता है। बच्चों को हाइअर गट ऑप्जर्पशन होता है और उनका नर्वस सिस्टम विकास की प्रक्रिया में होता है। ऐसे में काजल में मौजूद लीड जहर की तरह काम कर सकता है। आइए जानते हैं कि क्यों नहीं लगाना चाहिए बच्चों को काजल।

क्यों ना करें काजल का इस्तेमाल
काजल बनाने में लीड का इस्तेमाल किया जाता है। जो सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। यह किडनी, मस्तिष्क, बोन मैरो और शरीर के अन्य अंगों को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। यदि ब्लड में लीड का स्तर बढ़ जाए तो कोमा में जाने की संभावना बढ़ जाती है और बात इतनी बिगड़ सकती है कि इंसान की मौत भी हो जाए। ऐसे में ये नवजात की सेहत के लिए खतरों से भरा है।
क्या घर में बना काजल सेफ है?
घर में बने काजल को प्राकृतिक होने की बात कही जाती है, लेकिन घर में बने काजल भी सुरक्षित नहीं होते। इन काजलों में कार्बन मौजूद होता है, जो बच्चे की आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। बच्चों की आंखों में इनफेक्शन होने का खतरा भी बना रहता है, क्योंकि इस काजल को उंगली से लगाया जाता है।

मिथ और सच्चाई

मिथ- नजर से बचाता है

सच्चाई- इसका कोई वैज्ञानिक आधार मौजूद नहीं है।

मिथ- लोगों की माने तो काजल लगाने से बच्चे ज्यादा देर तक सोते हैं।

सच्चाई- डॉक्टर्स की मानें तो बच्चे रोजाना 17-19 घंटे सोते हैं।

मिथ- आंखें और पलके बड़ी होती हैं

सच्चाई- ये तर्कहीन बात है

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