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2025 में भारतीयों की सबसे ज्यादा खोजी गई धार्मिक जगहें, मालदीव और Thailand भी पीछे नहीं

Harrison
13 Dec 2025 9:24 PM IST
2025 में भारतीयों की सबसे ज्यादा खोजी गई धार्मिक जगहें, मालदीव और Thailand भी पीछे नहीं
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Lifestyle, लाइफस्टाइल: 2025 में भारतीय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के धार्मिक पर्यटन के रुझान में स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीयों ने इस साल Google पर कई धार्मिक स्थलों और पवित्र जगहों की खोज की, जिनमें खासतौर पर कुछ प्रमुख मंदिर, तीर्थ स्थल और धार्मिक शहर शामिल हैं।
डेटा के अनुसार, उत्तर भारत के लोकप्रिय मंदिर और तीर्थ स्थलों ने खोजों में शीर्ष स्थान हासिल किया। इनमें वाराणसी, उज्जैन, द्वारका, अमरनाथ और शिर्डी जैसे स्थान शामिल हैं। वाराणसी ने इस सूची में सबसे अधिक खोजों का रिकार्ड बनाया। यह शहर अपनी गंगा घाटों और काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए जाना जाता है और भारतीयों के धार्मिक भावनाओं का केंद्र बना हुआ है।
उज्जैन, जो महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए प्रसिद्ध है, भी खोजों में शीर्ष पांच में शामिल रहा। इसके अलावा, शिर्डी, जो साईं बाबा के भक्तों के लिए एक प्रमुख स्थल है, इस साल भारतीयों की ऑनलाइन खोजों में बढ़त बनाए रखी।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दक्षिण भारत के मंदिरों के प्रति रुचि भी लगातार बढ़ रही है। तिरुपति बालाजी मंदिर, जो आंध्र प्रदेश में स्थित है, हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और इस साल Google खोजों में इसका स्थान काफी ऊँचा रहा। इसके अलावा, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर और चेन्नई के कपलेश्वर मंदिर जैसी जगहों की खोजों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई।
रिपोर्ट में विदेशी धार्मिक पर्यटन स्थलों की खोज पर भी ध्यान दिया गया है। मालदीव और थाईलैंड जैसी जगहें जहां समुद्री पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं, वहां भी भारतीयों ने धार्मिक स्थल और ध्यान केंद्रों की खोज की। हालांकि, इन विदेशी स्थलों की तुलना में भारत के स्थानीय धार्मिक स्थल अभी भी प्राथमिकता में हैं। यह दर्शाता है कि भारतीय धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा में विदेशों की तुलना में अपने देश के पवित्र स्थलों को ज्यादा महत्व देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और मोबाइल ऐप्स के बढ़ते उपयोग ने भारतीयों के धार्मिक पर्यटन को और अधिक सुलभ और व्यवस्थित बनाया है। लोग न केवल मंदिरों और तीर्थ स्थलों की जानकारी खोज रहे हैं, बल्कि यात्रा योजना, पूजा विधि, और तीर्थ यात्रा के समय के बारे में भी ऑनलाइन जानकारियाँ प्राप्त कर रहे हैं।
इस ट्रेंड का एक और कारण धार्मिक आयोजनों और उत्सवों के प्रति बढ़ती जागरूकता भी है। दीपावली, नवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान लोग अधिक ऑनलाइन खोज करते हैं, जिससे तीर्थ स्थलों और धार्मिक शहरों के लिए इंटरनेट पर ट्रैफिक में इजाफा होता है।
विश्लेषकों का यह भी कहना है कि आगामी वर्षों में डिजिटल माध्यम से धार्मिक पर्यटन की जानकारी साझा करना और बढ़ेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट ऐप्स के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा और दर्शन के लिए और भी आसान और व्यक्तिगत सुझाव मिलेंगे।
संक्षेप में, 2025 में भारतीयों की धार्मिक खोजों ने यह स्पष्ट किया है कि अपने देश के पवित्र स्थलों को प्राथमिकता मिलती है, जबकि विदेशी धार्मिक स्थल जैसे मालदीव और थाईलैंड भी इस दिशा में पीछे नहीं रह गए हैं। इंटरनेट और डिजिटल माध्यम के बढ़ते प्रभाव ने लोगों के धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव को और अधिक सुलभ और व्यापक बना दिया है।
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