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छुट्टियों में पोते-पोतियों के साथ ऐसे बेहतर बनाएं बॉन्डिंग

अपने रिश्तों को यादगार बनाने और बच्चों को पर्यावरण की सीख देने के लिए हर बच्चे से एक-एक पौधे लगवाएं और जब तक वह साथ रहता है उससे ही केयर करवाएं. जब बच्चा वापस अपने पैरेंट्स के साथ चला जाएगा तो उसको अपने प्लांट्स की याद आएगी. इसी बहाने ही सही अपने दादा-दादी, नाना-नानी से जुड़ा रहेगा.
अपने गांव-कस्बे से जोड़ें बच्चें को
जब पोते-पोतियां अपने मूल गांव-कस्बे आते हैं तो उन्हें अपने गांव या कस्बे में घुमाने जरूर ले जाएं. वहां की खास बात या कोई चीज है उसे भी जरूर बताएं क्योंकि जब बच्चा वापस स्कूल जाता है तो अपने दोस्तों या टीचर्स से साझा करता है. ग्रामीण संस्कृति, खेत-खलिहान, नदी-तालाब दिखाएं. इससे बच्चा जुड़ाव महसूस करता है.
खिलाएं बच्चें के मन के व्यंजन
यूं तो आजकल बच्चे फास्टफूड खाने में रुचि लेने लगे हैं लेकिन दादी-नानी उन्हें वो व्यंजन खिलाएं, जो सामान्यत: बच्चों को शहरों में नहीं मिल पाते या फिर बच्चों की मम्मी उन्हें नहीं खिला पातीं. इन्हें खाकर बच्चे खुश होंगे. अगर इस काम में बच्चों को भी जोड़ेंगे तो उन्हें अच्छा लगेगा. कोशिश करें कि वे जो काम कर सकते हैं उनसे ही करवाएं.
खेल-खेल में सिखाएं संस्कार
बच्चों के साथ उनकी पसंद वाले गेम्स भी खेलें. उनकी पसंद की कहानियां भी सुनाएं. वैसी कहानियां जरूर सुनाएं जिसमें दादा-नाना या दादी-नानी के साथ बच्चे भी होते हैं. वे एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं. इसमें उन्हें सम्मान, संस्कार वाली बातों को भी जोड़ दें. साथ में कुछ कहानियां बना भी सकते हैं जो बच्चों को गांव और उनसे जोड़ते हों.
छुट्टियां चल रही हैं. बच्चे अपने दादा-दादी, नाना-नानी के पास आने लगे हैं. यह वही समय होता है जब दोनों में अच्छी बॉन्डिंग हो सकती. बुजुर्ग अपने पोता-पोती के साथ कैसे बेहतर बर्ताव करें कि छुट्टियों के बाद भी उनकी पोते-पोतियों के बीच अच्छी बॉन्डिग बनी रहे. बच्चे उनसे खुद को कनेक्ट करें.
अलग तरीके से सजाएं कमरा
छुट्टियां समाप्त होने के बाद बच्चे के पास यादों का पिटारा होना चाहिए. इसके लिए तरह-तरह की एक्टिविटीज कराते रहें ताकि बच्चा अगली छुट्टियों में फिर आने के लिए तैयार रहे. जहां भी रहे अपने ग्रेंड पैरेंट्स को याद करे.
हर किसी को स्पेशल फील कराना अच्छा लगता है. अगर अपने पोते-पोतियों का कमरा अलग तरह से सजाते हैं तो उन्हें स्पेशल फील आएगा. उन्हें ग्रेंड पैरेंट्स के साथ खास जुड़ाव होगा. इसमें उनकी पसंद की चीजें लगा देंगे तो बच्चों को शानदार अनुभव होगा.





