लाइफ स्टाइल

खाने में नखरे करता है बच्चा तो ग्रोथ पर पड़ सकता है असर जानें कैसे

nidhi
14 Sept 2026 10:30 AM IST
खाने में नखरे करता है बच्चा तो ग्रोथ पर पड़ सकता है असर जानें कैसे
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बस एक बाइट और बच्चों को खाना खिलाने की जद्दोजहद कहीं रोक न दे ग्रोथ

लाइफस्टाइल : बच्चों को खाना खिलाना कई माता-पिता के लिए रोज की चुनौती बन जाता है। कभी बच्चा सब्जी देखकर मुंह बना लेता है तो कभी दूध, दाल या फल खाने से मना कर देता है। माता-पिता बार-बार 'बस एक बाइट और' कहते हुए बच्चे को मनाते रहते हैं। छोटे बच्चों में खाने को लेकर पसंद-नापसंद सामान्य हो सकती है, लेकिन अगर बच्चा लंबे समय तक बहुत सीमित चीजें ही खाता है तो उसके पोषण और विकास पर असर पड़ सकता है।

क्यों करते हैं बच्चे खाने में नखरे?
बच्चों का स्वाद समय के साथ विकसित होता है। किसी नए खाने की गंध, रंग या बनावट उन्हें पसंद नहीं आ सकती। कई बार बच्चे परिचित भोजन को ही बार-बार खाना चाहते हैं और नई चीजों को तुरंत स्वीकार नहीं करते। कुछ बच्चों में भूख का स्तर भी दिन-प्रतिदिन बदल सकता है। इसलिए एक-दो दिन कम खाना अपने आप में चिंता का कारण नहीं है। समस्या तब हो सकती है जब बच्चा लंबे समय तक कई महत्वपूर्ण खाद्य समूहों से दूरी बनाए रखे।
ग्रोथ पर कैसे पड़ सकता है असर?
अगर बच्चे के भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन और ऊर्जा नहीं मिलती तो पोषण संबंधी कमी का जोखिम बढ़ सकता है। लंबे समय तक पर्याप्त पोषण न मिलने पर वजन और लंबाई बढ़ने की गति प्रभावित हो सकती है। आयरन की कमी से एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है, जबकि कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रोटीन मांसपेशियों और शरीर के विकास में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए बच्चे के भोजन में अलग-अलग पोषक तत्वों का संतुलन जरूरी है।
जबरदस्ती खाना खिलाना सही नहीं
बच्चे को डांटकर या जबरदस्ती खाना खिलाना हमेशा बेहतर तरीका नहीं होता। इससे भोजन के प्रति उसकी नकारात्मक भावना बढ़ सकती है। इसके बजाय माता-पिता नई चीजों को कम मात्रा में बार-बार पेश कर सकते हैं। बच्चे को किसी नए स्वाद को स्वीकार करने में कई प्रयास लग सकते हैं।
भोजन के समय टीवी और मोबाइल जैसे ध्यान भटकाने वाले साधनों को सीमित रखना भी उपयोगी हो सकता है। परिवार के साथ बैठकर भोजन करने से बच्चा दूसरों को देखकर नई चीजें आजमाने के लिए प्रेरित हो सकता है।
खाने को बनाएं दिलचस्प
फल, सब्जियों और अन्य पौष्टिक चीजों को रंगीन और आकर्षक तरीके से परोसा जा सकता है। बच्चे को खाना चुनने या तैयार करने की छोटी प्रक्रिया में शामिल करना भी उसकी रुचि बढ़ा सकता है।
माता-पिता को केवल एक भोजन के बजाय बच्चे के पूरे सप्ताह के खाने के पैटर्न पर ध्यान देना चाहिए। अगर वह अलग-अलग खाद्य समूहों से पर्याप्त मात्रा में चीजें खा रहा है और उसकी ग्रोथ सामान्य है तो हर भोजन को लेकर चिंता जरूरी नहीं है।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
अगर बच्चे का वजन लगातार कम हो रहा हो, उसकी लंबाई या वजन अपेक्षित गति से न बढ़ रहा हो, वह बहुत कम प्रकार के खाद्य पदार्थ खाता हो या खाने में निगलने जैसी परेशानी हो तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। डॉक्टर बच्चे के ग्रोथ चार्ट और पोषण की स्थिति देखकर जरूरत के अनुसार आगे की सलाह दे सकते हैं।

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