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Lifestyle लाइफ स्टाइल : गर्मियों के मौसम में खानपान को लेकर लोगों की पहली पसंद ठंडी और ताजगी देने वाली चीजें होती हैं। ऐसे में अलग-अलग तरह की चटनियों का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है। खासकर धनिया-पुदीना की हरी चटनी हर घर की थाली में लगभग रोज ही देखने को मिल जाती है। यह चटनी रोटी, पराठा, पकौड़ा, समोसा और सैंडविच जैसी कई डिशेज के साथ स्वाद को और भी बढ़ा देती है।
हालांकि, घर पर चटनी बनाने में कई लोगों को एक आम समस्या का सामना करना पड़ता है। चटनी का रंग ब्राइट हरा नहीं आता और कुछ ही समय में यह काली या मटमैली पड़ने लगती है। वहीं रेस्टोरेंट जैसी चमकदार और स्वादिष्ट चटनी घर पर बनाना थोड़ा मुश्किल लगता है।
इसी समस्या को दूर करने के लिए कुछ आसान किचन टिप्स अपनाकर आप घर पर भी रेस्टोरेंट स्टाइल हरी चटनी तैयार कर सकते हैं। सही सामग्री और सही तरीका अपनाने से चटनी का रंग और स्वाद दोनों बेहतर हो सकते हैं।
सबसे पहला और जरूरी टिप यह है कि चटनी बनाने में हमेशा तीखी हरी मिर्च का इस्तेमाल करें। कई लोग हल्की या कम तीखी मिर्च का उपयोग करते हैं, जिससे चटनी का स्वाद फीका पड़ जाता है। तीखी मिर्च धनिया और पुदीने के स्वाद को बैलेंस करती है और चटनी को ज्यादा चटपटा बनाती है।
इसके अलावा, चटनी को पीसते समय सही मात्रा में पानी और ताजे हरे पत्तों का इस्तेमाल भी बहुत जरूरी होता है। ज्यादा पानी डालने से चटनी का टेक्सचर बिगड़ सकता है, जबकि बहुत कम पानी से यह ठीक से नहीं पिसती।
कुछ लोग चटनी का रंग लंबे समय तक हरा बनाए रखने के लिए नींबू का रस भी मिलाते हैं। नींबू न केवल स्वाद को बढ़ाता है बल्कि चटनी को ऑक्सीडाइज होकर काला पड़ने से भी बचाता है।
धनिया और पुदीना की पत्तियों को अच्छे से धोकर और सूखा कर इस्तेमाल करना भी जरूरी है, ताकि उसमें मौजूद अतिरिक्त पानी चटनी के रंग को खराब न करे।
कुल मिलाकर, अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो घर पर भी बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसी हरी, ताजी और स्वादिष्ट चटनी बनाई जा सकती है। सही सामग्री और सही तरीके से बनी चटनी हर खाने के स्वाद को दोगुना कर देती है और गर्मियों के खाने को और भी मजेदार बना देती है।





