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लाइफ स्टाइल

ऐसे करें असली और नकली बेसन की पहचान

Sandhya Yadav
25 Jun 2021 12:23 PM GMT
ऐसे करें असली और नकली बेसन की पहचान
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बेसन खाने का जायका बढ़ाने के साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | बेसन खाने का जायका बढ़ाने के साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। बेसन में मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिज हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इतना ही नहीं बेसन की मदद से रसोई में अनगिनत स्वादिष्ट व्यंजन भी तैयार किए जा सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं अगर बेसन में मिलावट की गई हो तो यह खाने का जायका और सेहत दोनों बिगाड़ भी सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कैसे कर सकते हैं असली और नकली बेसन की पहचान।

ऐसे करें असली और नकली बेसन की पहचान-
हाइड्रोक्लोरिक एसिड-
आप बेसन में मिलावट की जांच करने के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मदद ले सकते हैं। इसके लिए एक कटोरे में दो चम्मच बेसन लेकर उसमें दो चम्मच पानी मिला कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में दो चम्मच हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालकर कुछ समय के लिए छोड़ दे। अगर बेसन का रंग लाल दिखाई दें तो समझ जाएं बेसन मिलावटी है और अगर रंग नहीं बदलता है तो आपका बेसन असली हो सकता है।
नींबू-
बेसन में मिलावट की जांच करने के लिए आप नींबू का इस्तेमाल कर सकते हैं। बेसन में मिलावट जांचने के लिए आप दो चम्मच बेसन में दो चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिला दें। इसे 5-7 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। कुछ देर बाद अगर बेसन लाल या भूरे रंग का हो जाए तो समझ जाएं आपका बेसन नकली हो सकता है।

नकली बेसन खाने के नुकसान-

मिलावटी बेसन खाने से व्यक्ति को पेट दर्द, पेट में गैस या फिर एलर्जी की समस्या हो सकती है। अगर बेसन में खेसारी का आटा मिक्स हो, तो इसका सेवन करने से जोड़ों में दर्द हो सकता है।वहीं कई बार बेसन में केमिकल का इस्तेमाल होता है, जो दिल और दिमाग के लिए भी सही नहीं होता है।


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