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फ्रेंडशिप डे का इतिहास और महत्व, जानें पूरी कहानी

Ratna Netam
1 Aug 2026 3:25 PM IST
फ्रेंडशिप डे का इतिहास और महत्व, जानें पूरी कहानी
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लाइफ स्टाइल : दोस्ती का रिश्ता दुनिया के सबसे खूबसूरत रिश्तों में से एक माना जाता है। यह ऐसा रिश्ता होता है जो बिना किसी स्वार्थ के प्यार, भरोसे और साथ का एहसास कराता है। जिंदगी में सच्चे दोस्त मिलना किसी सौभाग्य से कम नहीं होता, क्योंकि अच्छे दोस्त मुश्किल समय में साथ खड़े रहते हैं और खुशियों के पलों को और खास बना देते हैं। इसी खास रिश्ते को सम्मान देने और दोस्तों के प्रति प्यार जताने के लिए हर साल फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।

फ्रेंडशिप डे के मौके पर लोग अपने दोस्तों के साथ समय बिताते हैं, उन्हें गिफ्ट देते हैं, फ्रेंडशिप बैंड बांधते हैं और खास संदेश भेजकर दोस्ती की शुभकामनाएं देते हैं। सोशल मीडिया के दौर में भी इस दिन का खास महत्व बना हुआ है। लोग अपने पुराने दोस्तों के साथ यादगार तस्वीरें साझा करते हैं और दोस्ती से जुड़े खास पलों को याद करते हैं।

भारत में फ्रेंडशिप डे हर साल अगस्त महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है। साल 2026 में भारत में फ्रेंडशिप डे 2 अगस्त को मनाया जाएगा। हालांकि, दुनिया के कई देशों में फ्रेंडशिप डे अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र यानी यूनाइटेड नेशन हर साल 30 जुलाई को इंटरनेशनल डे ऑफ फ्रेंडशिप के रूप में मनाता है।

फ्रेंडशिप डे मनाने का इतिहास काफी पुराना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दिन की शुरुआत का संबंध शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने के प्रयासों से जुड़ा हुआ है। साल 1958 में पैराग्वे के डॉक्टर रामोन आर्टेमियो ब्राचो ने दुनिया में शांति स्थापित करने और देशों के बीच दोस्ती बढ़ाने के उद्देश्य से बॉर्डर पार मित्रता को प्रोत्साहित करने का अभियान शुरू किया था। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए संयुक्त राष्ट्र ने साल 2011 में 30 जुलाई को आधिकारिक रूप से इंटरनेशनल डे ऑफ फ्रेंडशिप के तौर पर मान्यता दी।

संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य था कि दोस्ती के माध्यम से अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच आपसी समझ और शांति को बढ़ावा दिया जा सके। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि मजबूत दोस्ती और आपसी सहयोग दुनिया में तनाव और मतभेदों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अब सवाल यह है कि भारत जैसे देशों में अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे क्यों मनाया जाता है। दरअसल, अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाने की परंपरा अमेरिका से जुड़ी हुई है। माना जाता है कि इसकी शुरुआत एक छुट्टी वाले दिन दोस्ती के नाम पर लोगों को जोड़ने और बाजार में ग्रीटिंग कार्ड व अन्य उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई थी। धीरे-धीरे यह परंपरा कई देशों में लोकप्रिय हो गई और भारत में भी लोगों ने इसे अपनाना शुरू कर दिया।

भारत में फ्रेंडशिप डे खासकर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। स्कूल, कॉलेज और ऑफिस में लोग अपने दोस्तों को शुभकामनाएं देते हैं। कई जगह दोस्त एक-दूसरे को फ्रेंडशिप बैंड बांधते हैं और दोस्ती को हमेशा बनाए रखने का वादा करते हैं। हालांकि समय के साथ इसके मनाने के तरीके बदल गए हैं, लेकिन दोस्ती की भावना आज भी वही है।

आज डिजिटल दौर में फ्रेंडशिप डे का जश्न सोशल मीडिया पर भी देखने को मिलता है। लोग व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर अपने दोस्तों के लिए खास पोस्ट और संदेश साझा करते हैं। कई लोग इस दिन अपने बचपन के दोस्तों को याद करते हैं और पुराने अनुभवों को फिर से ताजा करते हैं।

फ्रेंडशिप डे सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस रिश्ते को सम्मान देने का मौका है जो जीवन में खुशी, भरोसा और भावनात्मक सहारा देता है। चाहे दोस्त पास हों या दूर, यह दिन उन्हें यह एहसास दिलाने का अवसर देता है कि उनकी मौजूदगी जिंदगी में कितनी खास है।

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