लाइफ स्टाइल

ब्रेस्ट कैंसर के छिपे लक्षण, शरीर में दिखें ये बदलाव तो रहें सतर्क

nidhi
3 Oct 2026 10:03 AM IST
ब्रेस्ट कैंसर के छिपे लक्षण, शरीर में दिखें ये बदलाव तो रहें सतर्क
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निप्पल से त्वचा तक इन बदलावों पर रखें नजर

लाइफस्टाइल : ब्रेस्ट कैंसर को लेकर आम धारणा है कि स्तन में गांठ या दर्द इसका सबसे प्रमुख संकेत होता है। लेकिन हर मामले में शुरुआत गांठ या दर्द से ही हो, यह जरूरी नहीं है। स्तन या आसपास के हिस्से में कई दूसरे बदलाव भी इसके संभावित संकेत हो सकते हैं। इनकी समय रहते पहचान और डॉक्टर से जांच बीमारी का जल्दी पता लगाने में मदद कर सकती है।

स्तन के आकार या बनावट में अचानक बदलाव ऐसा ही एक संकेत है। दोनों स्तनों का आकार प्राकृतिक रूप से थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन यदि किसी एक स्तन के आकार, आकृति या स्थिति में नया और असामान्य बदलाव दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
त्वचा में बदलाव भी ध्यान देने योग्य है। स्तन की त्वचा पर गड्ढे पड़ना, सिकुड़न आना या संतरे के छिलके जैसी बनावट दिखाई देना जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है। इसी तरह लगातार लालिमा, सूजन या त्वचा का मोटा होना भी डॉक्टर को दिखाने की वजह है।
निप्पल में अचानक बदलाव भी ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े संभावित संकेतों में शामिल है। यदि निप्पल पहले सामान्य था और अचानक अंदर की ओर खिंचने लगे या उसकी दिशा और आकार में बदलाव आए तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
स्तनपान न कराने की स्थिति में निप्पल से असामान्य तरल निकलना भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से बिना दबाए अपने आप निकलने वाला या खून मिला स्राव जांच की जरूरत पैदा कर सकता है। हालांकि निप्पल डिस्चार्ज के कई गैर-कैंसर कारण भी हो सकते हैं।
बगल या कॉलर बोन के आसपास सूजन या गांठ भी महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है। कई बार स्तन में स्पष्ट गांठ महसूस होने से पहले बगल के लिम्फ नोड्स में बदलाव दिखाई दे सकता है। ऐसी सूजन लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
निप्पल या उसके आसपास की त्वचा पर लगातार पपड़ी, खुजली, घाव या लाल चकत्ते जैसे बदलाव भी ध्यान देने योग्य हैं। त्वचा संबंधी सामान्य समस्याओं में भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं, लेकिन इलाज के बावजूद समस्या ठीक न हो तो विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
स्तन में लगातार दर्द भी जांच का कारण हो सकता है, हालांकि अधिकांश स्तन दर्द कैंसर के कारण नहीं होते। हार्मोनल बदलाव और कई सामान्य स्थितियां भी दर्द पैदा कर सकती हैं। इसके बावजूद किसी एक स्थान पर लगातार बना रहने वाला नया दर्द या अन्य बदलावों के साथ होने वाला दर्द नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यह समझना जरूरी है कि इन लक्षणों का दिखाई देना अपने आप में ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि नहीं करता। स्तन में गांठ, सूजन, दर्द या त्वचा में बदलाव कई सामान्य और गैर-कैंसर स्थितियों के कारण भी हो सकते हैं। सही कारण का पता चिकित्सकीय जांच से ही लगाया जा सकता है।
महिलाओं को अपने स्तनों के सामान्य आकार और बनावट से परिचित रहना चाहिए, ताकि कोई नया बदलाव आसानी से पहचाना जा सके। उम्र और व्यक्तिगत जोखिम के अनुसार डॉक्टर से ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग और मैमोग्राम के बारे में सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है।
ब्रेस्ट कैंसर में शुरुआती पहचान इलाज के विकल्प और परिणाम बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए केवल गांठ का इंतजार करने के बजाय स्तन, निप्पल, त्वचा और बगल में होने वाले नए या लगातार बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है।
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