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लाइफ स्टाइल : सर्दियों की शुरुआत होते ही अलमारी और बॉक्स में महीनों से रखी रजाई और कंबल बाहर निकलने लगते हैं। लंबे समय तक बंद रहने की वजह से इनमें सीलन और अजीब सी बदबू आ सकती है। कई बार धूल भी जमा हो जाती है। भारी रजाई-कंबल को बार-बार धोना आसान नहीं होता और कुछ कपड़ों को ज्यादा धोने से उनकी गर्माहट और मुलायमपन पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू तरीकों की मदद से बिना पानी में धोए भी इन्हें काफी हद तक फ्रेश और साफ किया जा सकता है।
सबसे आसान तरीका रजाई और कंबल को अच्छी तरह हवा और हल्की धूप दिखाना है। लंबे समय तक बंद रहने के कारण कपड़ों में नमी जमा हो सकती है, जो बदबू की बड़ी वजह बनती है। रजाई-कंबल को खुली जगह पर फैलाकर कुछ घंटों के लिए हवा लगने दें। यदि धूप बहुत तेज है तो लगातार कई घंटे रखने के बजाय हल्की सुबह की धूप बेहतर रहती है। खासकर रंगीन या नाजुक कपड़ों को तेज धूप में बहुत देर रखने से उनका रंग फीका पड़ सकता है।
रजाई को धूप में रखने से पहले उसे अच्छी तरह झटकना भी जरूरी है। इससे उसमें जमा ढीली धूल और छोटे कण निकल सकते हैं। रजाई या कंबल को बालकनी, छत या किसी साफ खुली जगह पर फैलाकर दोनों तरफ हवा लगने दें। कुछ समय बाद उसे पलट दें ताकि दूसरी तरफ भी हवा और धूप पहुंच सके।
अगर घर में वैक्यूम क्लीनर है तो इसका इस्तेमाल रजाई और कंबल की सतह से धूल हटाने के लिए किया जा सकता है। वैक्यूम का अपहोल्स्ट्री अटैचमेंट या कम सक्शन सेटिंग बेहतर रहती है। इसे धीरे-धीरे पूरी सतह पर चलाएं। किनारों और सिलाई वाली जगहों पर खास ध्यान दें, क्योंकि यहां धूल ज्यादा जमा हो सकती है। बहुत नाजुक कपड़े पर पहले किसी छोटे हिस्से में जांच करना बेहतर है।
बदबू दूर करने के लिए बेकिंग सोडा भी उपयोगी हो सकता है। रजाई या कंबल को किसी साफ और सूखी जगह पर फैलाएं और उसकी सतह पर बहुत हल्की मात्रा में बेकिंग सोडा छिड़क दें। इसे कुछ समय तक ऐसे ही रहने दें। इसके बाद रजाई को अच्छी तरह झटकें या वैक्यूम क्लीनर से बेकिंग सोडा हटा दें। ध्यान रखें कि पाउडर पूरी तरह निकल जाए और कपड़े में जमा न रहे।
अगर रजाई-कंबल पर किसी एक जगह छोटा दाग लगा है तो पूरी रजाई धोने के बजाय स्पॉट क्लीनिंग की जा सकती है। इसके लिए कपड़े के केयर लेबल को पहले जरूर देखें। यदि लेबल इसकी अनुमति देता है तो हल्के डिटर्जेंट को पानी में मिलाकर साफ कपड़े की मदद से दाग वाली जगह को धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है। कपड़े को बहुत ज्यादा गीला करने से बचें।
स्पॉट क्लीनिंग करते समय दाग को जोर-जोर से रगड़ना सही नहीं है। इससे दाग फैल सकता है या कपड़े के फाइबर खराब हो सकते हैं। हल्के हाथों से थपथपाते हुए सफाई करें। इसके बाद साफ और हल्के नम कपड़े से डिटर्जेंट का अवशेष निकालें और रजाई को पूरी तरह सूखने दें। नमी रहते हुए इसे वापस अलमारी में बिल्कुल न रखें।
रजाई और कंबल को फ्रेश रखने के लिए उन्हें नियमित रूप से हवा लगाना भी जरूरी है। केवल सर्दियों की शुरुआत में ही नहीं, इस्तेमाल के दौरान भी समय-समय पर इन्हें खुली जगह पर फैलाना अच्छा रहता है। शरीर से निकलने वाली नमी और पसीने के कारण भी इनमें गंध पैदा हो सकती है।
कंबल या रजाई से बहुत तेज सीलन की बदबू आ रही है तो पहले यह जांचें कि उसमें फफूंदी तो नहीं लगी है। केवल खुशबूदार स्प्रे डालकर फफूंदी की समस्या को छिपाना सही तरीका नहीं है। अगर कपड़े पर फफूंदी के स्पष्ट निशान हैं या तेज दुर्गंध बनी हुई है तो उसके केयर लेबल के अनुसार अच्छी तरह धोना या प्रोफेशनल क्लीनिंग कराना बेहतर हो सकता है।
रजाई-कंबल की सफाई के साथ उनका सही तरीके से स्टोरेज भी महत्वपूर्ण है। सर्दियों का मौसम खत्म होने के बाद उन्हें रखने से पहले सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह साफ और सूखे हों। थोड़ी सी नमी भी लंबे समय तक बंद रहने पर सीलन और बदबू की वजह बन सकती है।
स्टोरेज वाली जगह भी साफ और सूखी होनी चाहिए। रजाई को सीधे नम दीवार या फर्श के संपर्क में रखने से बचें। समय-समय पर अलमारी या बॉक्स खोलकर हवा लगाना भी फायदेमंद हो सकता है। रजाई को बहुत ज्यादा दबाकर रखने से उसकी फिलिंग की बनावट प्रभावित हो सकती है।
अगर रजाई में रूई, ऊन, डाउन या कोई विशेष फिलिंग है तो उसकी सफाई से पहले केयर लेबल जरूर पढ़ें। हर रजाई को एक ही तरीके से साफ नहीं किया जा सकता। कुछ कंबल मशीन वॉश किए जा सकते हैं, जबकि कुछ के लिए ड्राई क्लीनिंग या विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
रजाई-कंबल को फ्रेश रखने के लिए सबसे जरूरी बात है कि उनमें नमी जमा न होने दी जाए। हल्की धूप, खुली हवा, नियमित झाड़ना, जरूरत के अनुसार वैक्यूमिंग और छोटे दागों की स्पॉट क्लीनिंग जैसे तरीके रोजमर्रा की देखभाल में काम आ सकते हैं।
इस तरह हर बार भारी रजाई या कंबल को पानी से धोने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि बहुत ज्यादा गंदगी, फफूंदी, शरीर के तरल पदार्थ के दाग या लंबे समय से जमा मैल होने पर उचित धुलाई जरूरी हो सकती है। सही देखभाल और स्टोरेज से रजाई-कंबल न केवल साफ और फ्रेश रहेंगे, बल्कि अगले सर्दी के मौसम में निकालने पर सीलन और बदबू की परेशानी भी कम होगी।
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