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Lifestyle लाइफ स्टाइल : बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। खराब लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, प्रदूषण, गलत खानपान और बालों की सही देखभाल न करने की वजह से बड़ी संख्या में लोग हेयर फॉल की समस्या से परेशान रहते हैं। हालांकि मौसम बदलने के साथ भी बालों से जुड़ी कई परेशानियां बढ़ जाती हैं। खासतौर पर मानसून के दौरान कई लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा बाल टूटने और झड़ने की शिकायत होने लगती है।
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. मनाल दवे के मुताबिक, बारिश का मौसम सीधे तौर पर बालों को झड़ने के लिए जिम्मेदार नहीं होता, लेकिन यह उन परिस्थितियों को बढ़ा सकता है, जिनकी वजह से हेयर फॉल की समस्या बढ़ जाती है। मानसून में वातावरण में नमी का स्तर काफी ज्यादा हो जाता है। इस वजह से बाल ज्यादा नमी सोख लेते हैं और कमजोर होकर आसानी से टूटने लगते हैं।
बारिश के मौसम में गर्मी और नमी के कारण स्कैल्प पर पसीना ज्यादा आता है। इससे सिर की त्वचा पर गंदगी और तेल जमा होने लगता है। ऐसी स्थिति में ‘मैलासेजिया’ नाम का फंगस तेजी से बढ़ सकता है, जिससे डैंड्रफ, खुजली और स्कैल्प में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यही कारण है कि मानसून के दौरान कई लोगों को बालों के झड़ने की समस्या ज्यादा महसूस होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में बालों की सही देखभाल करके इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि बालों और स्कैल्प को साफ रखा जाए। अगर स्कैल्प ज्यादा ऑयली रहती है तो बालों को नियमित रूप से धोना चाहिए। बाल धोने के बीच ज्यादा लंबा गैप रखने से स्कैल्प पर गंदगी और तेल जमा हो सकता है, जिससे समस्या बढ़ सकती है।
अगर किसी व्यक्ति को डैंड्रफ या सिर में खुजली की परेशानी है, तो हफ्ते में एक से दो बार एंटी-डैंड्रफ शैम्पू का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल अपनी समस्या के अनुसार करना चाहिए। बाल धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह सुखाना भी बेहद जरूरी है। गीले बालों को लंबे समय तक बांधकर रखने या ढकने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे फंगस और बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा रहता है।
बालों की देखभाल के लिए कंडीशनर का सही तरीके से इस्तेमाल करना भी जरूरी है। कंडीशनर को बालों की जड़ों पर लगाने से बचना चाहिए। इसे केवल बालों की लंबाई और सिरों पर लगाना चाहिए। इसके अलावा हफ्ते में एक बार हेयर मास्क का इस्तेमाल करने से बालों की नमी बनी रहती है और रूखापन कम हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि बालों को सुरक्षित रखने के लिए हेयर सीरम का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यह बालों को बाहरी नुकसान से बचाने और रूखेपन को कम करने में मदद करता है। वहीं, बालों को कंघी करते समय भी सावधानी रखनी चाहिए। गीले बाल ज्यादा कमजोर होते हैं, इसलिए उन पर जोर से कंघी करने से बचना चाहिए। चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है।
मानसून में हेयर स्टाइलिंग के लिए ज्यादा हीट का इस्तेमाल भी बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर या अन्य हीट टूल्स का इस्तेमाल करना जरूरी हो तो हीट प्रोटेक्टेंट का उपयोग करना चाहिए।
बालों की मजबूती के लिए खानपान का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करना चाहिए। इसके अलावा अगर शरीर में आयरन, विटामिन डी, विटामिन बी12 या जिंक की कमी हो तो डॉक्टर की सलाह से इसे पूरा किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बाल झड़ने की समस्या लगातार दो से तीन महीने तक बनी रहती है, बाल पहले की तुलना में काफी पतले नजर आने लगते हैं या सामान्य से ज्यादा बाल गिर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेकर सही कारण पता करना और समय पर इलाज शुरू करना जरूरी है। सही देखभाल और सावधानी से मानसून में भी बालों को स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है।





