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Rajasthan राजस्थान : की मावा कचौड़ी अपनी मिठास और कुरकुरेपन के लिए पूरे देश में मशहूर है। यह मिठाई खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर बहुत पसंद की जाती है। लेकिन कई बार लोग इसे घर पर बनाने की कोशिश करते हैं और सही तकनीक न होने के कारण कचौड़ी फट जाती है, जिससे अंदर का मावा तेल में फैल जाता है और पूरा स्वाद खराब हो जाता है। ऐसे में सही विधि और सावधानी के साथ इसे बनाना बहुत जरूरी होता है।
मावा कचौड़ी का असली स्वाद उसके अंदर भरे मीठे मावा और सूखे मेवों के मिश्रण से आता है। इसे बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि आटा सही तरीके से गूंथा जाए और भरावन पूरी तरह ठंडा हो। अगर ये दोनों चीजें सही हों तो कचौड़ी आसानी से नहीं फटती और इसका स्वाद भी बेहतर बनता है।
सामग्री
मावा कचौड़ी बनाने के लिए मुख्य सामग्री में गेहूं का आटा, घी, नमक, मावा, चीनी और सूखे मेवे शामिल होते हैं। आटे में घी का सही मात्रा में इस्तेमाल इसे कुरकुरा बनाता है, जबकि मावा इसकी मिठास को बढ़ाता है।
बनाने की विधि
सबसे पहले एक बर्तन में गेहूं का आटा लें और उसमें थोड़ा नमक मिलाएं। इसके बाद इसमें घी डालकर अच्छे से मिलाएं ताकि आटे में मोयन अच्छी तरह आ जाए। अब धीरे-धीरे पानी डालते हुए नरम आटा गूंद लें और उसे कुछ देर के लिए ढककर रख दें।
अब भरावन तैयार करें। इसके लिए मावा को हल्का सा भून लें और उसमें चीनी तथा कटे हुए सूखे मेवे मिला दें। इस मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें। गर्म भरावन डालने से कचौड़ी फटने की संभावना बढ़ जाती है।
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें हल्के हाथों से बेल लें। बीच में मावा का मिश्रण भरें और अच्छे से बंद कर दें। किनारों को अच्छी तरह सील करना बहुत जरूरी है, ताकि तलते समय कचौड़ी न खुले।
अब कढ़ाई में धीमी से मध्यम आंच पर तेल गर्म करें और एक-एक करके कचौड़ियों को तलें। तेज आंच पर तलने से कचौड़ी तुरंत फट सकती है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है। जब कचौड़ियां सुनहरे रंग की हो जाएं तो उन्हें निकाल लें।
तैयार मावा कचौड़ी को ठंडा होने के बाद परोसें। यह चाय के साथ या त्योहारों में मिठाई के रूप में परोसी जा सकती है। सही तरीके से बनाई गई मावा कचौड़ी बाजार जैसी ही स्वादिष्ट और कुरकुरी बनती है।





