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सर्दी के मौसम में हाथ-पैर ठंडे रहते हैं, इन 5 बीमारियों को न करें नज़रअंदाज

Mahima Marko
7 Dec 2021 6:18 AM GMT
सर्दी के मौसम में हाथ-पैर ठंडे रहते हैं, इन 5 बीमारियों को न करें नज़रअंदाज
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सर्दी के मौसम में हाथ-पैर ठंडे होना आम समस्या है। मगर, कुछ लोगों की शिकायत रहती है

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। सर्दी के मौसम में हाथ-पैर ठंडे होना आम समस्या है। मगर, कुछ लोगों की शिकायत रहती है कि उनके हाथ-पैर हद से ज्यादा ठंडे रहते हैं। जुराबे या ग्लव्स पहनने के बाद भी उनके हाथ-पैर गर्म नहीं होता। हालांकि लोग इसे मामूली समझकर इग्नोर कर देते हैं लेकिन यह किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं। जी हां, ठंडे-हाथ पैर डायबिटीज से लेकर कई बीमारियों का इशारा देते हैं इसलिए इन्हें हल्के में ना लें।

डायबिटीज
अगर बार-बार पेशाब आना, घाव ना भरना , अधिक भूख व प्यास लगना जैसे लक्षणों के साथ हाथ-पैर ठंडे रहने की शिकायत रहती है तो एक बार डायबिटीज की जांच करवा लें।
हाइपोथायरायडिज्म
हाइपोथायरायडिज्म एक अंडरएक्टिव थायरॉयड ग्रंथि के कारण होता है, जो थायराइड हार्मोन के निम्न स्तर का उत्पादन करता है। इसका शरीर के चयापचय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं, इस बीमारी में ठंड के प्रति संवेदनशीलता में बढ़ जाती है. जिससे हाथ-पैर ठंडे रहते हैं।
रेनॉड फेनोमेनन
यह एक ऐसा सिंड्रोम है, जिसमें खून की आपूर्ति करने वाली छोटी धमनियां सिकुड़ जाती हैं और उनमें ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है। इससे ना सिर्फ हाथ-पैर ठंडे पड़ जाते हैं बल्कि उंगलियों में रंग नीला, लाल या पीला भी पड़ जाता है। सिर्फ हाथ-पैर ही नहीं, कम तापमान या तनाव के कारण शरीर के कुछ हिस्से भी सुन्न पड़ जाते हैं।
तंत्रिका विकार
तंत्रिका विकार (Nerve disorders) भी ठंडे हाथों-पैरों का कारण बन सकता हैं। तंत्रिका क्षति आघात या चोट के कारण हो सकती है, जैसे कि पेरिफेरल न्यूरोपैथी यकृत या गुर्दे की बीमारी, संक्रमण या आनुवंशिकी। इसके कारण पैर में सुन्नपन व झनझनाहट भी होती है।
हाई कोलेस्ट्रोल
हाथों-पैरों में गर्माहट ना होना हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण भी बन सकता है। दरअसल, उच्च कोलेस्ट्रॉल धमनियों के अंदर प्लाक बनाने का कारण बन सकता है, जो पैरों और पैरों में ब्लड सर्कुलेशन को कम कर सकता है। इससे हाथ-पैर ठंडे हो सकते हैं।
एनीमिया
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है, जिसके कारण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है। यह कई कारकों के कारण हो सकता है, जिसमें आयरन, विटामिन बी 12, या फोलेट, या क्रोनिक किडनी रोग की कमी शामिल है। लक्षणों की बात करें तो हाथ-पैर ठंडे होना इसका सबसे आम संकेत है।
तनाव
तनाव का ब्‍लड सर्कुलेशन पर नकारात्‍मक असर पड़ता है, जिससे वो धीमा हो जाता है। वहीं, इस मौसम में विंटर ब्लूज (एक तरह का तनाव) की समस्या भी अधिक देखने को मिलती है, जिसके कारण हाथ-पैर और उंगलियां ठंडी पड़ जाती है। कई बार उनमें सूजन भी आ जाती है।


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