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Lifestyle, लाइफस्टाइल: बालों का झड़ना आज के समय में आम समस्या बन चुकी है। कंघी करते समय, नहाते वक्त या तकिए पर गिरे बालों को देखकर अक्सर लोगों के मन में डर बैठ जाता है कि कहीं यह गंजेपन की शुरुआत तो नहीं। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार हर बार बालों का झड़ना किसी बीमारी या गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता। जरूरी है कि सामान्य हेयर फॉल और परेशानी वाले हेयर फॉल के बीच फर्क समझा जाए।
डॉक्टरों का कहना है कि एक स्वस्थ व्यक्ति के रोजाना 50 से 100 बाल गिरना सामान्य माना जाता है। दरअसल, बालों का एक प्राकृतिक चक्र होता है। हर बाल एक निश्चित समय तक बढ़ता है, फिर आराम की स्थिति में जाता है और बाद में झड़ जाता है, ताकि उसकी जगह नया बाल आ सके। इस प्रक्रिया को हेयर ग्रोथ साइकिल कहा जाता है। ऐसे में रोज थोड़े-बहुत बालों का गिरना चिंता की बात नहीं है।
मौसम बदलने के दौरान भी कई लोगों को ज्यादा हेयर फॉल की शिकायत होती है। खासतौर पर मानसून और सर्दियों के समय बाल झड़ना बढ़ सकता है। इसे सीजनल हेयर फॉल कहा जाता है, जो कुछ हफ्तों या महीनों में अपने आप कम हो जाता है। इसी तरह तनाव, नींद की कमी और दिनचर्या में बदलाव भी अस्थायी तौर पर बाल झड़ने का कारण बन सकते हैं।
हालांकि कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं, जब बालों का झड़ना सामान्य नहीं माना जाता। अगर रोजाना 100 से ज्यादा बाल गिर रहे हैं और यह समस्या लंबे समय तक बनी हुई है, तो यह संकेत हो सकता है कि शरीर में कोई गड़बड़ी है। अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ना, जिसे टेलोजन एफ्लूवियम कहा जाता है, अक्सर गंभीर तनाव, बुखार, सर्जरी, कोरोना संक्रमण या हार्मोनल बदलाव के बाद देखने को मिलता है।
अगर बाल झड़ने के साथ-साथ सिर की त्वचा साफ दिखाई देने लगे, हेयरलाइन पीछे खिसकने लगे या सिर के बीच में खालीपन नजर आने लगे, तो यह गंजेपन की ओर इशारा कर सकता है। पुरुषों में यह समस्या अक्सर जेनेटिक कारणों से होती है, जिसे मेल पैटर्न बाल्डनेस कहा जाता है। वहीं महिलाओं में भी हार्मोनल असंतुलन, पीसीओडी या थायरॉइड की समस्या के कारण बाल पतले होने लगते हैं।
इसके अलावा, अगर बाल झड़ने के साथ खुजली, जलन, रूसी, लाल चकत्ते या दर्द जैसी समस्या हो, तो यह किसी स्किन इंफेक्शन या एलर्जी का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।
डॉक्टर से मिलने की जरूरत तब भी होती है, जब बाल झड़ने के साथ कमजोरी, थकान, वजन में अचानक बदलाव या माहवारी में अनियमितता जैसे लक्षण दिखें। ये संकेत शरीर में पोषण की कमी या हार्मोनल समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। आयरन, प्रोटीन, विटामिन डी और बी12 की कमी भी हेयर फॉल का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते कारण का पता चल जाए, तो बालों का झड़ना काफी हद तक रोका जा सकता है। सही खानपान, पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच करवाना इसमें मददगार साबित होता है।
कुल मिलाकर, हर बार बालों का झड़ना घबराने की बात नहीं है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बढ़ रही है और नए बाल उगने के संकेत नहीं दिख रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर समस्या को गंभीर होने से पहले संभाला जा सकता है।
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