लाइफ स्टाइल

ग्वारफली ढोकली: बिना रोटी-चावल के बनाएं स्वादिष्ट वन पॉट डिश

Rajeshwari Nishad
25 Oct 2026 6:15 PM IST
ग्वारफली ढोकली: बिना रोटी-चावल के बनाएं स्वादिष्ट वन पॉट डिश
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लाइफस्टाइल । अगर आप रोजाना एक जैसी दाल और सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार खाने की थाली में कुछ नया और चटपटा शामिल कर सकते हैं। आपने दाल ढोकली का स्वाद तो जरूर चखा होगा, लेकिन क्या कभी ग्वारफली ढोकली खाई है? यह राजस्थान के मारवाड़ और गुजरात के काठियावाड़-सौराष्ट्र क्षेत्रों में बनाई जाने वाली पारंपरिक डिश है। इसमें ग्वार की फली और मसालेदार आटे से बनी ढोकली का ऐसा मेल होता है, जो साधारण सब्जी को भी खास बना देता है।
ग्वारफली ढोकली को गुजराती शैली में ग्वार फली ढोकली नूं शाक भी कहा जाता है। इसकी खासियत है कि इसमें अलग से रोटी बनाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि आटे से बनी ढोकली सब्जी के साथ ही पकती है। घर में उपलब्ध सामान्य मसालों से तैयार होने वाली यह डिश दोपहर या रात के खाने के लिए एक अच्छा विकल्प है।
ग्वारफली ढोकली बनाने के लिए चाहिए ये सामग्री
इस स्वादिष्ट डिश को बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं है। चार लोगों के लिए लगभग 200 से 250 ग्राम ग्वारफली, आधा कप गेहूं का आटा, आधा कप बेसन, दो टमाटर, अदरक, हरी मिर्च और कुछ सामान्य मसालों की जरूरत होगी।
ढोकली बनाने के लिए सामग्री:
आधा कप गेहूं का आटा
आधा कप बेसन
एक चौथाई चम्मच अजवाइन
एक चौथाई चम्मच जीरा
एक चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर
एक चौथाई चम्मच लाल मिर्च पाउडर
स्वादानुसार नमक
डेढ़ बड़ा चम्मच तेल
जरूरत के अनुसार पानी
सब्जी बनाने के लिए सामग्री:
200 से 250 ग्राम ग्वारफली
दो मध्यम आकार के टमाटर
एक छोटा टुकड़ा अदरक
दो हरी मिर्च
आधा चम्मच राई
आधा चम्मच जीरा
एक चुटकी हींग
आधा चम्मच हल्दी
एक चम्मच धनिया पाउडर
स्वादानुसार लाल मिर्च और नमक
दो से तीन बड़े चम्मच तेल
थोड़ा गरम मसाला
नींबू का रस और हरा धनिया
सामग्री की मात्रा अपने स्वाद और जरूरत के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं।
सबसे पहले तैयार करें मसालेदार ढोकली
ग्वारफली ढोकली बनाने की शुरुआत आटा गूंथने से करें। इसके लिए एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, बेसन, अजवाइन, जीरा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें। इसमें थोड़ा तेल मिलाकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।
अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा गूंथें। ध्यान रखें कि आटा बहुत नरम या
चिपचिपा
नहीं होना चाहिए। इसे रोटी के आटे से थोड़ा सख्त रखें, ताकि पकाते समय ढोकली अपना आकार बनाए रखे। आटा तैयार होने के बाद इसे करीब 10 मिनट के लिए ढककर रख दें।
इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें पतला बेल लें। अब चाकू की मदद से इसे चौकोर या छोटे हीरे के आकार के टुकड़ों में काट लें। आप चाहें तो आटे से छोटी-छोटी गोल ढोकली भी तैयार कर सकते हैं। सभी टुकड़ों को एक प्लेट में अलग-अलग रखें, ताकि वे आपस में चिपकें नहीं।
ऐसे बनाएं ग्वारफली की मसालेदार सब्जी
सबसे पहले ग्वारफली को अच्छी तरह धो लें। इसके दोनों सिरों को काटकर फली को छोटे टुकड़ों में बांट लें। अब टमाटर, अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट तैयार कर लें।
एक गहरे पैन या कुकर में तेल गर्म करें। इसमें राई और जीरा डालें। जब ये चटकने लगें, तो हींग डालकर कुछ सेकंड भूनें। इसके बाद अदरक, हरी मिर्च और टमाटर का पेस्ट डाल दें। मिश्रण को तब तक पकाएं, जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाएं और मसाले से तेल अलग दिखाई देने लगे।
अब इसमें ग्वारफली डालें। हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक मिलाकर दो से तीन मिनट तक भूनें। इसके बाद जरूरत के अनुसार पानी डालें और सब्जी को कुछ देर पकने दें, ताकि फली थोड़ी नरम हो जाए।
अब सब्जी में डालें ढोकली, इस बात का रखें ध्यान
जब सब्जी में अच्छी तरह उबाल आने लगे, तब तैयार की गई ढोकली के टुकड़ों को एक-एक करके डालें। सभी टुकड़ों को एक साथ डालने से वे आपस में चिपक सकते हैं, इसलिए धीरे-धीरे डालना बेहतर है।
ढोकली डालने के बाद सब्जी को मध्यम आंच पर करीब 12 से 15 मिनट तक पकाएं। बीच-बीच में हल्के हाथ से चलाते रहें, ताकि ढोकली बर्तन के तले में चिपके नहीं। जरूरत पड़ने पर थोड़ा गर्म पानी भी मिला सकते हैं।
जब ढोकली पूरी तरह पक जाए और सब्जी का रस गाढ़ा होने लगे, तब इसमें थोड़ा गरम मसाला और नींबू का रस डालें। ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें। इस तरह आपकी स्वादिष्ट ग्वारफली ढोकली तैयार हो जाएगी। पकाने का समय ढोकली के आकार और मोटाई के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।
रोटी और चावल के साथ भी लगेगी लाजवाब
ग्वारफली ढोकली को गर्मागर्म परोसने पर इसका स्वाद और बेहतर लगता है। इसे बाजरे की रोटी, गेहूं की रोटी, फुल्के या सादे चावल के साथ खा सकते हैं। अगर आपको चटपटा खाना पसंद है, तो इसमें हरी मिर्च और नींबू की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार बढ़ा सकते हैं।
राजस्थानी अंदाज के लिए आटे में थोड़ा सौंफ पाउडर या अजवाइन मिलाना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, गुजराती स्वाद पसंद करने वाले लोग मसालों के साथ थोड़ा गुड़ डालकर तीखेपन और खट्टेपन का संतुलन बना सकते हैं।
स्वाद के साथ पोषण का भी रखें ध्यान
ग्वारफली में फाइबर और कुछ जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जबकि गेहूं के आटे और बेसन से कार्बोहाइड्रेट तथा प्रोटीन मिलता है। हालांकि, इस डिश का पोषण तेल की मात्रा, इस्तेमाल की गई सामग्री और परोसने के आकार पर निर्भर करेगा। संतुलित खानपान के लिए तेल और नमक की मात्रा नियंत्रित रखें।
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