लाइफ स्टाइल

दुनिया के दिग्गज चखेंगे देसी स्वाद BRICS का खास मेन्यू तैयार

Ratna Netam
12 Sept 2026 2:07 PM IST
दुनिया के दिग्गज चखेंगे देसी स्वाद BRICS का खास मेन्यू तैयार
x
नई दिल्ली। BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक कूटनीति के साथ भारत की समृद्ध खानपान संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। दुनिया के कई बड़े नेताओं और प्रतिनिधियों की मेजबानी के लिए खास मेन्यू तैयार किया गया है, जिसमें भारत के अलग-अलग हिस्सों के लोकप्रिय व्यंजनों को जगह दी गई है। लखनवी कबाब से लेकर राजस्थानी कचौड़ी तक कई भारतीय स्वाद विदेशी मेहमानों के सामने परोसे जाने की तैयारी है। इस खास मेन्यू के जरिए भारत अपनी विविध पाक परंपराओं और मेहमाननवाजी की झलक दुनिया को दिखाएगा।
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भोजन सिर्फ मेहमानों की मेजबानी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मेजबान देश की संस्कृति और पहचान को सामने रखने का भी एक माध्यम बनता है। यही वजह है कि मेन्यू में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की खासियत माने जाने वाले व्यंजनों को शामिल करने पर जोर दिया गया है। विदेशी प्रतिनिधियों के सामने ऐसी डिश पेश करने की तैयारी है, जिनके स्वाद के साथ भारत की क्षेत्रीय विविधता भी दिखाई दे।
अवध की रसोई से लखनवी कबाब
भारतीय खानपान की चर्चा हो और लखनऊ के कबाब का नाम न आए, ऐसा मुश्किल है। अवध की रसोई अपने कबाब और सुगंधित मसालों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। BRICS के मेहमानों के लिए तैयार किए गए शाही मेन्यू में लखनवी अंदाज के कबाब आकर्षण का केंद्र रह सकते हैं।
लखनवी कबाब की खासियत इसका मुलायम टेक्सचर और संतुलित मसाले होते हैं। अवध की पाक परंपरा में मसालों का इस्तेमाल केवल तीखापन बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि स्वाद और खुशबू की अलग-अलग परतें तैयार करने के लिए किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को ध्यान में रखते हुए व्यंजनों के स्वाद और प्रस्तुति में संतुलन रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
राजस्थान की कचौड़ी भी बढ़ाएगी स्वाद
राजस्थान अपने शाही इतिहास के साथ मसालेदार और पारंपरिक खानपान के लिए भी जाना जाता है। राजस्थानी कचौड़ी भारत के सबसे लोकप्रिय स्नैक्स में शामिल है। कुरकुरी बाहरी परत और मसालेदार भरावन इसकी पहचान है।
BRICS के मेन्यू में राजस्थानी स्वाद को जगह मिलने से विदेशी मेहमान भारत की स्ट्रीट फूड और पारंपरिक स्नैक संस्कृति की झलक भी देख सकेंगे। कचौड़ी को आधुनिक और आकर्षक अंदाज में परोसा जा सकता है, ताकि उसका पारंपरिक स्वाद बरकरार रहने के साथ अंतरराष्ट्रीय आयोजन के अनुरूप प्रेजेंटेशन भी मिले।
एक मेन्यू में दिखेगी भारत की विविधता
भारत में कुछ किलोमीटर की दूरी पर भाषा और पहनावे के साथ भोजन का स्वाद भी बदल जाता है। उत्तर भारत के कबाब और कचौड़ी से लेकर दक्षिण भारत के मसाले, पश्चिमी भारत के स्नैक्स और पूर्वी भारत की मिठाइयों तक देश की पाक संस्कृति बेहद विस्तृत है।
ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन भारत को अपनी इसी विविधता को दुनिया के सामने रखने का अवसर देते हैं। मेन्यू तैयार करते समय अलग-अलग क्षेत्रों के व्यंजनों का चयन इस तरह किया जा सकता है कि मेहमान एक ही आयोजन में भारतीय भोजन के कई रंगों का अनुभव कर सकें।
भारतीय मसालों की खुशबू बनेगी खास
भारतीय व्यंजनों की सबसे बड़ी पहचान यहां इस्तेमाल होने वाले मसाले हैं। इलायची, दालचीनी, लौंग, केसर, जीरा, धनिया और काली मिर्च जैसे मसाले सदियों से भारतीय रसोई का हिस्सा रहे हैं। इनका सही संतुलन किसी भी साधारण व्यंजन को खास बना देता है।
अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए भोजन तैयार करते समय मसालों का संतुलन बेहद अहम होता है। बहुत अधिक तीखेपन के बजाय व्यंजन की मूल खुशबू और स्वाद को प्रमुखता दी जाती है। इससे विदेशी मेहमान भारतीय मसालों का अनुभव भी कर सकते हैं और भोजन उनके स्वाद के अनुकूल भी रहता है।
शाकाहारी व्यंजनों पर भी नजर
भारतीय भोजन की एक बड़ी विशेषता शाकाहारी व्यंजनों की विशाल विविधता है। दाल, सब्जियों, अनाज, पनीर और अलग-अलग प्रकार के मसालों से तैयार होने वाले भारतीय शाकाहारी व्यंजन दुनियाभर में पसंद किए जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अलग-अलग देशों से आने वाले प्रतिनिधियों की खानपान संबंधी पसंद और जरूरतें अलग हो सकती हैं। ऐसे में शाकाहारी विकल्पों से लेकर अन्य विशेष आहार जरूरतों का ध्यान रखना मेजबानी का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। भारत के पास शाकाहारी भोजन में इतने विकल्प हैं कि स्वाद और विविधता दोनों आसानी से पेश किए जा सकते हैं।
मिठाइयों से पूरा होगा भारतीय स्वाद
भारतीय भोजन की बात मिठाई के बिना पूरी नहीं होती। देश के लगभग हर हिस्से की अपनी अलग मिठाई है। कहीं दूध और खोये से मिठाई तैयार की जाती है तो कहीं गुड़, मेवे, चावल और नारियल से खास पकवान बनाए जाते हैं।
BRICS जैसे आयोजन में भारतीय मिठाइयों की प्रस्तुति विदेशी मेहमानों के लिए खास अनुभव हो सकती है। पारंपरिक मिठाइयों को छोटे और आकर्षक हिस्सों में आधुनिक प्लेटिंग के साथ पेश करना भारतीय स्वाद और अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति का दिलचस्प मेल तैयार कर सकता है।
स्वाद के साथ प्रेजेंटेशन पर भी खास ध्यान
विश्व नेताओं के लिए आयोजित भोज में केवल खाने का स्वाद ही नहीं बल्कि उसे परोसने का तरीका भी महत्वपूर्ण होता है। टेबल की सजावट, क्रॉकरी, कटलरी और हर व्यंजन की प्लेटिंग तक पर बारीकी से ध्यान दिया जाता है।
भारतीय कला और संस्कृति से प्रेरित सजावट भोजन के अनुभव को और खास बना सकती है। व्यंजनों के नाम और उनसे जुड़ी क्षेत्रीय पहचान के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना भी मेहमानों को भारतीय खानपान समझने में मदद करता है।
कूटनीति की मेज पर भारतीय मेहमाननवाजी
अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में औपचारिक बैठकों के अलावा नेताओं के बीच भोज और अनौपचारिक बातचीत भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। खाने की मेज ऐसा अवसर देती है जहां औपचारिक माहौल से अलग विभिन्न देशों के प्रतिनिधि एक-दूसरे से सहज तरीके से बातचीत कर सकते हैं।
भारत में 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा लंबे समय से मेहमाननवाजी से जुड़ी रही है। बड़े वैश्विक आयोजनों में भारतीय भोजन इसी परंपरा को आधुनिक कूटनीतिक मंच तक पहुंचाता है।
लखनवी कबाब से कचौड़ी तक भारत की फूड डिप्लोमेसी
BRICS सम्मेलन में विश्व नेताओं के सामने पेश किया जाने वाला भारतीय भोजन केवल स्वाद का मामला नहीं है। यह भारत की सांस्कृतिक पहचान और सॉफ्ट पावर को प्रदर्शित करने का भी अवसर है। लखनऊ की नवाबी रसोई से जुड़े कबाब हों या राजस्थान की लोकप्रिय कचौड़ी, हर व्यंजन अपने साथ एक क्षेत्र की कहानी और परंपरा लेकर आता है।
इस शाही मेन्यू के जरिए विश्व नेताओं को भारत के अलग-अलग हिस्सों की पाक विरासत से परिचित कराने का मौका मिलेगा। वैश्विक मुद्दों पर गंभीर चर्चा के बीच भारतीय स्वाद की यह यात्रा सम्मेलन में एक अलग रंग जोड़ सकती है। कूटनीति की मेज पर जब दुनिया के नेता साथ बैठेंगे, तब भारत की विविधता सिर्फ बातचीत और आयोजन में ही नहीं बल्कि उनकी प्लेट में भी नजर आएगी।
Next Story