लाइफ स्टाइल

सोशल मीडिया से संसद तक छाए Gen Z के स्लैंग्स, समझिए इन वायरल शब्दों का मतलब

Ratna Netam
29 July 2026 2:34 PM IST
सोशल मीडिया से संसद तक छाए Gen Z के स्लैंग्स, समझिए इन वायरल शब्दों का मतलब
x

लाइफ स्टाइल : आज की युवा पीढ़ी, जिसे आमतौर पर Gen Z कहा जाता है, अपनी अलग सोच, लाइफस्टाइल और बातचीत के अंदाज के लिए जानी जाती है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ इस पीढ़ी ने ऐसी नई भाषा विकसित की है, जो अब केवल इंस्टाग्राम, एक्स, स्नैपचैट या मीम्स तक सीमित नहीं रह गई है। इंटरनेट पर इस्तेमाल होने वाले कई स्लैंग्स अब रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं। इतना ही नहीं, हाल के दिनों में इन शब्दों की गूंज देश की संसद तक सुनाई दी, जिससे इनकी चर्चा और तेज हो गई।

कई लोगों के लिए "कुचु-पुचु", "डेलुलु", "FOMO", "MIA" और "क्लॉक्ड इट" जैसे शब्द नए और अजीब लग सकते हैं, लेकिन Gen Z की दुनिया में इनका खास मतलब है। ये शब्द केवल बातचीत को मजेदार नहीं बनाते, बल्कि कम शब्दों में भावनाओं और परिस्थितियों को भी आसानी से व्यक्त कर देते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं "कुचु-पुचु" की। यह एक बेहद प्यारा और मजाकिया शब्द है, जिसका इस्तेमाल किसी नन्ही, क्यूट या बेहद पसंद आने वाली चीज के लिए किया जाता है। किसी छोटे बच्चे, पालतू जानवर या किसी ऐसे व्यक्ति के लिए जिसे प्यार से संबोधित करना हो, वहां यह शब्द खूब सुनने को मिलता है। सोशल मीडिया पर भी लोग अपने पसंदीदा पालतू जानवरों या बच्चों की तस्वीरों के साथ इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

दूसरा चर्चित शब्द है "डेलुलु"। यह अंग्रेजी शब्द "Delusional" से निकला स्लैंग है। इसका मतलब होता है किसी कल्पना या भ्रम की दुनिया में जीना या बिना ठोस आधार के किसी बात पर बहुत अधिक विश्वास कर लेना। Gen Z इस शब्द का उपयोग अधिकतर मजाकिया अंदाज में करते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति यह सोचता है कि उसका पसंदीदा अभिनेता या गायिका निश्चित रूप से उसके संदेश का जवाब देगा, तो दोस्त मजाक में कह सकते हैं कि वह "डेलुलु" हो रहा है।

इसी तरह "FOMO" भी आज के समय का बेहद लोकप्रिय शब्द बन चुका है। इसका पूरा अर्थ है "Fear of Missing Out" यानी किसी मौके, अनुभव या गतिविधि से वंचित रह जाने का डर। सोशल मीडिया के दौर में जब लोग दूसरों की छुट्टियों, पार्टियों, ट्रिप या उपलब्धियों की तस्वीरें देखते हैं, तो कई बार उन्हें लगता है कि वे कुछ महत्वपूर्ण मिस कर रहे हैं। इसी भावना को FOMO कहा जाता है। यह शब्द युवाओं के बीच इतना आम हो चुका है कि रोजमर्रा की बातचीत में भी इसका इस्तेमाल होने लगा है।

एक और प्रचलित स्लैंग है "MIA", जिसका पूरा रूप "Missing In Action" है। इसका प्रयोग उस व्यक्ति के लिए किया जाता है, जो लंबे समय से दिखाई नहीं दे रहा हो या किसी ग्रुप, सोशल मीडिया या बातचीत से अचानक गायब हो गया हो। यदि कोई दोस्त कई दिनों तक किसी संदेश का जवाब नहीं देता, तो लोग मजाक में कह देते हैं कि वह "MIA" है।

वहीं "Clocked It" या "Clocked" का मतलब होता है किसी बात को तुरंत पहचान लेना या किसी की हरकत को समझ जाना। जब कोई व्यक्ति किसी छिपी हुई बात या संकेत को तुरंत पकड़ लेता है, तब कहा जाता है कि उसने "क्लॉक्ड इट"। सोशल मीडिया पर यह शब्द अक्सर किसी वायरल वीडियो या मजेदार स्थिति के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है।

भाषा विशेषज्ञों का मानना है कि हर पीढ़ी अपनी अलग शब्दावली विकसित करती है। पहले जहां युवाओं के बीच अलग तरह के मुहावरे और बोलचाल लोकप्रिय थे, वहीं आज डिजिटल युग ने नई स्लैंग संस्कृति को जन्म दिया है। इंटरनेट, मीम्स, शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इन शब्दों को तेजी से लोकप्रिय बनाया है।

हाल के समय में इन स्लैंग्स का इस्तेमाल सार्वजनिक मंचों और राजनीतिक चर्चाओं में भी देखने को मिला, जिससे यह साफ हो गया कि इंटरनेट की भाषा अब केवल ऑनलाइन दुनिया तक सीमित नहीं रही। हालांकि, इन शब्दों का प्रयोग अधिकतर अनौपचारिक बातचीत और सोशल मीडिया पर ही किया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नई पीढ़ी की भाषा को समझना केवल ट्रेंड फॉलो करने का तरीका नहीं है, बल्कि यह बदलते सामाजिक और डिजिटल व्यवहार को समझने का भी माध्यम है। आने वाले समय में संभव है कि ऐसे कई और नए स्लैंग्स आम बोलचाल का हिस्सा बन जाएं और भाषा के विकास में अपनी अलग पहचान बना लें।

Next Story