लाइफ स्टाइल

चाय-कॉफी भूल जाएंगे, घर पर बनाएं स्वादिष्ट कश्मीरी कहवा

Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 8:39 PM IST
चाय-कॉफी भूल जाएंगे, घर पर बनाएं स्वादिष्ट कश्मीरी कहवा
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लाइफ स्टाइल : सर्दियों का मौसम आते ही ठंडी हवाओं, शरीर में जकड़न और सुस्ती की समस्या बढ़ने लगती है। तापमान गिरने के साथ ही लोगों का मन बार-बार कुछ गर्म पीने का करता है। आमतौर पर लोग ठंड से राहत पाने के लिए चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं। हालांकि, अगर आप इस सर्दी में कुछ अलग, पारंपरिक और स्वादिष्ट पीना चाहते हैं, तो कश्मीर का मशहूर पेय 'कश्मीरी कहवा' एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अपनी खास खुशबू, बेहतरीन स्वाद और मसालों के अनोखे मिश्रण के कारण यह पेय देशभर में लोकप्रिय हो रहा है।

कश्मीरी कहवा केवल एक गर्म पेय नहीं, बल्कि कश्मीर की समृद्ध संस्कृति और मेहमाननवाजी का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। कश्मीर घाटी में सर्दियों के दौरान इसे विशेष रूप से पसंद किया जाता है। पारंपरिक रूप से कहवा बनाने के लिए ग्रीन टी, केसर, दालचीनी, इलायची और बादाम जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन चीजों का मेल कहवा को खास स्वाद और सुगंध प्रदान करता है।
कश्मीरी कहवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे आम दूध वाली चाय से अलग तरीके से बनाया जाता है। इसमें सामान्यतः दूध नहीं डाला जाता। इसकी जगह पानी में ग्रीन टी और सुगंधित मसालों को मिलाकर तैयार किया जाता है। कुछ लोग इसमें स्वाद बढ़ाने के लिए शहद या चीनी भी मिलाते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य के लिहाज से अतिरिक्त चीनी की मात्रा सीमित रखना बेहतर माना जाता है।
सर्दियों में क्यों पसंद किया जाता है कश्मीरी कहवा?
कश्मीरी कहवा गर्म परोसा जाता है, इसलिए इसे पीने से ठंड के मौसम में शरीर को कुछ समय के लिए गर्माहट का एहसास होता है। इसमें मौजूद दालचीनी और इलायची की खुशबू इसे विशेष रूप से आरामदायक बनाती है। सर्दियों की ठंडी सुबह या शाम के समय इसकी एक प्याली लोगों को ताजगी का अनुभव करा सकती है।
कहवा में इस्तेमाल होने वाली ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि कहवा किसी बीमारी को रोकने या उसका इलाज करने वाली दवा नहीं है। इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर पिया जा सकता है।
केसर इस पेय की सबसे खास सामग्रियों में शामिल है। इसकी थोड़ी-सी मात्रा कहवा को हल्का सुनहरा रंग और विशिष्ट खुशबू देती है। वहीं, दालचीनी और इलायची इसके स्वाद को और बेहतर बनाते हैं। बादाम डालने से इसमें हल्की पौष्टिकता और कुरकुरापन भी जुड़ जाता है।
घर पर कश्मीरी कहवा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
कश्मीरी कहवा तैयार करने के लिए आपको दो कप पानी, एक चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां, एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, दो से तीन हरी इलायची, चार से पांच केसर के धागे और चार से छह बादाम की आवश्यकता होगी। मिठास के लिए इच्छानुसार थोड़ा शहद या चीनी इस्तेमाल कर सकते हैं। चाहें तो स्वाद के लिए एक लौंग भी डाल सकते हैं।
सबसे पहले एक पैन में दो कप पानी डालकर गर्म करें। इसके बाद पानी में दालचीनी, हल्की कुटी हुई इलायची और केसर के धागे डाल दें। इन सामग्रियों को कुछ मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें, ताकि मसालों का स्वाद और खुशबू पानी में अच्छी तरह मिल जाए।
अब गैस बंद करके या आंच बहुत धीमी करके इसमें ग्रीन टी की पत्तियां डालें। लगभग दो से तीन मिनट तक इन्हें पानी में रहने दें। ग्रीन टी को अधिक देर तक उबालने से कहवा का स्वाद कड़वा हो सकता है। इसके बाद तैयार मिश्रण को छलनी से छानकर कप में निकाल लें।
अब इसमें बारीक कटे हुए बादाम डालें। अगर आपको मीठा कहवा पसंद है, तो थोड़ा शहद मिला सकते हैं। ध्यान रहे कि शहद को बहुत गर्म पेय में डालने के बजाय कहवा थोड़ा ठंडा होने पर मिलाना बेहतर है। आपका स्वादिष्ट और खुशबूदार कश्मीरी कहवा तैयार है।
कब पीना चाहिए कश्मीरी कहवा?
सर्दियों में कश्मीरी कहवा सुबह नाश्ते के बाद या शाम के समय पिया जा सकता है। ठंड के मौसम में बाहर से घर लौटने के बाद इसकी गर्म प्याली आरामदायक महसूस हो सकती है। इसे परिवार के सदस्यों या मेहमानों को भी परोसा जा सकता है।
हालांकि, ग्रीन टी में कैफीन मौजूद होता है। इसलिए जिन लोगों को कैफीन से नींद प्रभावित होती है, उन्हें देर रात इसका सेवन करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, एसिडिटी या पेट से जुड़ी परेशानी होने पर मसालों की मात्रा कम रखी जा सकती है।
कश्मीरी कहवा पीते समय इन बातों का रखें ध्यान
कहवा बनाते समय केसर और मसालों की अधिक मात्रा डालने की आवश्यकता नहीं है। थोड़ी-सी मात्रा ही स्वाद और खुशबू के लिए पर्याप्त होती है। यदि आप गर्भवती हैं, नियमित दवाएं लेते हैं या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो बहुत अधिक मात्रा में हर्बल या मसालेदार पेय लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए केवल गर्म पेय पीना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना, पौष्टिक भोजन करना, नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखना और पर्याप्त पानी पीना भी आवश्यक है।
कुल मिलाकर, कश्मीरी कहवा सर्दियों के लिए एक स्वादिष्ट और पारंपरिक पेय है। केसर की खुशबू, दालचीनी का स्वाद, इलायची की महक और बादाम का अनोखा मेल इसे साधारण चाय-कॉफी से अलग बनाता है। अगर आप इस सर्दी में अपनी रोजमर्रा की गर्म पेय की आदत में कुछ नया शामिल करना चाहते हैं, तो घर पर कश्मीरी कहवा जरूर आजमा सकते हैं।
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