लाइफ स्टाइल

गाड़ी में बैठते ही होती है उल्टी अपनाएं ये आसान ट्रिक

Ratna Netam
19 Aug 2026 9:31 PM IST
गाड़ी में बैठते ही होती है उल्टी अपनाएं ये आसान ट्रिक
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लाइफ स्टाइल : कई लोगों को कार, बस, ट्रेन या किसी भी वाहन में सफर करते समय एक आम समस्या का सामना करना पड़ता है। जैसे ही गाड़ी चलती है, उन्हें चक्कर आने लगते हैं, बेचैनी महसूस होती है और कुछ ही देर में उल्टी की समस्या शुरू हो जाती है। इस परेशानी को **मोशन सिकनेस (Motion Sickness)** कहा जाता है। खासकर बच्चों और कुछ संवेदनशील लोगों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
यात्रा के दौरान उल्टी आने की समस्या के कारण लोग सफर का आनंद नहीं ले पाते। कई बार लंबी यात्रा उनके लिए परेशानी भरी बन जाती है। ऐसे में इंटरनेट पर कई तरह के घरेलू उपाय बताए जाते हैं। इन्हीं में से एक उपाय सिक्के से जुड़ा है, जिसे कुछ लोग मोशन सिकनेस कम करने के लिए आजमाते हैं। हालांकि, किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले उसके पीछे की वजह और वैज्ञानिक आधार को समझना जरूरी है।
क्या है मोशन सिकनेस की समस्या?
मोशन सिकनेस तब होती है जब हमारा दिमाग शरीर से मिलने वाले अलग-अलग संकेतों को सही तरीके से समझ नहीं पाता।
जब हम गाड़ी में बैठे होते हैं, तो हमारी आंखें कई बार यह महसूस करती हैं कि हम स्थिर हैं, लेकिन कान के अंदर मौजूद संतुलन तंत्र (Inner Ear) शरीर की गति को महसूस करता है। इन दोनों संकेतों में अंतर होने पर दिमाग भ्रमित हो जाता है।
यही भ्रम चक्कर, पसीना, सिर दर्द, जी मिचलाना और उल्टी जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
सिक्के वाला हैक क्या है?
कुछ डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से बताया गया है कि मोशन सिकनेस के दौरान कुछ लोग सिक्के से जुड़े एक तरीके को आजमाते हैं। इसमें सिक्के को नाभि के पास या पेट के आसपास रखने की बात कही जाती है।
इस उपाय को लेकर मान्यता है कि सिक्के का दबाव या ध्यान बदलने वाली प्रक्रिया बेचैनी कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, इस तरीके को लेकर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं कि सिर्फ सिक्का रखने से मोशन सिकनेस पूरी तरह खत्म हो सकती है।
कई बार ऐसे उपाय प्लेसीबो प्रभाव (Placebo Effect) के कारण व्यक्ति को राहत महसूस करा सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार क्या काम करता है?
विशेषज्ञों के अनुसार मोशन सिकनेस को नियंत्रित करने के लिए कुछ व्यावहारिक उपाय ज्यादा प्रभावी माने जाते हैं।
यात्रा के दौरान सामने की ओर देखना, मोबाइल या किताब पढ़ने से बचना और ताजी हवा लेना कई लोगों को राहत दे सकता है।
इसके अलावा यात्रा से पहले हल्का भोजन करना भी मददगार हो सकता है। बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने से परेशानी बढ़ सकती है।
सफर में उल्टी से बचने के आसान तरीके
अगर आपको भी गाड़ी में बैठते ही उल्टी की समस्या होती है तो कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं।
सबसे पहले कोशिश करें कि वाहन में ऐसी सीट चुनें जहां झटके कम महसूस हों। कार में आगे की सीट और बस में आगे की ओर बैठना कई लोगों के लिए बेहतर रहता है।
यात्रा के दौरान मोबाइल देखने या पढ़ने से बचें, क्योंकि इससे आंख और कान के संकेतों में अंतर बढ़ सकता है।
खिड़की के बाहर दूर किसी स्थिर वस्तु को देखने से दिमाग को संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।
अदरक और नींबू भी दे सकते हैं राहत
कई लोग यात्रा के दौरान अदरक या नींबू का इस्तेमाल करते हैं। अदरक को पारंपरिक रूप से मतली कम करने के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
कुछ लोगों को नींबू की खुशबू से भी राहत महसूस होती है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है।
खाली पेट यात्रा करना सही है?
कई लोगों को लगता है कि खाली पेट यात्रा करने से उल्टी नहीं आएगी, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता।
बहुत ज्यादा खाली पेट रहने से भी कमजोरी और बेचैनी महसूस हो सकती है। बेहतर है कि यात्रा से पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लिया जाए।
बहुत अधिक मसालेदार, तैलीय या भारी भोजन से बचना चाहिए।
बच्चों में ज्यादा क्यों होती है समस्या?
बच्चों में मोशन सिकनेस की समस्या अधिक देखने को मिलती है क्योंकि उनका संतुलन तंत्र अभी पूरी तरह विकसित हो रहा होता है।
यात्रा के दौरान उन्हें मोबाइल गेम या वीडियो देखने से बचाना चाहिए। खिड़की के पास बैठाकर बाहर देखने के लिए प्रोत्साहित करना भी मदद कर सकता है।
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
अगर सफर के अलावा भी बार-बार चक्कर आना, उल्टी होना या संतुलन बिगड़ने जैसी समस्या रहती है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कुछ लोगों में यह समस्या केवल मोशन सिकनेस नहीं बल्कि किसी अन्य स्वास्थ्य कारण से भी जुड़ी हो सकती है।
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