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स्ट्रोक की पहचान में हर पल अहम, जानें 5 लक्षण और जरूरी कदम

nidhi
28 Oct 2026 10:53 AM IST
स्ट्रोक की पहचान में हर पल अहम, जानें 5 लक्षण और जरूरी कदम
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लाइफस्टाइल : स्ट्रोक की पहचान अक्सर चेहरे का एक तरफ झुक जाना या मुस्कान का असमान होना माना जाता है। लेकिन इसके संकेत केवल चेहरे तक सीमित नहीं हैं। अचानक हाथ-पैर में कमजोरी, बोलने में परेशानी, नजर में बदलाव, संतुलन बिगड़ना और असामान्य तेज सिरदर्द भी स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। हर मरीज में सभी लक्षण एक साथ दिखाई देना जरूरी नहीं है। इनमें से कोई एक संकेत अचानक शुरू हो, तो बाकी लक्षणों का इंतजार करने के बजाय तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

स्ट्रोक तब होता है, जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त पहुंचाने वाली नस बंद हो जाती है या रक्तवाहिका फटने से रक्तस्राव होता है। दोनों स्थितियों में तुरंत इलाज जरूरी है। केवल लक्षण देखकर घर पर यह तय नहीं किया जा सकता कि स्ट्रोक किस प्रकार का है। अस्पताल में मस्तिष्क की जांच और स्कैन के आधार पर डॉक्टर उपचार तय करते हैं। इलाज में देरी से बचने के लिए अचानक आए बदलावों को पहचानना सबसे महत्वपूर्ण है।
1. शरीर के एक तरफ अचानक कमजोरी या सुन्नपन
एक हाथ या पैर में अचानक ताकत कम होना, सुन्नपन महसूस होना या शरीर के एक हिस्से को सामान्य तरीके से न हिला पाना चेतावनी का संकेत है। व्यक्ति से दोनों हाथ सामने उठाने को कहने पर एक हाथ नीचे खिसक सकता है या वह उसे उठा नहीं पाता। चेहरे में बदलाव न दिखने पर भी अचानक आई ऐसी कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर शरीर के एक तरफ परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है।
2. बोलने या बात समझने में परेशानी
अचानक आवाज लड़खड़ाना, शब्द साफ न निकलना, सही शब्द खोजने में कठिनाई या सामने वाले की बात समझ नहीं पाना भी स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। व्यक्ति जाग रहा हो, फिर भी बातचीत के दौरान असामान्य भ्रम दिख सकता है। उससे कोई आसान वाक्य दोहराने को कहें। यदि बोलने का तरीका अचानक बदला हुआ लगे, तो इसे केवल थकान समझकर आराम करने की सलाह देने के बजाय तुरंत मदद बुलाएं।
3. अचानक धुंधला या दोहरा दिखाई देना
एक या दोनों आंखों से अचानक धुंधला दिखाई देना, दोहरी छवि दिखना या नजर चली जाना भी खतरे का संकेत है। नजर की परेशानी के साथ चेहरा टेढ़ा होना जरूरी नहीं है। अचानक आया बदलाव अधिक महत्वपूर्ण है। ऐसी स्थिति में चश्मा बदलने या आंखों को आराम देने से समस्या ठीक होने का इंतजार न करें। खासकर इसके साथ कमजोरी, बोलने में कठिनाई या संतुलन बिगड़ने की समस्या हो, तो तत्काल सहायता लें।
4. संतुलन बिगड़ना और चलने में कठिनाई
अचानक चलने में परेशानी, लड़खड़ाना, चक्कर आना या शरीर का तालमेल बिगड़ना भी स्ट्रोक के लक्षणों में शामिल है। हालांकि चक्कर आने के दूसरे कारण भी हो सकते हैं, लेकिन अचानक शुरू हुई गंभीर परेशानी को सामान्य मान लेना उचित नहीं है। व्यक्ति को चलाकर बार-बार जांचने में समय न गंवाएं। यदि वह अस्थिर महसूस कर रहा है, तो उसे सुरक्षित और आरामदायक स्थिति में रखें तथा आपातकालीन सहायता बुलाएं।
5. बिना स्पष्ट कारण अचानक बहुत तेज सिरदर्द
अचानक शुरू हुआ असामान्य और बेहद तेज सिरदर्द भी चेतावनी हो सकता है। खासकर जब दर्द का कोई स्पष्ट कारण न हो या उसके साथ उल्टी, नजर में बदलाव, कमजोरी अथवा बोलने में परेशानी हो। हर सिरदर्द स्ट्रोक नहीं होता, लेकिन अचानक आए गंभीर दर्द का कारण घर पर तय करने की कोशिश में समय नहीं गंवाना चाहिए। चिकित्सकीय जांच से ही स्पष्ट होगा कि परेशानी की वजह क्या है।
इन संकेतों को याद रखने के लिए BE FAST उपयोगी है। इसमें बी का मतलब संतुलन, ई का नजर में बदलाव, एफ का चेहरे का झुकना, ए का हाथ की कमजोरी और एस का बोलने में कठिनाई है। टी याद दिलाता है कि तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाने का समय है। यह पहचानने का आसान तरीका है; इसके सभी संकेत दिखना जरूरी नहीं है। लक्षण शुरू होने का समय भी नोट करें, क्योंकि उपचार तय करने में यह जानकारी महत्वपूर्ण होती है।
यदि परेशानी कुछ मिनट बाद अपने आप ठीक हो जाए, तब भी उसे नजरअंदाज न करें। यह ट्रांजिएंट इस्कीमिक अटैक यानी टीआईए हो सकता है, जिसमें मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह थोड़े समय के लिए बाधित होता है। टीआईए भविष्य में बड़े स्ट्रोक की चेतावनी हो सकता है। एंबुलेंस आने से पहले लक्षण खत्म हो जाने पर भी अस्पताल में जांच जरूरी है। बेहतर महसूस होना खतरा टल जाने का प्रमाण नहीं है।
भारत में ऐसी आपात स्थिति में 112 पर फोन करके चिकित्सा सहायता मांगें। मरीज को खुद वाहन चलाने न दें। मदद आने तक उसे सुरक्षित रखें और कुछ खाने-पीने को न दें, क्योंकि निगलने में परेशानी होने पर भोजन या पानी सांस की नली में जा सकता है। अपनी तरफ से एस्पिरिन या दूसरी दवा भी न दें। कुछ स्ट्रोक रक्तस्राव के कारण होते हैं और एस्पिरिन उन्हें गंभीर बना सकती है। आपातकालीन कर्मचारी के निर्देशों का पालन करें।

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