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Lifestyle लाइफ स्टाइल : बारिश के मौसम में बागवानी करने वालों के लिए पौधों की देखभाल एक बड़ी चुनौती बन जाती है। इस मौसम में पौधों पर कीड़े लगने की समस्या तेजी से बढ़ जाती है। खासकर गुड़हल के पौधों पर सफेद रंग के चिपचिपे कीड़े दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें मिलीबग्स कहा जाता है। ये कीड़े पौधों की डंठल, तने और पत्तियों पर हमला करते हैं, जिससे पौधे की ग्रोथ रुक जाती है और पत्तियां छोटी व कमजोर होने लगती हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय पर इन कीड़ों का इलाज न किया जाए तो पौधा धीरे-धीरे कमजोर होकर सूख भी सकता है। बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के कारण मिलीबग्स तेजी से फैलते हैं और पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं।ऐसे में घरेलू उपायों से इन कीड़ों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि एक सरल स्प्रे तैयार कर इसे पौधों पर छिड़कने से मिलीबग्स और चींटियों की समस्या कम की जा सकती है।
पहला तरीका है डिटर्जेंट स्प्रे। इसके लिए एक लीटर पानी में थोड़ा डिटर्जेंट पाउडर और लिक्विड हैंडवॉश मिलाकर घोल तैयार किया जाता है। इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें और पौधे की पत्तियों व टहनियों पर छिड़क दें। यह घोल कीड़ों की परत को कमजोर कर उन्हें हटाने में मदद करता है।दूसरा प्रभावी तरीका नीम तेल का स्प्रे है। इसके लिए एक लीटर पानी में लगभग 5 मिली नीम का तेल और 3–4 चम्मच लिक्विड साबुन मिलाकर घोल तैयार किया जाता है। इस मिश्रण को अच्छी तरह हिलाकर पूरे पौधे पर छिड़का जाता है। नीम तेल प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में काम करता है और मिलीबग्स को दूर भगाने में बेहद असरदार माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन घरेलू उपायों को नियमित रूप से अपनाने से पौधों को बिना किसी केमिकल के सुरक्षित रखा जा सकता है। साथ ही पौधों की ग्रोथ भी बेहतर होती है और वे फिर से स्वस्थ होकर फूल देने लगते हैं।बारिश के मौसम में पौधों की देखभाल के लिए समय-समय पर निरीक्षण करना जरूरी होता है, ताकि किसी भी संक्रमण को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके। प्राकृतिक उपाय न केवल सुरक्षित होते हैं बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं।इस तरह थोड़ी सी सावधानी और घरेलू उपायों से बागवानी प्रेमी अपने गुड़हल और अन्य पौधों को मिलीबग्स जैसे कीटों से बचाकर स्वस्थ रख सकते हैं।





