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लाइफ स्टाइल : छोले-भटूरे का नाम सुनते ही मसालेदार छोले और फूले हुए नरम भटूरे याद आ जाते हैं। बाजार या रेस्टोरेंट में मिलने वाले भटूरे अक्सर बेहद सॉफ्ट और फूले हुए होते हैं, लेकिन घर में बनाते समय कई लोगों की शिकायत रहती है कि भटूरे अच्छे तो फूलते हैं, मगर कुछ देर बाद ठंडे होते ही सख्त और चबाने वाले हो जाते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए लोग आटे में ईनो या बेकिंग सोडा डालते हैं। हालांकि इनके बिना भी मुलायम भटूरे बनाए जा सकते हैं। इसके लिए आटा गूंथते समय एक आसान चीज यानी **दही** का इस्तेमाल किया जा सकता है।दही आटे को मुलायम बनाने में मदद करता है और सही तरीके से आटा तैयार किया जाए तो भटूरे का टेक्सचर बेहतर रहता है। इसके साथ आटे को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी है। आइए जानते हैं दही वाले सॉफ्ट भटूरे बनाने का आसान तरीका।
भटूरे के आटे में मिलाएं दही
अगर आप बिना ईनो और बेकिंग सोडा के भटूरे बनाना चाहते हैं तो मैदे में दही मिलाया जा सकता है। दही में मौजूद प्राकृतिक अम्लता आटे की बनावट को मुलायम बनाने में मदद करती है।दही डालने के बाद आटे को तुरंत इस्तेमाल करने के बजाय कुछ समय आराम देना चाहिए। इससे आटे में नमी अच्छी तरह फैलती है और उसकी बनावट अधिक लचीली हो सकती है।ध्यान रखें कि केवल दही डाल देने से ही हर बार एक जैसा परिणाम नहीं मिलेगा। आटे की सही नमी, गूंथने का तरीका, आराम देने का समय और तेल का तापमान भी भटूरे के टेक्सचर को प्रभावित करते हैं।
भटूरे बनाने के लिए जरूरी सामग्री
लगभग 3 से 4 लोगों के लिए 2 कप मैदा लिया जा सकता है। इसमें करीब आधा कप गाढ़ा दही, स्वादानुसार नमक और जरूरत के अनुसार पानी रखें। आटे को थोड़ा नरम रखने के लिए एक चम्मच तेल भी मिलाया जा सकता है।अगर आप स्वाद में हल्की मिठास पसंद करते हैं तो थोड़ी सी चीनी भी डाल सकते हैं। तलने के लिए पर्याप्त तेल की जरूरत होगी।दही की मात्रा मैदे की गुणवत्ता और उसकी नमी सोखने की क्षमता के अनुसार थोड़ी कम-ज्यादा की जा सकती है।
ऐसे गूंथें भटूरे का आटा
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा लें। इसमें नमक और इच्छानुसार थोड़ी चीनी मिलाएं। अब इसमें दही डालकर हाथ से अच्छी तरह मिलाना शुरू करें।इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर नरम आटा तैयार करें। पानी एक साथ ज्यादा न डालें, क्योंकि बहुत चिपचिपा आटा संभालना मुश्किल हो सकता है।आटा तैयार होने के बाद इसमें थोड़ा तेल लगाकर कुछ मिनट अच्छी तरह गूंथें। आटा जितना चिकना और लचीला होगा, भटूरे बेलने और तलने में उतनी आसानी होगी।
आटे को आराम देना न भूलें
घर में भटूरे बनाते समय अक्सर लोग जल्दी में आटा गूंथकर तुरंत तलना शुरू कर देते हैं। बेहतर परिणाम के लिए आटे को ढककर आराम देना उपयोगी होता है।दही वाला आटा कुछ समय रखने पर अधिक मुलायम और लचीला हो सकता है। मौसम के अनुसार आराम देने का समय बदल सकता है। गर्म वातावरण में प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज हो सकती है, जबकि ठंडे मौसम में अधिक समय लग सकता है।आटे को हमेशा ढककर रखें ताकि उसकी ऊपरी सतह सूखे नहीं।
भटूरे बेलते समय न करें ये गलती
आटा तैयार होने के बाद उसकी मध्यम आकार की लोइयां बना लें। अब हल्का तेल लगाकर लोई को बेलें। बहुत ज्यादा सूखा मैदा लगाने से तलने के तेल में मैदा गिर सकता है और जलने लगता है, इसलिए संभव हो तो बेलने के लिए हल्के तेल का इस्तेमाल करें।भटूरे को न बहुत पतला बेलें और न बहुत मोटा। बहुत पतला भटूरा कुरकुरा हो सकता है, जबकि जरूरत से ज्यादा मोटा रखने पर अंदर से ठीक से पकने में परेशानी हो सकती है।
तेल का तापमान है सबसे जरूरी
भटूरे फुलाने में तेल का तापमान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तेल बहुत ठंडा होगा तो भटूरा अधिक तेल सोख सकता है। वहीं जरूरत से ज्यादा गर्म तेल में उसकी बाहरी सतह जल्दी भूरी हो सकती है जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से न पके।पहले तेल को अच्छी तरह गर्म करें और फिर आंच को नियंत्रित रखें। भटूरा डालने के बाद कलछी की मदद से उसके ऊपर हल्का गर्म तेल डालते रहें या धीरे से दबाएं। इससे भटूरा फूलने में मदद मिल सकती है।एक बार में बहुत सारे भटूरे कड़ाही में डालने से तेल का तापमान अचानक गिर सकता है। इसलिए एक या कड़ाही के आकार के हिसाब से सीमित भटूरे ही तलें।
ठंडे होने के बाद सॉफ्ट रखने का तरीका
तले हुए भटूरों को सीधे खुले में लंबे समय तक रखने से वे सूख सकते हैं। अतिरिक्त तेल निकलने के बाद उन्हें किसी साफ बर्तन में रखें और हल्के कपड़े या ढक्कन से ढक सकते हैं।हालांकि गर्म भटूरों को पूरी तरह एयरटाइट बंद करने से अंदर अधिक भाप जमा हो सकती है और उनकी सतह गीली हो सकती है। इसलिए हल्का ढकना बेहतर रहता है।दही के साथ नरम गूंथा गया आटा भटूरे के टेक्सचर को बेहतर रखने में मदद कर सकता है, लेकिन भटूरे ताजे खाने पर सबसे अच्छे लगते हैं।
दही डालने से क्या होता है?
दही मैदे में नमी और हल्की अम्लता जोड़ता है। इससे तैयार आटे की बनावट नरम हो सकती है। यही कारण है कि कई भारतीय ब्रेड और तले हुए व्यंजनों में दही का इस्तेमाल किया जाता है।अगर दही बहुत ज्यादा खट्टा है तो भटूरे के स्वाद पर असर पड़ सकता है। इसलिए ताजा या हल्का खट्टा दही लेना बेहतर रहता है।
इन छोटी गलतियों से बचें
भटूरे सॉफ्ट बनाने हैं तो आटा बहुत सख्त न गूंथें। उसे पर्याप्त समय तक आराम दें और तलते समय तेल का तापमान सही रखें। बार-बार बहुत ज्यादा सूखा मैदा लगाकर बेलने से भी बचें।इसके अलावा भटूरों को जरूरत से ज्यादा देर तक तलने पर वे अधिक कुरकुरे और बाद में सख्त हो सकते हैं। हल्का सुनहरा होते ही उन्हें तेल से निकाल लेना बेहतर है।इस तरह घर में भटूरे बनाने के लिए हर बार ईनो या बेकिंग सोडा पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। **मैदे में दही मिलाकर, आटे को नरम गूंथकर और पर्याप्त आराम देकर** स्वादिष्ट और मुलायम भटूरे तैयार किए जा सकते हैं। गर्मागर्म छोले, प्याज, अचार और हरी चटनी के साथ इन्हें परोसें और घर पर ही छोले-भटूरे का मजा लें।
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