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कॉटन स्टिक से करते हैं Ears की सफाई? हो जाइए सावधान!

Harrison
6 Oct 2025 7:16 PM IST
कॉटन स्टिक से करते हैं Ears की सफाई? हो जाइए सावधान!
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Lifestyle, लाइफस्टाइल : अक्सर हम नहाने के बाद या हल्की सी खुजली होने पर कान साफ करने के लिए कॉटन स्टिक (Earbuds) का इस्तेमाल करते हैं। बाजार में मिलने वाली ये छोटी सी स्टिक हमें एक आसान तरीका लगती है कान के मैल को निकालने का। लेकिन डॉक्टरों की मानें तो यह आदत उतनी सुरक्षित नहीं है, जितनी हमें लगती है। असल में, कॉटन स्टिक का गलत इस्तेमाल आपके कान को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे संक्रमण, सुनने की समस्या और यहां तक कि
ईयरड्रम डैमेज
होने का भी खतरा बढ़ सकता है।
कान का मैल: गंदगी नहीं, सुरक्षा कवच
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कान में जमा होने वाला मैल या Earwax (सेरुमेन) कोई गंदगी नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र है।
यह हमारे कान को: धूल, गंदगी और कीड़ों से बचाता है,
बैक्टीरिया और संक्रमण को रोकता है,
कान के भीतर नमी बनाए रखता है।
डॉक्टरों के अनुसार, Earwax खुद-ब-खुद धीरे-धीरे बाहर निकलता रहता है। ऐसे में हर बार जबरन कान की सफाई करना जरूरी नहीं होता।
कॉटन स्टिक से सफाई: दिखता है आसान, पर है खतरनाक
दिल्ली के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. अजय माथुर बताते हैं कि लोग अक्सर यह सोचकर कॉटन स्टिक से कान साफ करते हैं कि वे Earwax निकाल रहे हैं,
लेकिन असल में वे मैल को और गहराई में धकेल रहे होते हैं।
"कई बार मरीज ऐसे आते हैं जिनका ईयरड्रम सिर्फ इसलिए डैमेज हो गया, क्योंकि उन्होंने गहराई तक कॉटन स्टिक घुसा दी थी," – डॉ. माथुर
कई मामलों में लोगों को कान में दर्द, जलन, या कम सुनाई देने जैसी समस्याएं सिर्फ गलत तरीके से सफाई करने की वजह से होती हैं।
क्या हो सकते हैं खतरे?
ईयरड्रम को नुकसान: कॉटन स्टिक अगर ज़रा भी ज्यादा अंदर चली जाए, तो यह ईयरड्रम को छू सकती है और उसे फाड़ सकती है।
सुनने में कमी: बार-बार कान में छेड़छाड़ से नसों पर असर पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कमजोर हो सकती है।
इंफेक्शन का खतरा: कॉटन स्टिक पूरी तरह साफ हो, यह जरूरी नहीं। इससे बैक्टीरिया कान के भीतर पहुंच सकते हैं।
Earwax blockage: सफाई के नाम पर मैल को और अंदर धकेलने से ब्लॉकेज हो सकता है, जिससे कान बंद सा महसूस होता है।
सही तरीका क्या है?
डॉक्टरों की राय में, यदि कान में सामान्य मात्रा में मैल है और कोई दिक्कत नहीं हो रही, तो उसे निकालने की जरूरत नहीं होती।
लेकिन अगर सफाई करनी ही है, तो इन सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करें:
1. गुनगुना पानी:
नहाते समय हल्के गुनगुने पानी से बाहरी हिस्से को साफ करें। कभी भी पानी कान के अंदर डालने की कोशिश न करें।
2. ईयर ड्रॉप्स:
फार्मेसी में मिलने वाले सेरुमेन सॉफ्टनिंग ड्रॉप्स से कान का मैल मुलायम होकर खुद-ब-खुद बाहर आ सकता है। लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
3. नैचुरल ऑयल:
1-2 बूंदें ऑलिव ऑयल या नारियल तेल की कान में डालें। कुछ मिनट बाद सिर तिरछा करके तेल और मैल को बाहर आने दें।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर आपको हो:
कान में दर्द
लगातार खुजली
सुनने में परेशानी
कान बंद महसूस होना
या मवाद निकलना
तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करें। डॉक्टर माइक्रो-सक्शन या अन्य सेफ तकनीकों से कान की सफाई करते हैं, जिससे कोई नुकसान नहीं होता। कान हमारे शरीर का बहुत नाजुक और जरूरी अंग है। इसे साफ करने के लिए जल्दबाजी या लापरवाही भारी पड़ सकती है। कॉटन स्टिक का इस्तेमाल करते वक्त सतर्क रहें या बेहतर है कि उसका इस्तेमाल ही न करें। अगर सफाई जरूरी लगे तो सही तरीका अपनाएं या विशेषज्ञ की मदद लें।
ध्यान रखें – सफाई जरूरी है, लेकिन समझदारी के साथ।
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