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सस्ते ब्रांडेड कपड़ों के चक्कर में न हो जाए ठगी, ऑनलाइन शॉपिंग में रखें सावधानी

nidhi
8 Oct 2026 9:14 AM IST
सस्ते ब्रांडेड कपड़ों के चक्कर में न हो जाए ठगी, ऑनलाइन शॉपिंग में रखें सावधानी
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ब्रांडेड कपड़ों पर भारी डिस्काउंट का झांसा
नई दिल्ली: आजकल सोशल मीडिया पर ऑनलाइन शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खासकर इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर कम कीमत में ब्रांडेड कपड़े बेचने वाले पेज युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। महंगी जैकेट, जींस, टी-शर्ट और डिजाइनर कपड़े बेहद कम कीमत में मिलने के दावे किए जाते हैं। इस तरह की खरीदारी को आमतौर पर 'थ्रिफ्ट शॉपिंग' कहा जाता है। हालांकि, सस्ते कपड़े खरीदने का यह तरीका कई बार धोखाधड़ी का कारण भी बन सकता है। इसलिए खरीदारी करने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है।
थ्रिफ्ट शॉपिंग का मतलब आमतौर पर पहले इस्तेमाल किए गए, पुराने या दोबारा बिक्री के लिए उपलब्ध कपड़े खरीदना होता है। कई ऑनलाइन स्टोर कम इस्तेमाल किए गए कपड़े सस्ती कीमतों पर बेचते हैं। इससे ग्राहकों को कम बजट में अच्छे कपड़े मिल सकते हैं। साथ ही कपड़ों का दोबारा उपयोग होने से अपशिष्ट कम करने में भी मदद मिलती है। लेकिन सोशल मीडिया पर सक्रिय हर थ्रिफ्ट स्टोर भरोसेमंद नहीं होता। कुछ फर्जी पेज लोकप्रिय ब्रांडों की तस्वीरें लगाकर ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। इसके बाद ऑर्डर के नाम पर एडवांस भुगतान मांगते हैं। पैसे मिलने के बाद सामान नहीं भेजने, गलत उत्पाद भेजने या ग्राहक को ब्लॉक करने जैसी शिकायतें सामने आ सकती हैं।
खरीदारी से पहले पेज की जांच जरूरी
किसी भी इंस्टाग्राम या फेसबुक पेज से कपड़े खरीदने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है। पेज पर मौजूद पुराने पोस्ट, ग्राहकों की प्रतिक्रियाएं, संपर्क विवरण और बिक्री से संबंधित जानकारी देखें। केवल फॉलोअर्स की संख्या या अच्छी तस्वीरों के आधार पर किसी स्टोर पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
बहुत कम कीमत देखकर तुरंत ऑर्डर न करें
यदि कोई विक्रेता बेहद महंगे ब्रांडेड कपड़े असामान्य रूप से कम कीमत पर देने का दावा कर रहा है, तो सावधान रहें। उत्पाद की वास्तविक तस्वीरें, कपड़ों की स्थिति, साइज और किसी भी प्रकार की खराबी के बारे में पूरी जानकारी मांगें। जरूरी नहीं कि हर सस्ता उत्पाद नकली हो, लेकिन बिना जांच के भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है।
भुगतान करते समय बरतें सावधानी
ऑनलाइन खरीदारी में अनजान विक्रेता को बिना जांच के एडवांस भुगतान करने से बचें। जहां संभव हो, सुरक्षित भुगतान विकल्प या कैश ऑन डिलीवरी चुनें। किसी अज्ञात लिंक पर बैंक खाते की जानकारी, यूपीआई पिन या ओटीपी दर्ज न करें। साइबर सुरक्षा संबंधी सरकारी दिशानिर्देश भी संदिग्ध ऑफर और फर्जी शॉपिंग वेबसाइटों से सावधान रहने की सलाह देते हैं।
रिटर्न पॉलिसी और कपड़ों की गुणवत्ता जांचें
थ्रिफ्ट शॉपिंग में कई कपड़े पहले इस्तेमाल किए जा चुके होते हैं। इसलिए कपड़ों पर दाग, फटे हिस्से, सिलाई और वास्तविक साइज की जानकारी जरूर लें। ऑर्डर करने से पहले विक्रेता से पूछें कि गलत या खराब सामान मिलने पर रिटर्न और रिफंड की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। कपड़े मिलने के बाद इस्तेमाल से पहले उन्हें अच्छी तरह साफ करना भी उचित है।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि ऑनलाइन कपड़ों की खरीदारी में धोखाधड़ी हो जाए, तो भुगतान का रिकॉर्ड, चैट और ऑर्डर की जानकारी सुरक्षित रखें। वित्तीय साइबर ठगी की शिकायत तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। थ्रिफ्ट शॉपिंग कम बजट में अच्छे कपड़े खरीदने का विकल्प हो सकती है, लेकिन समझदारी और सावधानी बेहद जरूरी है। आकर्षक तस्वीरों और भारी डिस्काउंट के बजाय विश्वसनीय विक्रेता, उत्पाद की वास्तविक स्थिति और सुरक्षित भुगतान को प्राथमिकता दें।
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