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दिल्ली के मशहूर गेटों के नाम कैसे पड़े जानिए पुराना इतिहास

nidhi
17 Aug 2026 7:55 AM IST
दिल्ली के मशहूर गेटों के नाम कैसे पड़े जानिए पुराना इतिहास
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लाहौरी अजमेरी और कश्मीरी गेट के नाम का असली सच

नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली की गलियों में आज भी कई ऐसे नाम मौजूद हैं, जो इतिहास के पन्नों को जीवंत करते हैं। लाहौरी गेट, अजमेरी गेट और कश्मीरी गेट जैसे नाम सुनकर अक्सर सवाल उठता है कि क्या ये रास्ते वास्तव में लाहौर, अजमेर और कश्मीर तक जाते थे? दरअसल, इन दरवाजों के नाम उनके दिशा-संबंध और पुराने व्यापारिक मार्गों से जुड़े हुए हैं।

मुगल बादशाह शाहजहां ने 17वीं सदी में शाहजहांनाबाद यानी आज की पुरानी दिल्ली बसाई थी। यह शहर ऊंची दीवारों से घिरा हुआ था और इसमें कई प्रवेश द्वार बनाए गए थे। इन दरवाजों का इस्तेमाल लोगों के आने-जाने, व्यापार और शाही यात्राओं के लिए किया जाता था।
कश्मीरी गेट: उत्तर की ओर खुलने वाला रास्ता
कश्मीरी गेट दिल्ली के उत्तरी हिस्से में स्थित था। इसका नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यह उस दिशा में था, जहां से होकर कश्मीर की ओर जाने वाला मार्ग निकलता था। मुगल काल में इस रास्ते का इस्तेमाल उत्तर भारत और कश्मीर की ओर जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों द्वारा किया जाता था। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भी कश्मीरी गेट की बड़ी भूमिका रही। अंग्रेजों और भारतीय सैनिकों के बीच हुए संघर्ष में यह स्थान महत्वपूर्ण युद्ध स्थल बना था। आज भी यह दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है।
अजमेरी गेट: अजमेर जाने वाले रास्ते की पहचान
अजमेरी गेट शाहजहांनाबाद के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बनाया गया था। इसका नाम राजस्थान के अजमेर शहर की दिशा में जाने वाले मार्ग के कारण पड़ा। पुराने समय में दिल्ली से अजमेर जाने वाले यात्रियों के लिए यह एक प्रमुख रास्ता माना जाता था। अजमेर उस दौर में धार्मिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर था, इसलिए दिल्ली से वहां जाने वाला मार्ग काफी व्यस्त रहता था।
लाहौरी गेट: लाहौर की दिशा से जुड़ा नाम
लाहौरी गेट का नाम भी इसी तरह दिशा के आधार पर रखा गया था। यह रास्ता लाहौर की ओर जाने वाले मार्ग की पहचान था। हालांकि पुरानी दिल्ली का लाहौरी गेट समय के साथ नष्ट हो गया, लेकिन इसका नाम आज भी इलाके और बाजार के रूप में मौजूद है। इसके अलावा लाल किले का मुख्य प्रवेश द्वार भी लाहौरी गेट कहलाता है, जिसका नाम लाहौर की दिशा की ओर होने के कारण पड़ा।
ये सिर्फ दरवाजे नहीं, इतिहास के रास्ते थे
पुरानी दिल्ली के ये गेट सिर्फ शहर में प्रवेश करने के रास्ते नहीं थे, बल्कि उस समय की भौगोलिक सोच, व्यापारिक संबंधों और यात्राओं की कहानी बताते हैं। दिल्ली से निकलने वाले रास्ते अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों को जोड़ते थे, इसलिए उनके नाम भी उन्हीं दिशाओं और मंजिलों से जुड़े रखे गए। आज भले ही इन रास्तों का स्वरूप बदल गया हो, लेकिन लाहौरी, अजमेरी और कश्मीरी गेट दिल्ली के उस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं, जब एक शहर से निकलने वाला हर रास्ता किसी दूर की मंजिल की कहानी कहता था।
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