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30 की उम्र से पहले भी हो सकता है Colon cancer, पहचानें ये 5 साइलेंट लक्षण
Harrison
6 Nov 2025 9:44 PM IST

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Lifestyle , लाइफस्टाइल; कोलन कैंसर को अक्सर “चुपके वाला रोग” कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते। आम धारणा यह है कि यह बीमारी ज्यादातर 50 साल से ऊपर के लोगों में होती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार अब यह 30 की उम्र से पहले भी तेजी से बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि शुरुआती पहचान और समय पर इलाज के लिए इसके शुरुआती संकेतों को समझना बेहद जरूरी है।
1. पाचन में लगातार बदलाव
कोलन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में पाचन तंत्र में लगातार बदलाव सबसे आम हैं। इसमें दस्त या कब्ज की समस्या लगातार बनी रहती है। कभी-कभी मल का आकार बदल जाता है या मल में खून आना शुरू हो जाता है। यदि यह समस्या दो से तीन सप्ताह तक लगातार बनी रहे, तो इसे अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है।
2. पेट में लगातार दर्द और सूजन
एक और संकेत है पेट में लगातार दर्द या सूजन। शुरुआती दौर में यह हल्का दर्द या ऐंठन के रूप में महसूस होता है, जिसे अक्सर गैस या पाचन की सामान्य समस्या समझ लिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह दर्द लगातार बना रहे और खाने के बाद भी आराम न मिले, तो डॉक्टर से तुरंत जांच कराएं।
3. अचानक वजन घटना
अगर बिना किसी खास डाइट या व्यायाम के अचानक वजन घटने लगे, तो इसे गंभीर संकेत माना जाना चाहिए। कोलन कैंसर के कारण शरीर में पोषण का सही अवशोषण नहीं हो पाता, जिससे वजन तेजी से घट सकता है।
4. लगातार थकान और कमजोरी
रक्ताल्पता या एनीमिया के कारण थकान और कमजोरी भी शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। जब शरीर में पर्याप्त खून और पोषण नहीं पहुंचता, तो व्यक्ति लगातार थका हुआ महसूस करता है। यह लक्षण अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, लेकिन अगर लंबे समय तक थकान बनी रहे, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
5. मल में खून या धब्बे
मल में खून या गहरे रंग के धब्बे भी कोलन कैंसर का संकेत हो सकते हैं। यह शुरुआती अवस्था में हल्का और अस्थायी हो सकता है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक है। खून आने के साथ ही पेट में ऐंठन या वजन घटने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत प्रोफेशनल जांच कराना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 30 साल से कम उम्र के लोगों में कोलन कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए अगर उपरोक्त लक्षण दिखें तो समय पर डॉक्टर से कॉलोनोस्कोपी या अन्य टेस्ट करवाना चाहिए। शुरुआती जांच से इलाज आसान हो जाता है और जीवन की गुणवत्ता बनी रहती है।
निवारक उपाय:
संतुलित और फाइबर युक्त आहार लें।
नियमित व्यायाम करें।
शराब और धूम्रपान से बचें।
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
अपने शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव पर ध्यान दें।
कोलन कैंसर समय पर पहचाना जाए तो सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। इसलिए “साइलेंट लक्षणों” को नजरअंदाज न करें और किसी भी शंका पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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