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Coffee से कैंसर का खतरा, अलर्ट के बाद 10 राज्यों के बाजारों से हटाया गया माल

Harrison
18 Dec 2025 6:36 PM IST
Coffee से कैंसर का खतरा, अलर्ट के बाद 10 राज्यों के बाजारों से हटाया गया माल
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Lifestyle, लाइफस्टाइल : कॉफी, जिसे दुनिया भर में करोड़ों लोग रोज़ाना पीते हैं, अब स्वास्थ्य को लेकर एक नई बहस के केंद्र में आ गई है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉफी से जुड़े संभावित कैंसर जोखिम को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिसके बाद 10 राज्यों के बाजारों से कुछ कॉफी उत्पादों को हटा दिया गया। इस कदम ने उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है और सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या कॉफी वाकई कैंसर का कारण बन सकती है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कुछ कॉफी उत्पादों में ऐसे तत्व या प्रक्रियाएं पाई गईं, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से हानिकारक माना गया। खासतौर पर यह आशंका जताई गई कि इन उत्पादों के नियमित और लंबे समय तक सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से एहतियात के तौर पर संबंधित कंपनियों और बाजार नियामकों ने दस राज्यों से इन उत्पादों को हटाने का फैसला किया।
हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई सभी कॉफी उत्पादों पर लागू नहीं होती, बल्कि केवल कुछ विशेष ब्रांड, बैच या प्रोसेसिंग तरीकों से बने उत्पादों पर ही की गई है।
कॉफी और कैंसर का संबंध क्या है?
वैज्ञानिकों के अनुसार, कॉफी अपने आप में सीधे तौर पर कैंसर पैदा करने वाला पेय नहीं है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसका सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। सबसे अहम कारण है बहुत अधिक गर्म तापमान पर कॉफी पीना। शोध बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक 65–70 डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्म पेय का सेवन करता है, तो इससे भोजन नली (एसोफेगस) को नुकसान पहुंच सकता है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकता है।
यानी समस्या कॉफी से ज़्यादा, उसे पीने के तरीके और तापमान से जुड़ी है।
किन कारणों से हटाया गया माल?
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार से हटाए गए कॉफी उत्पादों में निम्न में से एक या अधिक कारण हो सकते हैं:
गलत या अधूरी लेबलिंग
सुरक्षा मानकों का पालन न होना
प्रोसेसिंग के दौरान हानिकारक रसायनों की आशंका
उपभोक्ताओं को पर्याप्त चेतावनी न देना
इन कारणों से नियामक एजेंसियों ने एहतियातन इन उत्पादों को हटाने का निर्णय लिया।
क्या कॉफी के फायदे भी हैं?
इस पूरे विवाद के बीच यह जानना भी जरूरी है कि कई वैज्ञानिक अध्ययनों में कॉफी के फायदों का भी जिक्र किया गया है। सीमित और संतुलित मात्रा में कॉफी पीने से:
शरीर को एंटीऑक्सिडेंट मिलते हैं
थकान कम होती है और एकाग्रता बढ़ती है
कुछ मामलों में लीवर और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के जोखिम कम पाए गए हैं
यानी कॉफी पूरी तरह से हानिकारक नहीं है, बल्कि इसका असर मात्रा और आदतों पर निर्भर करता है।
उपभोक्ताओं को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कॉफी पीने वालों को कुछ अहम सलाह दी है:
बहुत गर्म कॉफी पीने से बचें, उसे थोड़ा ठंडा होने दें
दिन में जरूरत से ज्यादा कॉफी न पिएं
केवल भरोसेमंद और प्रमाणित ब्रांड ही खरीदें
अगर किसी उत्पाद को लेकर चेतावनी जारी हो, तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद करें
कॉफी से सीधे तौर पर कैंसर होने का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण फिलहाल नहीं है, लेकिन गलत तरीके से और बहुत गर्म तापमान पर इसका सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। 10 राज्यों से कॉफी उत्पादों को हटाया जाना एक एहतियाती कदम है, ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, संतुलन और सही जानकारी के साथ कॉफी का सेवन किया जाए, तो डरने की जरूरत नहीं है।
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