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माइग्रेन से बचना है तो बदलें ये आदतें, सिरदर्द की समस्या होगी कम

नई दिल्ली : सिरदर्द एक ऐसी आम समस्या है, जिससे आज के समय में बड़ी संख्या में लोग परेशान रहते हैं। महिला हो या पुरुष, कई लोग रोजाना सिरदर्द, सिर में भारीपन या आंखों के आसपास दर्द की शिकायत करते हैं। हालांकि कभी-कभार होने वाला सिरदर्द सामान्य माना जा सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार हमारी रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें ही सिरदर्द को बढ़ावा देती हैं।
सिरदर्द हर व्यक्ति में अलग-अलग तरीके से महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को सिर में हल्का दबाव या भारीपन महसूस होता है, जबकि कुछ लोगों को तेज धड़कता हुआ दर्द परेशान करता है। कई बार आंखों के पीछे चुभन जैसी समस्या भी महसूस हो सकती है। वहीं माइग्रेन से पीड़ित लोगों को अक्सर सिर के एक हिस्से में तेज दर्द होता है, जो कुछ समय के अंतराल पर बढ़ता और घटता रहता है। माइग्रेन के दौरान उल्टी जैसा महसूस होना और तेज रोशनी या आवाज से परेशानी होना भी आम लक्षण हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना सिरदर्द होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य आदतों को सुधारकर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसी पांच आदतों के बारे में, जो अक्सर सिरदर्द का कारण बनती हैं।
खाना छोड़ना या देर से खाना
कई लोग व्यस्त दिनचर्या के कारण समय पर खाना नहीं खाते या फिर लंबे समय तक भूखे रहते हैं। यह आदत शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकती है। जब लंबे समय तक खाना नहीं खाया जाता तो शरीर में ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है, जिससे सिरदर्द की समस्या शुरू हो सकती है। खासतौर पर माइग्रेन से पीड़ित लोगों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर में समय पर पौष्टिक भोजन करना जरूरी है। लंबे अंतराल तक खाली पेट रहने से बचना चाहिए और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती रहे, इसका ध्यान रखना चाहिए।
कम पानी पीना
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी सिरदर्द का एक बड़ा कारण हो सकता है। कई लोग काम में व्यस्त रहने के कारण पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते। शुरुआत में इसका ज्यादा असर महसूस नहीं होता, लेकिन धीरे-धीरे शरीर में पानी की कमी होने लगती है और सिरदर्द, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
इससे बचने के लिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी पीने की आदत डालनी चाहिए।
नींद की कमी या ज्यादा सोना
नींद का सीधा संबंध हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। कम नींद लेने से शरीर और दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है। वहीं जरूरत से ज्यादा सोना भी कई बार सिरदर्द का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को रोजाना करीब सात से आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। इसके अलावा सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन देखने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों पर दबाव पड़ता है और सिरदर्द की संभावना बढ़ सकती है।
ज्यादा तनाव लेना
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव भी सिरदर्द का एक प्रमुख कारण बन गया है। काम का दबाव, चिंता और मानसिक थकान के कारण सिर में भारीपन और दर्द महसूस हो सकता है। लगातार तनाव में रहने से शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।
तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान, हल्की एक्सरसाइज और पर्याप्त आराम मददगार हो सकते हैं।
लंबे समय तक स्क्रीन देखना
मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी का ज्यादा इस्तेमाल भी सिरदर्द को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों की थकान के कारण सिर में दर्द महसूस हो सकता है।
स्क्रीन इस्तेमाल करते समय बीच-बीच में ब्रेक लेना चाहिए। आंखों को आराम देना, सही रोशनी में काम करना और स्क्रीन से उचित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
अगर सिरदर्द लगातार रोजाना हो रहा है, दर्द बहुत तेज है, अचानक शुरू हुआ है या इसके साथ चक्कर, उल्टी, कमजोरी जैसी समस्याएं भी हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके सिरदर्द की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जा सकती है।





