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बच्चों में तेजी से बढ़ रहे सफेद दाग के मामले, जानें शुरुआती लक्षण

Tulsi Rao
9 Jun 2026 3:31 PM IST
बच्चों में तेजी से बढ़ रहे सफेद दाग के मामले, जानें शुरुआती लक्षण
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विटिलिगो (सफेद दाग) के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य
Vitiligo एक त्वचा संबंधी स्थिति है जिसमें त्वचा का रंग बनाने वाली कोशिकाएं (मेलानोसाइट्स) नष्ट हो जाती हैं या काम करना बंद कर देती हैं।
यह संक्रामक नहीं है, यानी छूने, साथ खाने-पीने या संपर्क में रहने से नहीं फैलता।
इसे आमतौर पर एक ऑटोइम्यून कंडीशन माना जाता है, हालांकि आनुवंशिक (genetic) और पर्यावरणीय कारक भी भूमिका निभा सकते हैं।
बच्चों में भी यह हो सकता है और कई मामलों में शुरुआत 10–12 वर्ष या उससे पहले की उम्र में दिखाई दे सकती है।
क्या बच्चों में इसके मामले वास्तव में बढ़ रहे हैं?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मामलों की पहचान पहले की तुलना में अधिक हो रही है, लेकिन यह कहना कि विटिलिगो तेजी से बढ़ रहा है, इसके लिए बड़े स्तर के जनसंख्या-आधारित आंकड़ों की आवश्यकता होती है। बेहतर जागरूकता और जल्दी निदान (diagnosis) भी अधिक मामलों के सामने आने का कारण हो सकते हैं।
पोषण की कमी और विटिलिगो
विटामिन B12, विटामिन D, जिंक और कॉपर की कमी कुछ रोगियों में देखी जा सकती है, लेकिन इन्हें विटिलिगो का प्रत्यक्ष कारण मानना पूरी तरह स्थापित नहीं है। ये कारक रोग की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं, परंतु अकेले इनके कारण विटिलिगो होना सिद्ध नहीं हुआ है।
शुरुआती लक्षण
आमतौर पर:
चेहरे पर
आंखों और होंठों के आसपास
हाथों की उंगलियों पर
कोहनी और घुटनों पर
पैरों पर
छोटे सफेद धब्बे दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में प्रभावित क्षेत्र के बाल भी सफेद होने लगते हैं।
इलाज के बारे में
वर्तमान में विटिलिगो का कोई सार्वभौमिक स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन कई उपचारों से त्वचा में रंग वापस लाने (repigmentation) और बीमारी की प्रगति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है, जैसे:
डॉक्टर द्वारा निर्धारित स्टेरॉयड क्रीम
इम्यूनोमॉड्यूलेटरी दवाएं
फोटोथेरेपी
नैरोबैंड यूवीबी (NB-UVB) थेरेपी
इलाज हमेशा त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से ही किया जाना चाहिए।
बच्चों और परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात
विटिलिगो से बच्चे की शारीरिक सेहत सामान्य रहती है। अक्सर सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक गलतफहमियां, आत्मविश्वास में कमी और मानसिक तनाव होती है। इसलिए:
बच्चे को भावनात्मक सहयोग दें।
स्कूल और परिवार में सही जानकारी साझा करें।
किसी भी घरेलू नुस्खे या बिना डॉक्टर की सलाह वाले उपचार से बचें।
यदि किसी बच्चे की त्वचा पर नए सफेद धब्बे दिखाई दें, तो शीघ्र किसी Dermatologist से परामर्श लेना उचित रहता है, क्योंकि शुरुआती अवस्था में उपचार अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी हो सकता है।
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