- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- सैंडल में दिखती है...
लाइफ स्टाइल
सैंडल में दिखती है पैरों की टैनिंग? घर पर ऐसे करें सुरक्षित पैडिक्योर
nidhi
26 Oct 2026 8:27 AM IST

x
लाइफस्टाइल : सैंडल पहनने पर पैरों के खुले हिस्से और पट्टियों से ढकी त्वचा के रंग में अंतर साफ दिखाई देने लगता है। धूप के संपर्क में आने से त्वचा में टैनिंग हो सकती है। इसके साथ धूल, रूखापन और एड़ियों की मोटी त्वचा पैरों को बेजान दिखा सकती है। घर पर पैडिक्योर से सफाई और मुलायमपन में मदद मिलती है, लेकिन पानी में कोई घरेलू चीज मिलाने से धूप की टैनिंग तुरंत नहीं उतरती। बेहतर देखभाल के लिए हल्की सफाई, मॉइस्चराइजर और नियमित धूप से बचाव को साथ अपनाना जरूरी है।
पानी में क्या मिलाना सही रहेगा?
घरेलू पैडिक्योर के लिए साफ टब में गुनगुना पानी लें। इसमें थोड़ी मात्रा में माइल्ड साबुन या सौम्य क्लींजर मिलाया जा सकता है। तेज खुशबू या त्वचा में जलन पैदा करने वाले उत्पादों से बचें। पैरों को लगभग पांच से दस मिनट पानी में रखें। इससे त्वचा और कठोर हिस्से कुछ नरम हो सकते हैं तथा सफाई आसान होती है। पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए। ज्यादा देर तक पैर भिगोना भी जरूरी नहीं है; लंबे समय तक पानी में रहने से रूखापन बढ़ सकता है।
टैनिंग को मैल समझकर न रगड़ें
टैनिंग केवल सतह पर जमी गंदगी नहीं है। धूप की पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आने पर त्वचा अधिक मेलानिन बनाती है, जिससे रंग गहरा दिखाई देता है। इसलिए जोर से रगड़कर त्वचा का रंग बदलने की कोशिश सही नहीं है। पैडिक्योर के बाद पैर साफ और मुलायम महसूस हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि टैनिंग समाप्त हो गई। धूप से होने वाली टैनिंग को त्वचा की प्रतिक्रिया समझें और बार-बार होने वाले संपर्क से बचाव करें।
नींबू मिलाने से पहले जानें नुकसान
नींबू या दूसरे खट्टे फलों का रस त्वचा को हल्का करने का सुरक्षित घरेलू उपाय मान लेना ठीक नहीं है। कुछ खट्टे फलों में मौजूद पदार्थ त्वचा पर लगने के बाद धूप के संपर्क में प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इससे जलन, छाले और गहरे निशान पड़ने की समस्या हो सकती है। इसलिए पैडिक्योर के पानी में नींबू डालकर टैनिंग मिटाने की कोशिश से बचना बेहतर है। खासकर पैरों में पहले से कट, दरार या संवेदनशीलता हो तो ऐसे प्रयोग परेशानी बढ़ा सकते हैं।
एड़ियों की सफाई हल्के हाथों से करें
पानी से निकालने के बाद एड़ियों के कठोर हिस्सों पर साफ प्यूमिक स्टोन या फुट फाइल बहुत हल्के हाथों से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका उद्देश्य मोटी और खुरदरी त्वचा को धीरे-धीरे समतल करना है। पैरों के ऊपरी हिस्से की टैनिंग पर एड़ी वाली फाइल न चलाएं। दर्द, लालिमा या जलन होने लगे तो तुरंत रुक जाएं। त्वचा छिल जाने तक सफाई करना नुकसानदेह है। खुले घाव या धूप से जली त्वचा पर स्क्रब और रगड़ने वाले उपकरण इस्तेमाल नहीं करने चाहिए।
साफ उपकरण और नाखूनों की देखभाल
घरेलू पैडिक्योर में टब, तौलिया, नेल कटर और दूसरे उपकरण साफ रखें। नाखूनों के आसपास की त्वचा या क्यूटिकल काटने से बचें, क्योंकि यह हिस्सा संक्रमण से सुरक्षा में भूमिका निभाता है। पैडिक्योर से ठीक पहले पैरों की शेविंग करना भी उचित नहीं है। शेविंग से बने छोटे कट संक्रमण का रास्ता बन सकते हैं। सुंदर दिखने के लिए त्वचा काटना या ब्लेड से कठोर हिस्सा हटाना आवश्यक नहीं है। सफाई के दौरान त्वचा की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
पैर सुखाकर लगाएं मॉइस्चराइजर
सफाई के बाद मुलायम तौलिये से पैर थपथपाकर सुखाएं। उंगलियों के बीच नमी न रहने दें। इसके बाद पैरों के ऊपरी हिस्से, तलवों और एड़ियों पर मॉइस्चराइजर लगाएं। रूखी एड़ियों पर रात को साधारण पेट्रोलियम जेली लगाकर सूती मोजे पहनना उपयोगी हो सकता है। उंगलियों के बीच क्रीम की मोटी परत लगाने से बचें। याद रखें कि मॉइस्चराइजर का मुख्य काम रूखापन कम करना और त्वचा में नमी बनाए रखना है; इसे तुरंत टैन हटाने वाला उपचार न समझें।
सैंडल पहनें तो पैरों पर भी सनस्क्रीन लगाएं
चेहरे और हाथों की तरह पैरों के खुले हिस्सों को भी धूप से सुरक्षा चाहिए। बाहर जाते समय ब्रॉड-स्पेक्ट्रम, पानी के प्रति प्रतिरोधी और कम से कम एसपीएफ 30 वाला सनस्क्रीन लगाएं। पैरों के ऊपरी हिस्से और टखनों को न भूलें। बाहर रहने पर लगभग हर दो घंटे में तथा पानी या पसीने के बाद उत्पाद के निर्देशों के अनुसार दोबारा लगाएं। छाया में रहना और पैरों को ढकने वाले आरामदायक जूते पहनना भी सुरक्षा का हिस्सा है।
यदि मधुमेह है, पैरों में संवेदना कम है या रक्तसंचार की समस्या है तो पैर भिगोने और कठोर त्वचा हटाने से पहले चिकित्सक की सलाह लें। गहरी दरार, खून, सूजन या लगातार दर्द को केवल पैडिक्योर से ठीक करने की कोशिश न करें। सामान्य देखभाल में भी रोज तेज स्क्रब करने के बजाय सौम्य सफाई और नियमित मॉइस्चराइजिंग बेहतर है। पैरों की त्वचा में अचानक या लगातार बढ़ते रंग परिवर्तन की स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से कारण समझना उपयोगी रहेगा।
Next Story





