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नई दिल्ली: मखाना आजकल हेल्दी स्नैक के तौर पर लोगों की पसंद बन चुका है। व्रत से लेकर रोजाना की डाइट तक, कई लोग इसे भूनकर, दूध के साथ या अलग-अलग रेसिपी में इस्तेमाल करते हैं। बाजार में मखाने की कई किस्में और अलग-अलग ग्रेड उपलब्ध हैं। ऐसे में सिर्फ उसका सफेद रंग देखकर यह तय करना सही नहीं है कि मखाना अच्छी क्वालिटी का ही है। अच्छी गुणवत्ता वाले मखाने की पहचान के लिए रंग के साथ उसकी बनावट, खुशबू, आकार, टूटे दानों की मात्रा और पैकिंग जैसी चीजों पर भी ध्यान देना जरूरी है।मखाना आमतौर पर सफेद से लेकर क्रीमी-व्हाइट रंग का दिखाई दे सकता है। इसलिए बहुत ज्यादा चमकीला और बिल्कुल एक जैसा सफेद रंग ही गुणवत्ता का पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। प्राकृतिक रंग में हल्का अंतर होना सामान्य हो सकता है। वहीं पीले, धूसर, बहुत ज्यादा काले धब्बों वाले या संदिग्ध दाग-धब्बे वाले दानों से बचना बेहतर है। गुणवत्ता जांचते समय केवल एक संकेत पर निर्भर रहने के बजाय कई चीजों को साथ में देखना ज्यादा उपयोगी होता है।
पहली चीज- रंग और साफ-सफाई जरूर देखें
मखाना खरीदते समय सबसे पहले उसका रंग और बाहरी रूप देखें। अच्छे मखाने के दाने सामान्य तौर पर साफ, सूखे और अपेक्षाकृत समान दिखाई देते हैं। उनमें बहुत ज्यादा पीलेपन, गहरे धब्बे, गंदगी, जली हुई सतह या किसी तरह की संदिग्ध परत नजर नहीं आनी चाहिए। कुछ प्राकृतिक रंग भिन्नता सामान्य हो सकती है, इसलिए केवल क्रीमी रंग देखकर उसे खराब नहीं माना जा सकता। समस्या तब है जब दानों में असामान्य दाग, फफूंद जैसे निशान या संदूषण के संकेत दिखाई दें।बहुत चमकीला सफेद रंग देखकर तुरंत यह निष्कर्ष भी नहीं निकालना चाहिए कि मखाने में कोई रसायन जरूर मिलाया गया है। घरेलू स्तर पर केवल रंग देखकर किसी खास रसायन या ब्लीचिंग की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए भरोसेमंद विक्रेता और सही पैकिंग ज्यादा महत्वपूर्ण है।
दूसरी चीज- मखाना सूखा और कुरकुरा होना चाहिए
मखाने की गुणवत्ता पहचानने का दूसरा बड़ा तरीका उसकी बनावट है। अच्छी तरह सूखा मखाना हल्का और कुरकुरा होता है। दाने हाथ में लेने पर बहुत ज्यादा नरम, चिपचिपे या नम नहीं लगने चाहिए। मखाना नमी के संपर्क में आने पर अपनी खास कुरकुराहट खो सकता है और उसकी बनावट चबाने जैसी हो सकती है। ऐसे दाने लंबे समय तक स्टोर करने में भी कमजोर साबित हो सकते हैं।घर पर एक आसान तरीका यह है कि थोड़ी मात्रा हाथ में लेकर देखें कि दाने हल्के हैं या उनमें नमी महसूस हो रही है। पैकेट को हल्का हिलाने पर बहुत ज्यादा पाउडर या टूटे हुए छोटे टुकड़े भी दिखें तो सावधानी बरतें। कुछ टूटे दाने सामान्य हो सकते हैं, लेकिन अगर पूरी पैकिंग में बड़े हिस्से में टूटे हुए टुकड़े हों, तो यह कम ग्रेड या खराब हैंडलिंग का संकेत हो सकता है।
तीसरी चीज- आकार और फूला हुआ दाना देखें
मखाने की कीमत और बाजार में उसकी ग्रेडिंग काफी हद तक आकार पर निर्भर करती है। व्यापार में 'सुटा' जैसे ग्रेड नामों का इस्तेमाल आकार बताने के लिए किया जाता है। सामान्य तौर पर बड़े और अच्छी तरह फूले हुए दाने प्रीमियम श्रेणी में रखे जाते हैं। हालांकि, अलग-अलग विक्रेता ग्रेडिंग के लिए अलग पैमाने इस्तेमाल कर सकते हैं, इसलिए केवल 'प्रीमियम', 'जंबो' या 'सुपर' जैसे शब्दों पर भरोसा करने के बजाय पैकेट में दानों का वास्तविक आकार और एकरूपता देखना बेहतर है।एक अच्छे पैकेट में बहुत ज्यादा छोटे-बड़े दानों का बेतरतीब मिश्रण नहीं होना चाहिए। अच्छी तरह फूला हुआ दाना आमतौर पर हल्का और एयरि बनावट वाला होता है। हालांकि, छोटे दाने जरूरी नहीं कि खराब या अस्वास्थ्यकर हों; वे सिर्फ अलग ग्रेड के हो सकते हैं। इसलिए कीमत तय करते समय आकार और ग्रेड में अंतर समझना जरूरी है।
चौथी चीज- पैकेट की पैकिंग, तारीख और FSSAI नंबर जरूर जांचें
अगर आप पैकेट वाला मखाना खरीद रहे हैं तो पैक की जानकारी को नजरअंदाज न करें। FSSAI के नियमों के तहत पैक्ड फूड के लेबल पर FSSAI लोगो और लाइसेंस नंबर, बैच या लॉट नंबर तथा निर्माण या पैकिंग की तारीख और एक्सपायरी/यूज-बाय जैसी जानकारी दी जानी चाहिए।पैकेट खरीदते समय यह भी देखें कि सील टूटी हुई न हो, अंदर नमी या भाप जैसी स्थिति न दिखाई दे और पैकेट पर निर्माणकर्ता या पैकर का पूरा विवरण मौजूद हो। FSSAI के अनुसार उपभोक्ता लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की जानकारी को FoSCoS के जरिए सत्यापित भी कर सकते हैं।इसके अलावा मखाने की खुशबू भी महत्वपूर्ण संकेत देती है। सामान्य मखाने में हल्की और न्यूट्रल या मामूली नटी खुशबू हो सकती है। अगर उससे सीलन, बासीपन, फफूंद या असामान्य गंध आ रही हो तो उसे खरीदने या इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है। इसी तरह दानों पर फफूंद, कीड़े या उनके निशान दिखाई दें तो वह गुणवत्ता संबंधी स्पष्ट चेतावनी है।
मखाना खरीदते समय एक और बात ध्यान में रखना जरूरी है कि महंगा मखाना हमेशा बेहतर नहीं होता। कीमत आकार, ग्रेड, प्रसंस्करण, पैकिंग और ब्रांड जैसे कई कारणों से बदल सकती है। इसलिए केवल चमकदार सफेदी या ऊंची कीमत देखकर गुणवत्ता का फैसला करना सही तरीका नहीं है।कुल मिलाकर, अच्छा मखाना चुनने के लिए चार बातें सबसे ज्यादा काम आती हैं—**रंग और साफ-सफाई, सूखापन और कुरकुरापन, आकार और फुलाव, तथा पैकेट की सही जानकारी**। केवल सफेद दिखना पर्याप्त नहीं है। प्राकृतिक रूप से क्रीमी-व्हाइट दाना भी अच्छी गुणवत्ता का हो सकता है, जबकि बहुत चमकीला या आकर्षक दिखने वाला उत्पाद जरूरी नहीं कि सबसे अच्छा हो। खरीदारी के समय कुछ मिनट इन चीजों की जांच करने से आप बेहतर गुणवत्ता वाला मखाना चुन सकते हैं और खराब या नमी से प्रभावित उत्पाद खरीदने का जोखिम कम कर सकते हैं।
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