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लाइफ स्टाइल
प्याज के छिलके पर काला पाउडर दिखे तो हो जाएं सावधान, जानें इसकी वजह
nidhi
8 Oct 2026 12:55 PM IST

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प्याज पर काली फफूंद क्यों लगती है?
नई दिल्ली: भारतीय रसोई में प्याज का इस्तेमाल लगभग हर दिन किया जाता है। सब्जी, दाल, सलाद और कई तरह के व्यंजनों में प्याज स्वाद बढ़ाने का काम करता है। लेकिन कई बार बाजार से लाए गए प्याज के छिलकों पर काले धब्बे या काले रंग का पाउडर दिखाई देता है। कुछ लोगों को लगता है कि यह सामान्य मिट्टी या धूल है, जबकि कई लोग ऐसे प्याज को खराब समझकर फेंक देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर प्याज पर दिखाई देने वाले ये काले निशान क्या हैं और क्या ऐसे प्याज का सेवन करना सुरक्षित है?
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज की सतह पर दिखाई देने वाले काले पाउडर जैसे निशान अक्सर फफूंद के कारण होते हैं। इस फफूंद को एस्परजिलस नाइजर (Aspergillus niger) कहा जाता है। यह एक सामान्य प्रकार का फंगस है, जो मिट्टी और वातावरण में पाया जाता है। नमी और अनुकूल तापमान मिलने पर यह प्याज की बाहरी परतों पर विकसित हो सकता है।
प्याज पर क्यों दिखाई देते हैं काले धब्बे?
प्याज पर काले निशान पड़ने की एक प्रमुख वजह फंगल संक्रमण हो सकता है। जब प्याज को लंबे समय तक गर्म, नम या ऐसी जगह पर रखा जाता है जहां हवा का आवागमन कम होता है, तो फफूंद विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज के बाहरी छिलकों पर काले रंग का पाउडर जमा हो सकता है। कई बार यह पाउडर छिलकों के बीच भी दिखाई देता है। प्याज के परिवहन और भंडारण के दौरान नमी का स्तर बढ़ने से भी ऐसी समस्या पैदा हो सकती है।
हालांकि, हर काला निशान फफूंद ही हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ निशान मिट्टी, सूखे छिलके या बाहरी सतह के रंग बदलने के कारण भी हो सकते हैं। इसलिए प्याज का इस्तेमाल करने से पहले उसकी स्थिति को ध्यान से देखना चाहिए।
क्या काले धब्बों वाला प्याज खाना सुरक्षित है?
अमेरिकी कृषि विभाग की खाद्य सुरक्षा एवं निरीक्षण सेवा (USDA-FSIS) के अनुसार, यदि काली फफूंद बहुत कम मात्रा में केवल प्याज की बाहरी परतों तक सीमित है, तो प्रभावित परतों को हटाकर और प्याज को ठंडे बहते पानी में धोकर उसका स्वस्थ हिस्सा इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेकिन यदि प्याज की अंदरूनी परतों में भी फफूंद दिखाई दे रही है, प्याज मुलायम हो गया है या उसमें से असामान्य दुर्गंध आ रही है, तो उसे फेंक देना अधिक सुरक्षित है।
फफूंद से एलर्जी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। USDA के मुताबिक, जिन व्यक्तियों को एस्परजिलस नाइजर से एलर्जी है, उन्हें ऐसी फफूंद लगे प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
इन संकेतों को देखकर तुरंत फेंक दें प्याज
कई बार प्याज बाहर से सामान्य दिखाई देता है, लेकिन काटने पर उसकी अंदरूनी परतें खराब मिलती हैं। अगर प्याज के अंदर काले, हरे या दूसरे रंग की फफूंद दिखाई दे रही हो, तो उसका सेवन करने से बचना चाहिए।
इसी तरह प्याज का बहुत ज्यादा नरम होना, चिपचिपापन, पानी निकलना या सड़न जैसी गंध आना खराब होने का संकेत हो सकता है। ऐसे प्याज को केवल धोकर या पकाकर सुरक्षित मान लेना सही नहीं है।
कुछ फफूंद खाद्य पदार्थों में ऐसे विषैले पदार्थ पैदा कर सकती हैं, जो केवल पकाने से जरूरी नहीं कि समाप्त हो जाएं। इसलिए ज्यादा खराब या अंदर तक फफूंद लगे प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
काले निशान दिखाई दें तो क्या करें?
यदि प्याज की बाहरी सूखी परत पर हल्की मात्रा में काली फफूंद दिखाई दे और अंदर का प्याज पूरी तरह सख्त और सामान्य हो, तो पहले प्रभावित बाहरी परतों को सावधानीपूर्वक हटा दें।
इसके बाद प्याज को साफ बहते पानी में अच्छी तरह धो लें। प्याज काटने के बाद उसकी अंदरूनी परतों की भी जांच करें। यदि कहीं सड़न या फफूंद दिखाई देती है, तो पूरे प्याज को फेंक देना बेहतर है। प्याज को सूंघकर फफूंद की जांच करने से बचना चाहिए, क्योंकि फफूंद के बीजाणु सांस संबंधी परेशानी पैदा कर सकते हैं।
प्याज को खराब होने से कैसे बचाएं?
प्याज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही तरीके से भंडारण करना जरूरी है। साबुत सूखे प्याज को ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखना चाहिए। प्याज को गीली जगह या ऐसे बंद प्लास्टिक बैग में रखने से बचना चाहिए, जहां नमी जमा हो सकती है। इसके बजाय जालीदार टोकरी या हवा आने-जाने वाले कंटेनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्याज खरीदते समय भी उसकी स्थिति देखना जरूरी है। बहुत ज्यादा नरम, चोट लगे हुए या फफूंद से ढके प्याज खरीदने से बचना चाहिए। भंडारण के दौरान समय-समय पर प्याज की जांच करनी चाहिए और खराब प्याज को बाकी प्याज से अलग कर देना चाहिए।
सेहत के लिए क्यों जरूरी है सावधानी?
फफूंद लगे खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। कुछ फफूंद एलर्जी और सांस संबंधी समस्याओं से जुड़ी हो सकती हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि प्याज को केवल उसके बाहरी रंग के आधार पर सुरक्षित या असुरक्षित नहीं माना जाना चाहिए। उसकी बनावट, गंध और अंदरूनी परतों की स्थिति भी देखनी चाहिए। इसलिए अगली बार प्याज पर काले निशान दिखाई दें, तो घबराने के बजाय पहले उसकी अच्छी तरह जांच करें। यदि फफूंद केवल बाहरी सूखी परत पर सीमित है, तो उसे हटाकर स्वस्थ हिस्से का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अंदर तक संक्रमण या सड़न होने पर प्याज को फेंक देना ही सुरक्षित विकल्प है।
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